२०१७ को श्रीनगर में हुए दंगे के वीडियो को वर्तमान का बताकर फैलाया जा रहा है |

False National Social
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२७ अगस्त २०१९ को हमारे whatsapp नंबर 9049053770 पर हमारे एक पाठक श्री रनधीर सिंह द्वारा एक फेसबुक का लिंक भेजा गया व हमसे इसकी सत्यता जाँचने का निवेदन किया गया |

लिंक पर क्लिक करते ही हमें फेसबुक पर ‘Think Media official‘ द्वारा २६ अगस्त २०१९ को साझा किया गया एक वीडियो मिला | इस वीडीयो में पुलिसकर्मी कुछ लोगों पर गोली चलाते दिख रहे हैं, इस पोस्ट के विवरण में उर्दू में लिखा है कि, “जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति |” 

वर्तमान में सरकार द्वारा कश्मीर से अनुच्छेद ३७० हटाने को लेकर सोशल मंचों पर कई प्रकार के दावे हो रहे हैं, इस पोस्ट में कश्मीर की मौजूदा स्तिथी के चलते यह दावा किया जा रहा है कि – ‘वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में दंगे हो रहे हैं और पुलिस गोली चला रही है |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने इस वीडियो का बारीकी से आँकलन किया तो हमने इस वीडियो में ‘RUPTLY’ वाटरमार्क लिखा पाया | जब हमने गूगल पर ‘RUPTLY’ कीवर्ड्स को ढूंढा, तो हमने पाया कि यह एक पुरस्कार विजेता अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी है | YouTube पर इस समाचार एजेंसी द्वारा प्रसारित सारे खबर के वीडीयो मौजूद है और इन वीडीयो में ‘RUPTLY’ वॉटरमार्क का इस्तेमाल किया गया है |

जब हमने YouTube पर Ruptly द्वारा प्रकाशित ख़बरों को ढूंढा, तो हमें १५ मई २०१७ को प्रसारित इस खबर का वीडियो मिला | यह वीडियो उपरोक्त वीडियो से हूबहू मिलता है | इस वीडियो के विवरण में लिखा है – Clashes broke out between police and protesters outside a college campus in Srinagar, Kashmir, Monday. Police used tear gas, stun grenades and rubber bullets to repel protesters, who in turn retaliated with volleys of rocks and canisters that were originally fired by the police.

हिंदी में अनुवाद : कश्मीर के श्रीनगर में एक कॉलेज परिसर के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सोमवार को झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस, अचेत हथगोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया, जिन्होंने बदले में चट्टानों और कनस्तरों से हमला किया जो मूल रूप से पुलिस द्वारा चलाई गयी थी |

Old video of Kashmir being shared as present situation from Fact Crescendo on Vimeo.

जब हमने इस घटना पर गूगल पर ‘Protest by students in Srinagar’ कीवर्ड्स से ढूंढा, तो हमें कई समाचार वेबसाइट में यह खबर प्रकाशित मिली | इन ख़बरों के अनुसार, एस पी कॉलेज के छात्रों ने डिग्री कॉलेज पुलवामा में १७ अप्रैल २०१७ को घटी एक घटना के दौरान सुरक्षा बलों की “उच्चता” के खिलाफ कॉलेज से विरोध रैली निकाली थी । छात्रों ने एम ए रोड की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस द्वारा रोकने पर दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्तिथी हो गयी व छात्रों को तितर बितर करने के लिए पुलिस को ये क़दम उठाना पड़ा| इस घटना से जुड़ी ख़बरों को पूरा पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें | 

FreepresskashmirPost | ArchivedLinkMumbaimirror.indiatimesPost | ArchivedLinkDeccanheraldPost | ArchivedLink

इस अनुसंधान से यह बात स्पष्ट होती है कि पोस्ट में साझा उपरोक्त वीडीयो १५ मई २०१७ को श्रीनगर में छात्रों द्वारा किये गए विरोध का है | इस विरोध में हालात बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस, अचेत हथगोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल करना पढ़ा था | यह वीडीयो लगभग दो साल पुराना है और इसका वर्तमान कश्मीर से कोई सम्बंध नहीं है| यह वीडियो गलत विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है |

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा “वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में दंगे हो रहे हैं और पुलिस गोली चला रही है |” ग़लत है |

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Title:२०१७ को श्रीनगर में हुए दंगे के वीडियो को वर्तमान का बताकर फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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