गुजरात के दाहोद रेलवे स्टेशन पर हुये मॉक ड्रिल के वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

False Political Social
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इंटरनेट पर अकसर मॉक ड्रिल या शुटिंग के तौर पर रिकोर्ड किये गये वीडियो को गलत व भ्रामक दावों के साथ वायरल किया जाता रहा है। ऐसे कई वीडियो की जाँच फैक्ट क्रेसेंडो ने पूर्व में भी की है। ऐसा ही वीडियो इंटरनेट पर वर्तमान में साझा किया जा रहा है, जिसमें आप कुछ पुलिसकर्मियों को दो लोगों को रेलवे स्टेशन से पकड़कर जेल में डालते हुए देख सकते है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि गुजरात के दाहोद रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने कुछ आतंकवादियों को पकड़ा है।

वायरल हो रहे पोस्ट के शीर्षक में लिखा है,

दाहोद रेलवे स्टेसन पर आतंकवादी को पकड़ा गया पुलिस द्वारा।”

फेसबुक | आर्काइव लिंक

इस वीडियो को सोशल मंचों पर काफी तेज़ी से साझा किया जा रहा है।

आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा प्रकरण गुजरात के दाहोद रेलवे स्टेशन पर हो रही रेलवे प्रोटक्शन फोर्स के मॉकड्रिल का है।

जाँच की शुरुवात हमने वायरल रहे दावे को गूगल पर कीवर्ड सर्च कर किया, परिणाम में हमें सी.बी लाइव नामक एक आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर यही वीडियो इस वर्ष 4 अप्रैल को प्रसारित किया हुआ मिला। वीडियो के शीर्षक में लिखा है, 

दाहोद रेल्वे स्टेशन पर आतंकवादी! देखिए RPF की मॉकड्रिल,” और उसके नीचे दी गयी जानकारी में लिखा है, 

“क्रेडिट कार्ड में आतंकवादी देश की सुरक्षा खासकर रेलवे को निशाना बना सकते हैं इस संभावनाओं को देखते हुए और अपनी तैयारियों को परखने के लिए रेलवे प्रोटक्शन फोर्स एनी आरपीएफ ने गुजरात के दाहोद रेलवे स्टेशन पर बम ड्रिल की स्मार्ट दिल में बकायदा रेलवे स्टेशन मास्टर की केबिन में आतंकवादियों को प्रवेश करवाया गया उनके द्वारा बंधक कथित रूप से बनवाया गया और उसके बाद कैसे आरपीएफ के कमांडो ने एक्शन लिया यह सब कुछ रिहर्सल की गई देखिए इस मॉडल को।“

आर्काइव लिंक

इसके बाद अधिक जानकारी पाने के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च किया व हमें दिव्य भास्कर द्वारा प्रकाशित एक समाचार लेख मिला जिसमें लिखा है कि गुजरात के दाहोद रेलवे स्टेशन पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यदि आतंकवादी किसी रेलवे स्टेशन पर घुसपैठ करता है और राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो घटनास्थल पर मौजूद लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। इस पर प्रदर्शन करते हुए नाटक के तौर पर पुलिस ने दो आतंकवादियों को पकड़ा था।

आर्काइव लिंक

उपरोक्त वीडियो के बारे में अधिक जाँच पाने के लिए हमने वहाँ के संदेश न्यूज चैनल के एक स्थानीय रिपोर्टर “हेमलभाई से संपर्क किया, जिन्होंने हमें बताया कि, “यह दाहोद रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस द्वारा की गई एक मॉक ड्रिल का वीडियो है। वास्तव में कोई भी आतंकवादी पकड़ा नहीं गया था। लोगों ने सोशल मंचों पर ऐसी झूठी अफवाएँ फैलायी हैं।”

इसके पश्चात हेमलभाई ने हमें उस मॉक ड्रिल का एक वीडियो भी उपलब्ध कराया गया।

आखिर में उपरोक्त दिये सभी सबूतों की पुष्टि करने हेतु हमने दाहोद के आर.पी.एफ के इंस्पेक्टर “जी.एस गौतम” से संपर्क किया तो उन्होंने उपरोक्त दावे को गलत बताते हुए कहा कि, “वायरल हो रहा दावा सरासर गलत है। यहाँ कोई आतंकवादी पकड़े नहीं गये है। दरअसल इस वर्ष को 30 मार्च को दाहोद रेलवे स्टेशन पर हमारे कर्मचारियों के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था व सभी उसका ही अभ्यास कर रहे थे और तभी यह वीडियो लिया गया। सभी कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाती है और फिर उनका परिक्षण किया जाता है कि ऐसी कोई भी कठिन परिस्थितियों का कर्मचारी किस तरह से सामना करेंगे।“

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि उपरोक्त दावा गलत है| वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा प्रकरण गुजरात के दाहोद रेलवे स्टेशन पर हो रहे मॉक ड्रिल का है। वहाँ कोई भी आतंकवादी नहीं पाये गये थे।

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२. 2016 में केलिफोर्निया के टर्लोक सीटी के एक गुरुद्वारे में हुई झडप को कनाडा व भारत से जोड़ वायरल किया जा रहा है।

३. क्या राकेश टिकैत पर गाजीपुर में लगे टेन्टों के किराये का भुगतान न करने पर उत्तरप्रदेश में एफ.आई.आर दर्ज की गई? जानिये सच…

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Title:गुजरात के दाहोद रेलवे स्टेशन पर हुये मॉक ड्रिल के वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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