ओडिशा के एक पुराने वीडियो को वर्तमान पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों के कारण पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ के नाम से फैलाया जा रहा है ।

False Social
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देश में बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों के चलते आमजन में काफी रोष देखने को मिल रहा है, इसी बीच एक वीडियो सोशल मंचों पर काफी वायरल हो रहा है, उस वीडियो में आपको कुछ लोगों की भीड़ दिखेगी जो एक पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ कर रही है। उस भीड़ में कुछ पुलिसकर्मियों को भी देखे जा सकते है। वीडियो के साथ जो दावा वायरल हो रहा है उसके मुताबिक देश में बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों की वजह से ओडिशा के पुरी में लोगों ने गुस्से में पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ की है।

वायरल हो रहे पोस्ट के शीर्षक में लिखा है, 

पेट्रोल डीज़ल के बढ़ते कीमत देश के जनता के बरदाश्त के बाहर जा रहे है। आज ओडिशा के पुरी में लोगों का गुस्सा पेट्रोल पंप पर टूट पड़ा है।“

फेसबुक  | आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रहा वीडियो वर्ष 2018 का है जब पुरी में एक पेट्रोल पंप द्वारा कथित तौर पर कम पेट्रोल देने पर स्थानीय लोगों ने पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ की थी। इस वीडियो का वर्तमान या पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों से कोई सम्बन्ध नहीं है।

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रहे वीडियो को इनवीड-वी वैरिफाइ टूल के माध्यम से छोटे कीफ्रेम्स में काटकर गूगल रीवर्स इमेज सर्च कर के की, परिणाम में हमें यही वीडियो कनक न्यूज़ द्वारा 29 सितंबर 2018 को उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया हुआ मिला। 

इस वीडियो के शीर्षक में लिखा है, “पुरी में पेट्रोल पंप में सस्ती गुणवत्ता वाले पेट्रोल को लेकर हंगामा,” और इस वीडियो में यह जानकारी दी गयी है कि, पेट्रोल कम मिलने के कारण स्थानीय लोगों ने पेट्रोल पंप पर तोड़-फोड़ की। पेट्रोल पंप पर लगे टैंक, ठेले आदि को तोड़ दिये गये। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठी चार्ज किया। इसके साथ- साथ वहाँ मौजूद छह पत्रकार भी घायल हुए थे। 

आर्काइव लिंक

इसके बाद हमने इस प्रकरण पर अधिक जानकारी पाने के लिये गूगल पर कीवर्ड सर्च किया, परिणामस्वरूप 29 सितंबर 2018 को ओडिशा टी.वी द्वारा प्रकाशित किया गया एक समाचार लेख मिला जिसमें इस पूरे प्रकरण की जानकारी दी गयी है। लेख में लिखा है कि, पुरी के एक पेट्रोल पंप पर एक ग्राहक ने बोतल में 1 लीटर पेट्रोल भरने के लिए आवेदन किया लेकिन उस बोतल में सिर्फ 450 एम.एल पेट्रोल दिया गया। जिसकी वजह से वहाँ बहस शुरू हो गयी व वहां मौजूद अन्य लोग भी बहस में शामिल हो गए और पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ करने लगे व उसके बाद पुलिस ने वहां लाठीचार्ज कर दिया।

आर्काइव लिंक

तदनंतर फैक्ट क्रेसेंडो ने पुरी के डी.एस.पी, डी.आई.बी हेमांता कुमार पांडा से संपर्क किया व उनसे इस वीडियो के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की, उन्होंने हमें बताया कि, “वायरल हो रहा वीडियो वर्तमान का नहीं है। यह वीडियो तीन वर्ष पुराना है व वीडियो में हो रही तोड़फोड़ का कारण पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम नहीं है बल्कि कुछ लोगों ने दावा किया था कि एक लीटर पेट्रोल लेने पर पेट्रोल पंप वाले पुरा 1000 लीटर पेट्रोल न देकर कम दे रहे थे व छल कर रहे थे। ये रात को लगभग 9-10 बजे का हादसा है। इस मामले में उस समय केस दर्ज हुआ था।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया जा रहा दावा सरासर गलत है। यह वीडियो वर्ष 2018 का है जब पुरी में एक पेट्रोल पंप द्वारा कथित तौर पर कम पेट्रोल मिलने पर स्थानीय लोगों ने पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ की। इस वीडियो का वर्तमान या पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों से कोई सम्बन्ध नहीं है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. 500 रुपये के नोट पर लगी हरी पट्टी की जगह को लेकर हो रहे दावे गलत व भ्रामक हैं।

२. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना की तीसरी लहर के चलते संपूर्ण देश में लॉकडाउन की घोषणा की खबर फर्जी है|

३. ई-कॉमर्स वेबसाइट ‘EBAY’ पर बेचे जा रहे ओलंपिक ‘वॉलंटियर पिन’ को भ्रामक दावे के साथ साझा किया जा रहा है|

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Title:ओडिशा के एक पुराने वीडियो को वर्तमान पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों के कारण पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ के नाम से फैलाया जा रहा है ।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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