क्या रविश कुमार ने मुस्लिमों से भाजपा और आरएसएस की आलोचना बंद करने की भावुक अपील की ? जानिये सच |

False National Political
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२४ मई २०१९ को फेसबुक पर ‘Mehrun N Zulfiqar’ नामक एक यूजर द्वारा जानेमाने पत्रकार रविश कुमार के बारे मे एक पोस्ट साझा किया गया है | पोस्ट का विवरण इस प्रकार है – नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार ने मुस्लिम भाइयों से भावुक अपील की है। अपनी अपील में उन्होंने कहा कि आप लोग भाजपा और आरएसएस की आलोचना करना बंद कर दें। आपका विरोध करना ही उनकी ताक़त है। वैसे भी जम्मू-कश्मीर को छोड़कर न तो तुम्हें कहीं का मुख्यमंत्री बनना है और न ही प्रधानमंत्री। जिनको सत्ता लेनी है, वो अपने आप आरएसएस, भाजपा की काट कर लेंगे।
आपके विरोध करने की वजह से ही भाजपा 18 फीसदी मुस्लिमों का भय दिखाकर 80 फीसदी हिन्दुओं का वोट अपने पाले में लाने में सफल रहती है और पूरे खेल के संचालक तो असल में 3 फीसदी ही हैं। उन्होंने कहा कि आपको जिस किसी भी पार्टी को वोट देना है दो, जिसका समर्थन करना है करो पर भूलकर भी भाजपा, आरएसएस और मोदी का विरोध मत करो।
भूल जाओ की आरएसएस नाम का कोई संगठन भी है।
भूल जाओ की भाजपा कोई पार्टी है। भूल जाओ कि मोदी कोई नेता है। आपकी यही दशा रही तो कुछ साल में आप राजनीतिक तौर पर अछूत बना दिए जाओगे, फिर न तो आपको कांग्रेस पूछेगी, न भाजपा, न सपा और न बसपा। जिस मीम और ओवैसी का आप अंध समर्थन कर रहे हो उसको चुनाव में हिस्सा तभी तक लेने दिया जायेगा जब तक की भाजपा को उनके चुनाव लड़ने से फायदा हो रहा है।
जिस दिन भाजपा को लगेगा कि अब इनके चुनाव लड़ने से उसे नुकसान हो रहा है उसी दिन मीम पर पाबंदी लगा दी जायेगी जैसे की पहले 30-40 साल तक पाबन्दी लगी थी। तुम केवल आधुनिक, वैज्ञानिक शिक्षा पर ध्यान दो, इतने अंक लाओ कि बिना आरक्षण के ही तुम सरकारी नौकरियां हासिल कर सको।
आजादी से पहले भारत में मुसलमानों की आबादी 35 फीसदी थी और 35 फीसदी सरकारी नौकरियों पर मुसलमानों का कब्जा था, उस समय यह आरक्षण जैसी कोई व्यवस्था भी नही थी। जो उस मुकाम तक पहुंचते थे वो अपनी काबिलियत के दम पर ही पहुंचते थे और जो आप दीनी इदारों में जकात, खैरात का पैसा देते हैं बेहतर होगा कि ऐसे इदारों में भी जकात, खैरात का पैसा दो जो आपकी शिक्षा और रोजगार के लिए काम करे। यदि ऐसे इदारे नही हैं तो बनाइये।
याद रखिये इस समय कम्पटीशन का जमाना है और आप हर क्षेत्र में पिछड़ रहे हैं, किसी भी तरह की सरकारी मदद का भरोसा छोड़ दीजिये। जो करना है आप अपने दम पर कीजिये। बाकी ख़ुदा मालिक है।

इस पोस्ट द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि रविश कुमार ने मुस्लिमों को RSS और BJP की आलोचना बंद करने की भावुक अपील की | क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:  

ARCHIVED LINK

संशोधन से पता चलता है कि

हमने सबसे पहले उपरोक्त पोस्ट मे किये गए दावे को गूगल मे ‘ravish kumar appeal to the muslims’ की वर्ड्स से ढूंढा, तो हमें जो परिणाम मिले वह आप नीचे देख सकते है |

संशोधन मे मिले इस फेसबुक के लिंक पर हमें उपरोक्त पोस्ट से समान २९ मार्च २०१८ का एक पोस्ट मिला |

इस पोस्ट मे ‘siasat.com’ ने उपरोक्त दावे पर एक ख़बर दी है, जिसमे पिछले साल का भी यही दावा था |  

SiasatPost | ArchivedLink

YouTube’ पर भी इस बारे मे ३० मार्च २०१८ का एक विडियो मिला |

इसपर और संशोधन करने पर हमें ‘sabrangindia’ द्वारा दी गयी एक ख़बर मिली |

यह ख़बर ३० मार्च २०१८ की थी जिसमे भी उपरोक्त दावे के बारे मे लिखा था | साथ ही यह भी लिखा था कि उन्होंने जब रविश कुमार से इस बारे मे बात की तो उन्होंने यह बात ख़ारिज कर दी यह कहकर कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है |

SabrangindiaPost | ArchivedLink

इसके बाद हमने रविश कुमार से email द्वारा इस विषय पर संपर्क साधा है, मगर अभी तक उनसे कोई भी जवाब नहीं आया | जब हमने जवाब नहीं मिलने पर NDTV के ऑफिस मे फोन किया तो हमें बताया गया कि रविश कुमार छुट्टी पर हैं | इस बात पर जैसे ही हमें जबाब मिलता है, हम इस पोस्ट को अपडेट कर देंगे |  

हमारे संशोधन से हमें पता चला कि, उपरोक्त दावा सिर्फ़ अफ़वाह व भ्रम पैदा करने के लिए साझा किया जा रहा  है |

जांच का परिणाम : इस संशोधन से यह स्पष्ट होता है कि, उपरोक्त पोस्ट में किया गया दावा की, “रविश कुमार ने मुस्लिमों को RSS और BJP की आलोचना बंद करने की भावुक अपील की |” ग़लत है | रविश कुमार ने मुस्लिमों से ऐसी कोई भी भावुक अपील नहीं की है |

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Title:क्या रविश कुमार ने मुस्लिमों से भाजपा और आरएसएस की आलोचना बंद करने की भावुक अपील की ? जानिये सच |

Fact Check By: Nita Rao 

Result: False


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