भा.ज.पा सांसद रमेश बिधूड़ी ने किसानों को गाली नहीं दी, “ठलवा” शब्द को गाली बता वायरल किया जा रहा है।

False Social
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वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन के चलते सोशल मंचो पर गलत व भ्रामक दावों के साथ कई वीडियो व तस्वीरें वायरल होती चली आ रही है। ऐसे कई वीडियो व तस्वीरों का अनुसंधान फैक्ट क्रेसेंडो ने किया है। इन दिनों इंटरनेट पर एक वीडियो काफी तेज़ी से साझा किया जा रहा है, उस वीडियो में आप एक राजनेता को भाषण देते हुए देख सकतें है, वीडियो में आपको भा.ज.पा के झंडे भी दिखेंगे। वीडियो के साथ जो दावा वायरल हो रहा है, उसके मुताबिक भाषण में भा.ज.पा के सांसद रमेश बिधूड़ी ने किसानों को गाली दी।

वायरल हो रहे वीडियो के शीर्षक में लिखा है, 

भाजपा के सांसद ने किसानों और पंजाबियों को दिया गाली। ‘मुफ्त में खाने को मिल रहा है, पीने को पानी मिल रहा है, सोने के लिए रजाई मिल रहा है। “वह जो किसान बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं सब के सब भ*** हैं” बीजेपी के सांसद रमेश बिधूड़ी
क्या सांसद जी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी?”

फेसबुक | आर्काइव लिंक

इस वीडियो को सोशल मंचो पर काफी फैलाया जा रहा है।

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रहे वीडियो को गलत संदेश के साथ वायरल किया गया है। वीडियो में भा.ज.पा सांसद रमेश बिधूड़ी किसानों को गाली नहीं दे रहे है। जिस शब्द को सोशल मंच उपभोक्ताओं ने गलत समझा वह शब्द असल में “ठलवे” है।

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रहे दावे को गूगल पर कीवर्ड सर्च के ज़रिये कि, नतीजन हमें इंटरनेट पर कई समाचार लेख मिले जो इस बात की पुष्टि कर रहे थे कि भा.ज.पा सांसद रमेश बिधूड़ी ने उसकी सभा में किसानों को गाली दी है।

कोहराम खबरआर्काइव लिंक
नवोदय टाइम्सआर्काइव लिंक

इसके बाद अधिक कीवर्ड सर्च करने पर हमें कुछ समाचार संस्था व नेता के ट्वीट भी मिले जो वायरल हो रहे दावे को सच करार कर रहे है।

न्यूज़24 | आर्काइव लिंक

ट्वीट | आर्काइव लिंक

तदनंतर वायरल हो रही खबर सच है या झूठ, इस बात की पुष्टि करने हेतु हमने भा.ज.पा के सांसद रमेश बिधूड़ी के दफ्तर के समन्वयक अनुज बिधूड़ी से संपर्क किया तो उन्होंने वायरल हुए दावे को झुठलाते हुए कहा कि, “वायरल हो रहा दावा सरासर गलत व भ्रामक है। अगर आप वायरल हो रहे वीडियो को देखोगे व ध्यान से सुनोगे तो आपको पता चलेगा कि रमेश बिधूड़ी ने कुछ भड़वे नहीं  बोला बल्की कुछ ठलवे बोला है। इस मुद्दे पर प्रेस कांफरेन्स भी हुई है जिसमें रमेश बिधूड़ी साहब ने अपना स्पष्टिकरण दे दिया है। रमेश बिधूड़ीजी के फेसबुक पर भी प्रेस कांफरेन्स का वीडियो प्रसारित किया गया है। जो गाँव के लोग होते है जिनको कोई काम नहीं होते और वे खाली होते है, उन्हें ठलवे कहते है। वायरल हो रहे वीडियो को लोगों ने एडिट भी किया हुआ है, एम.पी साहब कह रहे है, कुछ किसान है बोर्डर पर, सारे लोग वहाँ किसान नहीं है, वायरल वीडियो में लोगों ने कुछ शब्द को हटा दिया है।“

अनुज बिधूड़ी ने यह भी कहा कि, “रमेश बिधूड़ी पद यात्रा कर रहे है सारे गाँव में, दिल्ली के अंदर 365 गाँव है। बिधूड़ी साहब खुद एक किसान है, उनके पिताजी और दादाजी भी किसान थे, और वे किसानों का दर्द भली भाती समझते है इसलिए वे किसानों को कुछ गलत कह ही नहीं सकते।“

तत्पश्चात हमने भा.ज.पा नेता रमेश बिधूड़ी के फेसबुक अकाउंट को खंगाला व हमें वहाँ वायरल हो रहे वीडियो का मूल वीडियो मिला। यह वीडियो 17.07 मिनटों का है जिसमें से वायरल हो रहे वीडियो को आप 16.20 मिनट से लेकर आखिर तक देख सकते है। इस मूल वीडियो को ध्यान से सुनने पर हम कह सकते है कि सांसद रमेश बिधूड़ी ने गाली नहीं बल्की ठलवा कहा है।

उपरोक्त वीडियो के शीर्षक में लिखा है, “जो विपक्षी दल आज बिल का विरोध कर रहे हैं उनके अगर पिछले चुनाव के घोषणा पत्र उठा लिए जाएं तो उनमें इन्हीं सुधार कानूनों का जिक्र मिलेगा, वो केवल घोषणा करते थे मोदी सरकार ने यह कर दिखाया| कालकाजी विधानसभा में यात्रा समाप्ति के दौरान सम्बोधन करते हुए।#ModiWithFarmers।”

आर्काइव लिंक

जाँच के दौरान हमें रमेश बिधूड़ी के फेसबुक पेज पर एक और वीडियो मिला जिसमें वे स्पष्टिकरण दे रहे है कि उन्होंने ठलवे शब्द का इस्तेमाल किया था। इस वीडियो में आप उनके स्पष्टिकरण को 2.29 मिनट से लेकर 3.30 मिनट से लेकर देख सकते है।

आर्काइव लिंक

उपरोक्त वीडियो का लिंक हमें अनुज बिधूड़ी ने भी दिया था।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया है कि उपरोक्त दावा गलत व भ्रामक है। वायरल हो रहे वीडियो को गलत संदेश के साथ वायरल किया गया है। वीडियो में भा.ज.पा सांसद रमेश बिधूड़ी किसानों को गाली नहीं दी। जिस शब्द को सोशल मंच उपभोक्ताओं ने गलत समझा वह शब्द असल में “ठलवे” है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. मज़ाक के तौर पर बनाए गये वीडियो को सांप्रदायिकता से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।

२. मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी का मुखौटा पहने भा.ज.पा कार्यकर्ता की पिटाई का वीडियो बिहार चुनाव प्रचार का बता वायरल किया जा रहा है।

३. डॉक्टर देवेंद्र शर्मा द्वारा पूर्व में किये अपराधों को वर्तमान कोरोना महामारी से जोड़ फैलाया जा रहा है।

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Title:भा.ज.पा सांसद रमेश बिधूड़ी ने किसानों को गाली नहीं दी, “ठलवा” शब्द को गाली बता वायरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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