चीतों को भारत लाने किए विमान पर चीते की डिजाईन नहीं बनाई गई थी; पुराना फोटो वायरल

False Social

भारत में 70 साल बाद चीतों की वापसी हुई। नामीबिया से आठ चीतों को विशेष विमान से देश में लाया गया। इस खबर के साथ सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने चीतों को भारत लाने के लिए चीते की डिजाईन से सजा विमान बनाया गया है। तस्वीर के साथ यूजर्स ने देश की आर्थिक व्यवस्था और मोदी के खर्च पर सवाल खड़े किया हैं।

वायरल पोस्ट के साथ एक यूजर्स ने लिखा है – इसी विमान से आएँगे प्रधानमंत्री Narendra Modi के जन्मदिन पर नमिबीया से चीते। इस विमान को भी चीते की शक्ल का बनाया गया है।

फेसबुक । आर्काइव

वायरल पोस्ट को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहै है। जिसे यहां, यहां, यहां परक देख सकते हैं। 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

वायरल तस्वीर को रिवर्स इमेज करने पर तस्विर हमें साइबेरियन टाइमस पेज पर मिली। जो कि 25 जून 2015 को प्रकाशित किया गया है। खबर के अनुसार  विमान को वास्तव में 2015 में रूसी एयरलाइन ट्रांसएरो द्वारा बनाया गया था। यह तस्वीर बोईंग 747-400 विमानों में से एक पर बनाई गई थी।

विमान में एक साइबेरियन टाइगर (अमुर टाइगर) का चेहरा बनाया गया है, जो दुनिया में सबसे लुप्त प्राय बाघों में से एक है। पेंटिंग के पीछे का उद्देश्य जानवरों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। 

इस विमान की पहली उड़ान जून 2015 में मास्को वनुकोवो हवाई अड्डे पर हुई थी। 

हालाँकि, ट्रांसएरो 2015 में ही बैंकरप्ट हो गया था, जिसके कारण विमान का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया गया था। 2021 में विमान को एक्वाइलिन इंटरनेशनल ने खरीदा, लेकिन यहां पर भी इसका कोई उपयोग नहीं किया गया था।

फिर इस साल मार्च में, यूरोपीय देश मोल्दोवा के टेरा एविया ने एक्वीलाइन से जंबो जेट किराए पर लिया, और आखिरकार सात साल बाद इस विमान का इस्तमाल किया गया था। 

इससे साफ होता है कि चितों को भारत लाने के लिए विमान को अलग से तैयार करने का दावा गलत है। सात साल पहले से ही यह विमान बनाया गाया है। 

आगे बढ़ते हुए हमें डीडी इंडिया न्यूज की खबर मिली। प्रकाशित खबर के  इंटरवियु में एक्वाइलिन इंटरनेशनल के सीईओ ने कहा कि यह विमान उनके कंपनी का है। चितों को लाने के लिए विमान के इकोनॉमी सीटों को हटाया गया है।  

चीतों के पिंजरों को रखने के लिए सभी इकोनॉमी क्लास सीटों को हटा दिया गया था। विमान को दुबई स्थित एक्शन एविएशन द्वारा चीता ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट के लिए व्यवस्थित किया गया था। और चीते सही सलामत भारत पहुंचे इस बात का खास ध्यान रखा गया था।

नामीबिया से एक विशेष विमान चीतों को ग्वालियर के महाराजा एयरपोर्ट लेकर पहुंचा। यहां से सेना के तीन विशेष हेलीकॉप्टर चिनूक सभी आठ चीतों को लेकर कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। इस की अन्य तस्वीर हमें डीडी न्यूज के ट्विटर अकाउंट पर मिला। 

टाइगर के चेहरे वाले अन्य विमान

ट्रांसएरो विमान के बाद एक और बोइंग 747 को बाघ के चेहरे से रंगा गया था। इसके साथ ही रोसिया एयरलाइंस के बोइंग 777 पर एक अमूर तेंदुए का चेहरा चित्रित किया गया है। 

भारत पहुंचे 8 चीता

नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के मौके पर नामीबिया से मंगवाए चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा। नामीबिया से लाए गए चीतों को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया। अभी दो तीन महीने तक चीतों पर खास वन्यजीव विशेषज्ञ विशेष नजर रखेंगे । इसके बाद इन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा। 

निष्कर्ष-

तथ्यों की जांच के पश्चात हमने पाया कि चीतों को भारत लाने के लिए एक विमान पर चीते की डिजाईन का बनाये जाने की खबर भ्रामक है। यह विमान 2015 से तैयार किया गया है।

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Title:चीतों को भारत लाने किए विमान पर चीते की डिजाईन नहीं बनाई गई थी; पुराना फोटो वायरल

Fact Check By: Saritadevi Samal 

Result: False

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