पाकिस्तान के एक हिन्दू मंदिर में हुई तोड़फोड़ के वीडियो को बंगाल में रोहिंग्या मुसलमान द्वारा किये गए कृत्य के नाम से फैलाया गया |

Communal False
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

सोशल मीडिया पर लोगों के एक समूह को एक मंदिर के अंदर तोड़फोड़ करते हुए दिखाने वाला एक वीडियो काफी तेजी से फैलाया जा रहा है | इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल से है जहाँ रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा उनकी बस्ती के नजदीक मौजूद हिन्दू मंदिर के अंदर तोड़फोड़ की गई है | वीडियो में हम कुछ लोगों को एक मंदिर के अंदर मूर्तियों को नुकसान पहुंचाते हुए और चीजों को इधर उधर फेंकते हुए देख सकतें है |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि 

“रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय की बस्ती के नजदीक का हिंदू मंदिर, पश्चिम बंगाल, भारत |”

फेसबुक पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलते है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच कर पाया कि वायरल हो रहा वीडियो पश्चिम बंगाल में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ का नहीं है बल्कि यह वीडियो पाकिस्तान के रहीम यार खान जिले में एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना से है |  

जाँच की शुरुवात हमने इस वीडियो को गूगल पर कीवर्ड सर्च कर ढूँढने से की, जिसके परिणाम से हमें ५ अगस्त २०२१ को प्रकाशित टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक खबर मिली | इस खबर के शीर्षक में लिखा गया है कि यह वीडियो पाकिस्तान स्थित रहीम यार खान जिले में भोंग शहर में हुई एक घटना का है | खबर के अनुसार लोगों की भीड़ ने भोंग शहर स्थित श्री सिद्धि विनायक मंदिर में तोड़फोड़ की और वहां मौजूद मूर्तियों और मंदिर के ढांचे को तोड़ दिया, आगे लिखा गया है कि हिंदू नेशनल असेंबली के सदस्य रमेश कुमार वंकवानी ने बताया कि हिंदू मंदिर में हुई इस घटना के बाद शहर की स्थिति तनाव पूर्ण थी |

इस खबर से  संकेत लेते हुए फैक्ट क्रेसेंडो ने पाकिस्तान स्थित पत्रकार इज्हरुल्लाह से संपर्क किया, वे द इंडिपेंडेंट के साथ जुड़े हुए है | उन्होंने हमें स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा वीडियो भारत से नहीं है बल्कि पाकिस्तान में हालही में हुई एक घटना से है | उन्होंने हमें बताया कि “यह पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र के शहर रहीमियार खान के भोंग इलाके की घटना है, पुलिस पहले ही इस मामले से संबंधित जांच के आदेश दे चुकी है |” साथ ही उन्होंने हमें बताया कि इस घटना को पाकिस्तान के कई मीडिया संगठनों ने रिपोर्ट किया है |

उन्होंने हमें पाकिस्तान मीडिया द्वारा प्रकाशित समाचार लेख भेजे, पाकिस्तानी समाचार लेख “ड डौन” द्वारा प्रकाशित इस खबर के शीर्षक में लिखा गया है कि “सीजेपी ने रहीम यार खान में हिंदू मंदिर पर हमले का लिया संज्ञान |” यह खबर ९ अगस्त २०२१ को प्रकाशित की गई है | 

साथ ही इज्हरुल्लाह जी ने हमें पाकिस्तान के एच.आर.डब्लू (ह्यूमन राईट वोच) द्वारा प्रसारित स्पष्टीकरण भेजा जिसमें लिखा गया है कि “पाकिस्तान के भोंग में एक हिंदू मंदिर पर किया गया हमला धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भीड़ द्वारा किये गये हिंसा का उदाहरण है | यह बात काफी चिंताजनक है कि यह घटना एक बच्चे को अदालत द्वारा जमानत देने के चलते घटी है | सरकार को अपराधियों पर आरोप लगाने और सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों की रक्षा करने के लिए तत्काल उपाय करने चाहिए | एचआरसीपी ने एक बार फिर मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के 2014 के तसद्दुक जिलानी फैसले को तुरंत लागू किया जाए |”

वायरल हो रही वीडियो को क्रक्स ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल से साझा करते हुए विवरण में लिखा है कि पाकिस्तान स्थित हिन्दू मंदिर पर हुआ हमला | इस वीडियो के विवरण में लिखा गया है कि “भीड़ ने ४ अगस्त को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक हिंदू मंदिर पर हमला किया | भीड़ ने गणेश मंदिर में मूर्तियों के कुछ हिस्सों को जला दिया। उन्होंने मंदिर की खिड़कियों और दरवाजों को भी लाठी और पत्थरों से तोड़ दिया |”

नीचे आप वायरल हो रहे वीडियो और मीडिया संगठनों द्वारा प्रकाशित वीडियो के स्क्रीनग्रैब की तुलनात्मक तस्वीर देख सकते है जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों वीडियो एक ही है |

जाँच में आगे बढ़ते हुए हमें ५ अगस्त २०२१ को इस घटना पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रतिक्रिया प्राप्त हुई | उनके आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है कि “मैं भुंग में गणेश मंदिर पर कल हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूँ | मैंने पहले ही आईजी पंजाब को सभी दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और पुलिस की किसी भी लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। सरकार मंदिर का जीर्णोद्धार भी करेगी।

आर्काइव लिंक 

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त वीडियो के माध्यम से किये गये दावे को गलत पाया है | वायरल हो रहा वीडियो पाकिस्तान स्थित भोंग शहर से है जहाँ भीड़ ने एक हिन्दू मंदिर के अंदर तोड़फोड़ कर उसे क्षति पहुंचाई थी | इस वीडियो का भारत के पश्चिम बंगाल या रोहिंग्या मुसलमान द्वारा की गई हिंसा से कोई संबंध नहीं है |

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. महिलाओं द्वारा फिल्म डायरेक्टर की पीटाई के वीडियो को भा.ज.पा से जोड़ गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

२. मेक्सिको में मगरमच्छ के महिला पर हमला करने के वीडियो को भारत का बताकर फैलाया जा रहा है |

३. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर पर किया कथित विवादित ट्वीट का स्क्रीनशॉट ट्वीट फर्ज़ी है।

Avatar

Title:पाकिस्तान के एक हिन्दू मंदिर में हुई तोड़फोड़ के वीडियो को बंगाल में रोहिंग्या मुसलमान द्वारा किये गए कृत्य के नाम से फैलाया गया |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •