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यह चित्र हमने BangaloreBuzz के वेबसाइट से प्रतिनिधित्व हेतु लिया है। इस चित्र का नीचे दिए लेख के साथ कोई सम्बन्ध नहीं है ।

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के एक भाग स्वरूप बालिकाओं के लिए शुरू की गई एक छोटी जमा योजना है सुकन्या समृद्धि योजना । जब शुरू कि गई तब इस योजना में १००० रूपए से खाता खोला जा सकता था | अब नये नियमो के अनुसार अब यह राशी घटाकर २५० रूपए की गई है । इस योजना का वर्तमान में ८.१ प्रतिशत ब्याज दर है और आयकर अधिनियम, १९६१ की धारा ८० सी के तहत आयकर लाभ प्रदान करता है व स्कीम में रिटर्न टैक्स फ्री है । ८ फरवरी २०१९ को  लाइव बवाल  के वेबसाइट द्वारा किये गए पोस्ट को फेसबुक पर काफ़ी लाईक बी कमेन्ट मिली साथ ही काफ़ी साझा भी किया जा रहा है । खबर के हैडलाइन मे यह लिखा गया है कि ‘‘बेटी के नाम पे अब सिर्फ २५० रुपए करिए खर्च…बेटी की पढाई और शादी का पूरा खर्चा सरकार देगी”आर्काइवलिंक

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क्या वास्तव मे भारत सरकार उठाने वाली है हमारे बेटियों की पढाई व शादी का खर्चा?
जी नहीं ।
लाइव बवाल  के वेबसाइट द्वारा अपलोड किये गए पोस्ट कि हैडलाइन ‘‘बेटी के नाम पे अब सिर्फ २५० रुपए करिए खर्च… बेटी की पढाई और शादी का पूरा खर्चा सरकार देगी” गलत है। यह योजना बेटी की पढाई व शादी मे मदद करने के लिए लाई गयी है | इसीलिए सरकार के द्वारा पूरा खर्चा उठाने का दावा गलत है। कैसे? आगे पढ़े –

EconomicTimes

सुकन्या समृद्धि खाता (गर्ल चाइल्ड प्रॉस्पेरिटी अकाउंट) भारत सरकार की एक समर्थित बचत योजना है, जो बालिकाओं के माता-पिता के लिए लक्षित है। योजना लड़की की माता-पिता को भविष्य की शिक्षा और उनकी महिला बच्ची की शादी के खर्च के लिए एक फंड बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।

भारत का राष्ट्रीय पोर्टल

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत एकाउंट किसी बालिका के जन्म लेने के बाद १० साल से पहले की उम्र में कम से कम २५० रुपये के जमा के साथ खोला जा सकता है। चालू वित्त वर्ष में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अधिकतम १.५ लाख रुपये जमा किये जा सकते है। योजना के तहत बेटी कि उम्र १८ साल होने पर इस खाते का आधा धन यानी ५० प्रतिशत तक राशि निकल सकते है। पूरी राशी बेटी के २५ साल पूर्ण होने पर ही मिलेगी व यदि आपकी बेटी की शादी १८ साल की उम्र मे ही जो जाती है तो आप प्री-मचुअर सुविधा के तहत पूरी राशी निकाल सकते है।
StateBankOfIndia | EconomicTimes

निष्कर्ष:

संशोधन के पश्चात यह निष्कर्ष निकलता है कि, फेसबुक पर वायरल हुए पोस्ट व लाइव बवाल के द्वारा लिखे गए कथन की हैडलाइन गलत है, हैडलाइन व वेबसाइट पर लिखे लेख का एक दूसरे से सामंजस्य नहीं है । यह योजना बालिकाओं के माता-पिता के लिए लक्षित है | इस योजना के तहत कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि भारत सरकार देश की  बेटियों की पढाई व शादी का पूरा खर्चा देगी ।

False Headline Title: बेटी के नाम पे अब सिर्फ २५० रुपए करिए खर्च…बेटी की पढाई और शादी का पूरा खर्चा सरकार देगी | क्या यह सच है?
Fact Check By: Drabanti Ghosh 
Result: False Headline

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