मोरक्को में आई बाढ़ को उत्तराखंड का बता फैलाया जा रहा है |

False International Social
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२५ सितंबर २०१९ को “अनिंदा घोष” नामक एक फेसबुक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “आपने फ्लैश फ्लड के बारे में तो सुना ही होगा, अब आप लाइव देख सकते हैं, गौरीकुंड में दो मिनट की फ्लैश फ्लड, कल केदारनाथ के रास्ते में बड़े पत्थर धुल गए | प्रकृति ने रोष प्रकट किया” | यह वीडियो एक पहाड़ी इलाके का है जिसमें एक छोटी-सी नदी में अचानक पत्थरों के बहाव की बाढ़ आ जाती है | लोग घबराकर इधर उधर भाग रहे हैं और वीडियो बनाते हुए देखे जा सकते हैं | इसे अंग्रेजी में फ़्लैश फ्लड कहा जाता है जब निचले स्तर वाली जगहों पर इस तरह अचानक बाढ़ आती है | इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह घटना केदारनाथ धाम के निकट गौरीकुंड में हाल में घटित है | 

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव वीडियो 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमने इस वीडियो को इन्विड टूल के माध्यम से छोटे कीफ्रेम्स में तोडा व गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया, जिसके परिणाम से हमें २ सितंबर २०१९ को मोरक्को न्यूज़ द्वारा प्रकाशित खबर मिली, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “मोरक्को के दक्षिणी क्षेत्रों ने पिछले सप्ताह व्यापक बाढ़ का अनुभव किया |” खबर में लिखा गया है कि वीडियो को ३१ अगस्त और १ सितंबर के बीच में सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था और यह माराकेच से ६६ किलोमीटर दूर एक शहर इमलील में नदी को दर्शाता है |

आर्काइव लिंक 

फ्लड लिस्ट की वेबसाइट ने इस बाढ़ से जुड़ी जानकारी को ४ सितंबर २०१९ को प्रकाशित किया है | खबर में लिखा गया है कि “बाढ़ ने मोरक्को के क्षेत्रों को प्रभावित किया है, इस बार मारकेश-सफ़ी और बेनी मेल्ल-ख़ुशमिरा के क्षेत्रों में अधिक प्रभाव नज़र आया है | स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार २ सितंबर, २०१९ को खनीफरा, बेनी मेलेल-खनेफ्रा क्षेत्र में तूफान, भारी बारिश और बाढ़ के बाद २ लोगों की मौत हो गई |

आर्काइव फ्लड लिस्ट | आर्काइव मोरक्को वर्ल्ड न्यूज़ 

हमें कई समाचार लेख मिले जो मोरक्को में पिछले महीने आयी बाढ़ पर लिखे गए थे | वायर न्यूज़ एजेंसी रयूटर्स ने लिखा था, “कम से कम सात लोग मोरक्को में आये फ़्लैश फ्लड में मारे गए जब तरौड़ान्त के पास स्थित पहाड़ों पर लगातार बारिश हुई” |

आर्काइव लिंक | आर्काइव लिंक 

इन खबरों में भी हम साझा किये गये वीडियो का उल्लेख देख सकते है | इसके पश्चात हमें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का स्क्रीन्ग्राब व ख़बरों में साझा किये गए वीडियो के स्क्रीन्ग्राब का तुलना किया, जिसे आप नीचे देख सकते है | इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि वायरल वीडियो असल में मोरक्को से है ना कि केदारनाथ से है |

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | यह वीडियो वास्तव में मोरक्को की बाढ़ का है जिसे सोशल मीडिया पर गौरीकुंड में फ़्लैश फ्लड के नाम से फैलाया जा रहा है |

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Title:मोरक्को में आई बाढ़ को उत्तराखंड का बता फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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