उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर पुलिसकर्मी द्वारा चोरी करने का वीडियो सांप्रदायिक रूप देकर हुआ वायरल

Communal False
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लखनऊ के एक मॉल से शर्ट चुराने वाले एक कांस्टेबल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके माध्यम से दावा किया गया है कि पुलिस कांस्टेबल का नाम ‘सलीम’ है | वीडियो में कांस्टेबल को आसपास के लोगों की भीड़ द्वारा पीटते हुए देखा जा सकता है | इस वीडियो को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर फैलाया जा रहा है कि पुलिस कांस्टेबल मुसलमान समुदाय से है |

सोशल मंचों पर वायरल पोस्टों के शीर्षक में लिखा गया है कि..

“सलीम का सिनेमा बन गया | लखनऊ: मॉल में खरीदारी करने गए सिपाही सलीम की चोरी के आरोप में हुई पिटाई,,,, ट्रायल रूम में वर्दी के नीचे चोरी कर तीन शर्ट पहन कर निकले सलीम की पोल खुली।जिहाद हर जगह हर रूप में जिहाद |”

आर्काइव लिंक

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक

यह वीडियो ट्विटर पर काफी तेजी से फैलाया जा रहा है |

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया है कि वीडियो में कांस्टेबल का नाम “सलीम” नही है बल्कि आदेश कुमार है | इस वीडियो को गलत नाम के विवरण के साथ सांप्रदायिक रूप देकर फैलाया जा रहा है |

जाँच की शुरुवात हमने इस वीडियो से सम्बंधित ख़बरों को कीवर्ड सर्च करने के माध्यम से किया, जिसके परिणाम में हमें कई न्यूज़ रिपोर्ट मिलीं जिन्हें २६ फरवरी २०२१ को प्रकाशित किया गया है | हिंदी दैनिक, अमर उजाला की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुसैनगंज के वीमार्ट मॉल में कथित रूप से कपड़े चोरी करते हुए मॉल के कर्मचारियों ने एक कांस्टेबल को पकड़ा | 

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पुलिसकर्मी ने परीक्षण कक्ष में अपनी पुलिस की वर्दी के नीचे तीन शर्ट छिपाए थे और जब वे बाहर निकलने की कोशिश की, तो गेट पर एक अलार्म ने कर्मचारियों को सतर्क कर दिया | जब झगड़ा हुआ, तो हुसैनगंज पुलिस इस मामले को सुलझाने के लिए मौके पर पहुंची, और उसके बाद कांस्टेबल ने शर्ट का भुगतान किया | रिपोर्ट में कांस्टेबल की पहचान आदेश कुमार के रूप में की गई है, जिसे मामला सामने आने के बाद लखनऊ के पुलिस आयुक्त ने निलंबित कर दिया |

आर्काइव लिंक 

इस बात की पुष्टि के लिए फैक्ट क्रेसेंडो ने हुस्सैनगंज के एस.एच.ओ दिनेश कुमार बिष्ट से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया कि “वायरल वीडियो में जो कॉन्स्टेबल दिख रहे हैं वो आदेश कुमार है, जो पुलिस लाइंस में तैनात थे | सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा नाम का दावा गलत है | इस घटना के साथ सांप्रदायिकता के साथ कोई संबंध नही है | पुलिस कांस्टेबल “आदेश कुमार” को उनकी इस हरकत के लिए निलंबित भी कर दिया गया है | मामले की जांच जारी है और चोरी के आरोपों की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है | कांस्टेबल की पिटाई के लिए मॉल के कर्मचारियों के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं |”

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त वीडियो के साथ हो रहे नाम के दावे को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कांस्टेबल का नाम “सलीम” नही है बल्कि आदेश कुमार है | इस वीडियो के विवरण में किये जा रहे दावे को सांप्रदायिक रूप देकर फैलाया जा रहा है |

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

.शिवसेना के पोस्टर का रंग बदलकर उसे गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

२.क्या पंजाब में कृषि कानूनों के विरोध के साथ-साथ हिंदी भाषा का ​भी विरोध हो रहा है? जानिये सच

३. झारखण्ड में लड़की पर हमला करने के एक पुराने वीडियो को लव जिहाद के नाम से फैलाया जा रहा है |

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Title:उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर पुलिसकर्मी द्वारा चोरी करने का वीडियो सांप्रदायिक रूप देकर हुआ वायरल

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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