ये वीडीयो छेड़छाड़ से सम्बंधित है, इसका नये परिवहन नियमो से कोई सम्बंध नहीं है।

False National Social
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८ सितम्बर २०१९ को फेसबुक पर ‘Amit Jat’ नामक फेसबुक यूजर ने एक वीडियो साझा किया है, इस वीडियो में पुलिस दो युवकों को पुलिस थाने के अंदर डंडे से मारते हुए दिख रही है | इस पोस्ट के विवरण में लिखा है कि, अगर आपने हेलमेट नहीं लगाया तो इन पुलिस वालों को मारने का अधिकार किसने दिया इस पोस्ट के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि, ‘यह वीडियो पुलिस द्वारा हेलमेट ना पहनने के लिए किये गए अत्याचार का है |’

क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले InVidTool की मदद से इस वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर जब यांडेक्स इमेज सर्च किया, तो हमें ‘MyNation’ नामक एक समाचार वेबसाइट पर २३ जून २०१९ को प्रकाशित एक ख़बर व वीडीयो मिला | ख़बर के मुताबिक, यह घटना कर्नाटक के कोडागु जिले का है | वीडियो में दिखने वाले दोनों युवकों को पास के एक कॉलेज की लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने के जुर्म में पुलिस उन्हें मार रही है | पूरी ख़बर को पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

Mynation.comPost | ArchivedLink

इस बात की पुष्टि करने के लिए हमने कोडागु की SP श्रीमती सुमन ड. पेन्नेकर IPS से संपर्क साधा, तो उन्होंने हमें बताया कि – 

हिंदी में अनुवाद : “ये लड़के केरल के थे और यह पुलिस स्टेशन केरल की सीमा के पास है | वहां एक आउटपोस्ट है और एक एएसआई उस आउटपोस्ट का नेतृत्व करता है, उस क्षेत्र में कोई इंस्पेक्टर या सब-इंस्पेक्टर नहीं है | उन्हें इस बारे में स्कूल के प्रधानाचार्य से जानकारी मिली कि ये लड़के वहां स्कूल का चक्कर लगा रहे थे और स्कूल में लड़कियों को छेड़ रहे थे | इस दौरान, स्थानीय भीड़ और वहाँ मौजूद शिक्षकों ने लड़कों को मारा और लड़कों को पुलिस के पास सौंप दिया गया, लोगों को भी  पुलिस से इन लड़कों को एक अच्छा सबक सिखाने की उम्मीद थी | इस कारण से, एएसआई ने अपने कर्मचारियों के साथ इन लड़कों को दो-चारडंडे लगाये, क्योंकि जिन लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की गयी थी, वे नाबालिक थी | चूंकि इस मुद्दे पर किसी ने भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी, इसलिए एक याचिका दायर की गई, जिसके आधार पर मामले को संभाला गया था | लेकिन यह निश्चित रूप से पुलिस द्वारा हेलमेट नहीं पहनने के कारण युवाओं की पिटाई का मामला नहीं है | इस मुद्दे पर लड़कों से स्वीकारोक्ति ली गई थी कि वे इसे दोबारा नहीं दोहराएंगे और साथ ही युवकों से एक माफ़ीनामा भी लिखवाया गया था  |”

इसके अलावा हमें ‘NewsS9’ नामक एक समाचार चैनल के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट द्वारा किया गया २३ जून २०१९ का ट्वीट मिला, जिसमें उपरोक्त पोस्ट से हुबहू मिलता वीडियो प्रकाशित कर कहा गया कि यह लड़के छेड़छाड़ करने के वजह से पुलिस से मार खा रहे हैं |

TwitterPost | ArchivedLink 

इस अनुसंधान से यह बात स्पष्ट होती है कि पोस्ट में साझा वीडियो २२ जून २०१९ को कर्नाटक के कोडागु जिले की घटना है, जब यह लड़के नाबालिक लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने की वजह से पकड़े गए थे | हेलमेट नहीं पहनने का से इस वीडियो से कोई संबंध नहीं है | यह वीडियो गलत विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है | 

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा ‘यह वीडियो पुलिस द्वारा हेलमेट ना पहनने के लिए किये गए अत्याचार का है |’ ग़लत है |

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Title:ये वीडीयो छेड़छाड़ से सम्बंधित है, इसका नये परिवहन नियमो से कोई सम्बंध नहीं है।

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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