महाराष्ट्र के जालना में पुलिस द्वारा अस्पताल में हुड़दंग करने के लिए पीटे गए एक भाजपा कार्यकर्ता के वीडियो को गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है ।

Coronavirus False
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ पुलिसवाले एक व्यक्ति को लाठियों से बुरी तरह पीट रहे हैं. पिट रहा व्यक्ति बार-बार हाथ जोड़ रहा है, ‘प्लीज सर प्लीज’ भी बोल रहा है | लेकिन पुलिसवालों पर उसकी गुहार का कोई असर नहीं हो रहा और वे उसे पीटते ही जा रहे हैं | इस वीडियो को फैलाते हुए दावा किया किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा शख्स एक एम्बुलेंस चालक है जो अपनी एंबुलेंस से कमाई बढ़ाने के लिए कथित तौर पर मरीजों को दी जा रही ऑक्सीजन का स्विच बंद कर देता है |

पोस्ट के अनुसार ये ड्राइवर ऐसा इसलिए करता था ताकि उसकी ज्यादा से ज्यादा कमाई हो | 

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि

“यह आदमी निजामाबाद हॉस्पिटल में पेशेंट की ऑक्सीजन बंद कर दिया करता था ताकि इसकी एंबुलेंस का बिजनेस हो सके यह व्यक्ति बहुत से मरीजो की मौत का कारण बना पुलिस ने पकड़ा और इसका सही बिजनेस कर दिया |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रही वीडियो को इन्विड वी वेरीफाई टूल के मदद से छोटे कीफ्रेम्स में तोड़कर व गुगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से किया जिसके परिणाम से हमें ए.बी.पी माझा द्वारा प्रसारित एक खबर मिली जिसके अनुसार वीडियो को महाराष्ट्र स्थित जलना से बताया गया था | खबर के शीर्षक में लिखा गया है कि “भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव को कथित तौर पर तोड़फोड़ करने के कारण  अस्पताल में पीटा गया, वीडियो हुआ वायरल |”

इस खबर से संकेत लेते हुए हमने गूगल पर सम्बंधित कीवर्ड सर्च किया जिससे हमें दिव्य मराठी द्वारा प्रकाशित एक खबर मिली जिसके अनुसार वीडियो में जिस शख्स को पीटा जा रहा है उसका नाम शिवराज नारियालवाले है | शिवराज नारियालवाले जालना जिले में भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव हैं। घटना 9 अप्रैल 2021 की है। उसी दिन शिवराज को सूचना मिली कि एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई है, एक हादसे के बाद युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतक के रिश्तेदार, शिवराज नारियालवाले और कुछ कार्यकर्ता इस व्यक्ति की मृत्यु पर अस्पताल की लापरवाही पर सवाल उठा रहे थे |

आर्काइव लिंक

इसके आलावा हमें हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा प्रसारित एक और खबर मिली जिसके अनुसार यह घटना जलना स्थित दीपक हॉस्पिटल से बताई गयी है |

तद्पश्चात हमने जालना स्थित दीपक हॉस्पिटल के सी.ई.ओ अविनाश संभाजी राव कुटे से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया कि 

“सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो जालना से है और वीडियो में दिख रहा मामला ऑक्सीजन सिलिंडर बंद करने व मरीजों की मौत से साथ संबंधित नही है | अप्रैल के महीने में एक मरीज की मौत होने पर कुछ लोगों ने हॉस्पिटल के अंदर काफी तोड्तोड़ की थी | इस तोड़फोड़ के चलते हॉस्पिटल में भरती कई मरीजों की तबीयत और बिगड़ने लगी थी | इसी बीच जब पुलिस आई और उनके द्वारा 

हुड़दंग कर रहे इस युवक को पीटा गया, सोशल मंचों पर वायरल वीडियो उसी वक़्त का है | वीडियो में  दिख रहे शख्स भाजपा  के युवा कार्यकर्ता है ना कि एम्बुलेंस ड्राईवर |”

इसके आलावा  फैक्ट क्रेसेंडो ने जालना के सदर बाज़ार के पुलिस इंस्पेक्टर अनिरुद्ध नांदेडकर और पुलिस अधीक्षक विनायक देशमुख से भी संपर्क किया जिन्होंने हुमें बताया कि “यह घटना निज़ामाबाद हॉस्पिटल से नही है |  यह वीडियो जालना का है और इस आदमी को इसलिए पीटा गया क्योंकि वह उस समूह का हिस्सा था जो उनके मरीज की मौत के बाद हंगामा कर रहा था। प्रथम जाँच से एक पुलिसकर्मी की गलती पाई गई है और उसे निलंबित कर दिया गया है।“

इसी सम्बन्ध में भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया, पूर्व मंत्री बबनराव लोणीकर, विधायक राम सतपुते और चित्रा वाघ ने अपने पार्टी कार्यकर्ता के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए ट्वीट भी किया  |

आर्काइव लिंक 

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है व वीडियो का किसी भी एम्बुलेंस चालक व किसी भी व्यक्ति द्वारा अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति काटने से कोई सम्बन्ध नहीं है।

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Title:महाराष्ट्र के जालना में पुलिस द्वारा अस्पताल में हुड़दंग करने के लिए पीटे गए एक भाजपा कार्यकर्ता के वीडियो को गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है ।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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