FactCheck: क्या भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई द्वारा भारतीय संविधान के मूलक अनुच्छेद 25 से 31 में संशोधन की बात कही गई है?

False Political
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भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश व वर्तमान में भा.ज.पा के राज्यसभा सांसद रंजन गोगोई को लेकर सोशल मंचो पर कई गलत व भ्रामक खबरे वायरल होती चली आ रहीं है। फैक्ट क्रेसेंडो ने पहले भी ऐसी खबरों का अनुसंधान कर आप तक सच्चाई पहुँचायी है। ऐसी ही एक खबर इन दिनों सोशल मंचों पर काफी चर्चा में है। वायरल खबर के मुताबिक पूर्व न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सामप्रदायिक विषय पर टिप्पणी करते हुए भारतीय संविधान के मूलक अनुच्छेद 25 से 31 में संशोधन करने की बात कही है। 

वायरल हो रही खबर में लिखा है,

 “मुस्लिम, बौध्द और ईसाई अपने अपने त्योहार कैसे मनाएंगे? यह भारत का कोर्ट तय करेगा! भारतीय संविधान के भेदभाव मूलक अनुच्छेद 25, 26, 27, 28, 29, 30, 31 में अब संशोधन किया जाना चाहिए।

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अनुसंधान से पता चलता है कि…


फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि उपरोक्त खबर गलत व भ्रामक है। रंजन गोगोई द्वारा फैक्ट क्रेसेंडो को ये बताया गया कि उनके विषय में फ़ैल रहा सम्बंधित दावा गलत है और उनका सोशल मंच पर कोई भी आधिकारिक अकाउंट नहीं है।

जाँच की शुरूवात हमने कीवर्ड सर्च के माध्यम से की। हमने इस विषय पर समाचार लेखों की खोज की परंतु हमें ऐसा कोई समाचार लेख नहीं मिला जो इस बात की पुष्टि करता हो कि रंजन गोगोई ने उनके सोशल मंच पर भारतीय संविधान के भेदभाव मूलक अनुच्छेद 25 से 31 में संशोधन की बात कही हो। 

इसके पश्चात हमने वायरल हो रही तस्वीर में दिए गये सोशल मंच के अकाउंट को खोजने की कोशिश की तो हमें सोशल मंच पर उस नाम का कोई अकाउंट नहीं मिला। 

इसके पश्चात हमने रंजन गोगोई से संपर्क साधा तो उन्होंने हमें स्पष्ट किया कि उनका सोशल मंचों पर कोई भी अकाउंट नहीं है।

“मेरा किसी भी सोशल मंच पर कोई अकाउंट नहीं है। वायरल हो रही खबर फेक है। मेरे बारे में ऐसी कई फेक न्यूज़ इंटरनेट पर वायरल होती रहती है।“  

आपको बता दें कि जाँच के दौरान हमें इंटरनेट पर पूर्व मूख्य न्यायाधीश के नाम से कई ऐसे फर्ज़ी अकाउंट मिले जो उनको प्रतिरूपित करतें है।

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निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त दावा गलत व भ्रामक पाया है। पूर्व न्यायाधीश व वर्तमान में भा.ज.पा के राज्यसभा सांसद रंजन गोगोई ने संविधान के मूलक अनुच्छेद 25 से 31 को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। रंजन गोगोई का सोशल मंचों पर कोई अकाउंट नहीं है।

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Title:क्या भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई द्वारा भारतीय संविधान के मूलक अनुच्छेद 25 से 31 में संशोधन की बात कही गई है?

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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