एक ही समुदाय के लोगों के बीच हुई मारपीट के वीडियो को हिन्दू-मुस्लिम का बता साम्प्रदायिकता से जोड़ फैलाया जा रहा है |

Communal National
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो जिसमें हम दो लड़कों को एक भीड़ द्वारा बेरहमी से पीटते हुये देख सकते हैं को हिन्दू मुस्लिम कोण दे तेजी से फैलाया जा रहा है, इस वीडियो में भीड़ को इन लड़कों के हाथ पैर पकड़कर व उन्हें चारपाई पर लेटाकर बेरहमी से पीटते हुए दिखाया गया है | इस वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाते हुए दावा किया जा रहा है कि दो मुस्लिम लड़कियों के साथ २ हिन्दू लड़कों के देखे जाने पर लड़कियों के घर वालों ने इन लड़कों को खूब बेरहमी से पीटा | 

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि 

“2 मुस्लिम लड़की हिंदू लड़कों के साथ देखी जाने के बाद क्या हाल करावे गांव वाले उसके बाप ने क्या करो सब लोग देखो ज्यादा हो सके जिससे ग्रुप में डालो सबको पता चले |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

यह वीडियो फेसबुक पर काफी तेजी से फैलाया जा रहा है |

अनुसंधान से पता चलता है कि..

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो का सांप्रदायिकता से कोई सम्बन्ध नहीं है | यह घटना उत्तर प्रदेश के कैराना क्षेत्र से है जहाँ एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच आपसी मामले को लेकर मारपीट हुई | इस घटना के चलते ३ लोगों की गिरफ़्तारी भी हुई है |

जाँच की शुरुवात हमने इस वीडियो को इन्विड वी वेरीफाई टूल की मदद से छोटे कीफ्रेम्स में तोड़कर व गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम से हमें ४ अगस्त २०२१ को जागरण द्वारा प्रकाशित एक खबर मिली | इस खबर में हम वायरल हो रहे वीडियो के कुछ दृश्यों की तस्वीर देख सकते है | इस खबर के शीर्षक में लिखा गया है कि “कैराना में समूह बनाकर पिटाई करने का वीडियो वायरल |” इस वीडियो को उत्तर प्रदेश के  कैराना क्षेत्र से बताया गया है | इस खबर में इस वीडियो का लोकेशन तितरवाड़ा गांव का बताया गया है | खबर में लिखा गया है कि पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर पिटाई करने वाले आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है |पीटने वाले युवक मुजफ्फरनगर जनपद के निवासी थे |” इस खबर में साम्प्रदायिकता का कोई संबंध नहीं बताया  गया है | इस घटना का मूल कारण खबर में उल्लिखित नहीं किया गया है |

जाँच में आगे बढ़ते हुए हमें इस वीडियो के संबंध में शामली पुलिस के पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गयी एक बाईट मिली | ट्विटर पर एक वीडियो के नीचे कमेंट करते हुए शामली के पुलिस अधीक्षक ने इस वीडियो बाइट में कहा है कि “यह मामला शामली के कौराना थाना के अंतर्गत एक गांव का है जहाँ मोहम्मद अहसान नामक एक व्यक्ति की इस गांव में शादी हुई थी | वायरल वीडियो में भी इस युवती को दिखाया गया है | इस युवती के शादी से पहले प्रेम संबंध थे और जो हाल ही में इस युवती के ससुराल में उनसे मिलने आया था | इस युवक के साथ उसका एक दोस्त भी आया था | युवती के ससुराल पक्ष को यह बात पता चलने पर उन्होंने दोनों युवकों को रोक लिया और युवती के मायके पक्ष को भी मौके पर बुला लिया | इसके बाद दोनों परिवार ने मिलकर इनको खूब पीटा | इस मामले में किसी भी प्रकार का कोई मामला थाने में दर्ज नहीं कराया गया है |

ट्वीट में लिखा गया है कि “थाना कैराना क्षेत्रान्तर्गत युवक द्वारा युवती से मारपीट करते हुए सोशल मीडिया पर वारयल वीडियो के संबंध में पुलिस अधीक्षक शामली की बाईट |”

आर्काइव लिंक 

तदनंतर फैक्ट क्रेसेंदो ने कैराना थाना के थाना अध्यक्ष प्रेमवीर राणा सिंह से संपर्क किया, उन्होंने इस घटना से साम्प्रदायिकता के कोण का खंडन करते हुए हमें बताया कि “यह घटना २८ जुलाई २०२१ की है | इस घटना का सांप्रदायिकता का कोई संबंध नहीं है | इस मामले से जुड़े जितने भी लोग थे सब मुस्लिम समुदाय से थे, मामला यह है कि इस गांव में रहने वाले मोहम्मद अहसान नामक एक व्यक्ति की शहजादी नामक एक लड़की से करीब एक महीने पहले ही शादी हुई थी | इस युवती के पूर्वप्रेमी भी उसी गांव में रहता है और घटना वाले दिन वह अपने दोस्त के साथ इस युवती के ससुराल उससे मिलने के लिए आया था | इस युवती के प्रेमी का नाम आफ़ताब है | यह बात इस युवती के ससुराल पक्ष के लोगों को पता चल गयी और इस बात पर उन्हें एतराज़ था और इसके चलते युवती के ससुरात वालों ने उसके मायके में फ़ोन लगाया और उन्हें बताया कि इस लड़की ने अपने प्रेमी को घर पर बुलाया है | इस क्रम में ससुराल वालों ने इन दो युवकों को पकड़ लिया और युवती के ससुरावाले और मायके वालों ने मिलकर उनकी पिटाई की | इस मामले में ३ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनका नाम अमजद, नौशाद और मुबारिक है | इनमें से दो लोग युवती के जेठ है और बाकी एक व्यक्ति उनका पड़ोसी है | इस घटना के दौरान आसपास के कई लोगों ने वीडियो बनाया था जिसे अब सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक दावों के साथ फैलाया जा रहा है |”

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त वीडियो के माध्यम से किये गये दावे को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर इस वीडियो को सांप्रदायिक रंग देते हुए फैलाया गया है परन्तु मामला एक शादीशुदा लड़की व उसके पूर्व प्रेमी से सम्बंधित था और इस प्रकरण में सारे ही लोग मुस्लिम समुदाय के थे| 

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. महिलाओं द्वारा फिल्म डायरेक्टर की पीटाई के वीडियो को भा.ज.पा से जोड़ गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

२. मेक्सिको में मगरमच्छ के महिला पर हमला करने के वीडियो को भारत का बताकर फैलाया जा रहा है |

३. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर पर किया कथित विवादित ट्वीट का स्क्रीनशॉट ट्वीट फर्ज़ी है।

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Title:एक ही समुदाय के लोगों के बीच हुई मारपीट के वीडियो को हिन्दू-मुस्लिम का बता साम्प्रदायिकता से जोड़ फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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