क्या गीता उपदेश स्थल पर बने मंदिर में जबरन बनाई गई मज़ार? जानिए सच…

Communal False

यह मज़ार नहीं है। हमने इस बात की पुष्टि स्थानीय पुलिस से की है और उनकी कहना है कि यह मंदिर में स्थित पंडितों के पितरों की याद में बनाया गया है।

एक वीडियो इंटरनेट पर काफी तेज़ी से वायरल हो रहा है। उसमें आप एक शख्स को ये कहते हुये सुन सकते है कि वह कुरूश्रेत्र के उस मंदिर में मौजूद है जहाँ कृष्ण भगवान ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। उस शख्स ने इस वीडियो में उस मंदिर की तस्वीरें दिखायी व उसने वहाँ मौजूद मज़ार जैसे दिखने वाले ढांचे को भी दिखाया। उसने दावा किया है कि इस मंदिर में एक मज़ार बनायी गयी है।

वायरल हो रहे वीडियो के साथ यूज़र ने लिखा है, “मुस्लिमों ने मंदिर के अंदर बना दी ज़बरजस्ती मज़ार अब आप लोग का सपोर्ट चाहिए।” (शब्दश:)

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

सबसे पहले हमने इस बात की जाँच की इस वीडियो में दिख रहा मंदिर कुरूक्षेत्र का कौन सा मंदिर है। इसके लिये हमने गूगल की कीवर्ड सर्च किया। 10 दिसंबर 2016 को प्रकाशित अमर उजाला के लेख में हमने पाया कि उस जगह का नाम ज्योतिसागर मंदिर है। इस जगह को गीता उपदेश स्थल भी कहा जाता है।

फिर हमने इस जानकारी को ध्यान में रखते हुये हमने गूगल पर और कीवर्ड सर्च किया। हमने पाया कि गूगल मैप्स पर प्रकाशित तस्वीरें और वायरल वीडियो में दिख रही तस्वीरें एक जैसी है। 

इसके बाद हमने ये जानने कि कोशिश की कि क्या सच में इस मंदिर में मज़ार है। इसके लिये फैक्ट क्रेसेंडो ने कुरूक्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक सुभाष सिंह से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि “ज्योतिसर मंदिर में मज़ार की बात सरासर गलत है। दरअसल, इस मंदिर के जो ब्राहम्ण है ये उनके पितरों की याद में बनाया गया था। इसे भोरखा कहते है। इस वीडियो में जो हरी रंग चादर दिख रही है वह कुछ उपद्रवियों ने डाली है। यह भोरखा 40 से 50 साल पुराना है। परंतु इस वीडियो के वायरल होने के बाद उन ब्राह्मणों ने इसको हटाकर अपने खेत में स्थापित किया है।“

ज्योतिसर पुलिस थाने के उप निरीक्षक राम सनेही ने हमें बताया कि “ज्योतिसर मंदिर के पंडित सत्पाल शर्मा है, उनके बुज़ुर्गों ने यहाँ भोरखा बना रखा है। पितरों के स्थान को भोरखा बोलते है। उन्होंने उनके पतरों के शांति के लिये इस मंदिर में भोरखा बनाया था। तो उस भोरखे पर कुछ शरारतियों ने पीर बाबा लिखा हुआ हरा रंग का कपड़ा उड़ा दिया और उसकी वीडियो बनाकर वायरल कर दी। इसके बाद सत्पाल शर्मा के परिजनों ने खुद ने इस भोरखे को हटाकर अपने खेत में स्थापित किया। अब यहाँ पर कुछ भी नहीं है। यहाँ कोई मजार नहीं है।“


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निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। इसमें दिख रहे मंदिर में मज़ार नहीं है।

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Title:क्या गीता उपदेश स्थल पर बने मंदिर में जबरन बनाई गई मज़ार? जानिए सच…

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False

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