लखनऊ में अली खामेनेई के लिए हुए प्रदर्शन में पुलिस ने नहीं किया लाठीचार्ज, पुराना वीडियो गलत दावे से वायरल….

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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग में सुप्रीम नेता अयातुल्‍ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में कई जगहों पर प्रदर्शन देखने को मिले। इसी से जोड़ते हुए पुलिस के लाठीचार्ज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।  वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि वीडियो लखनऊ का है, जहां खामेनेई की हत्या के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे थे और उसी वक्‍त पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- जूता चप्पल छूट गया लखनऊ के बाजार में, पिछवाड़ा भी तुड़वाया ख़ामेनई तेरे प्यार में ,नारे लगा के घूमे थे बड़े इकरार में,अब बैठे हैं चुपचाप गली के किनार में। सोचा था हीरो बनेंगे तेहरान के दरबार में,निकले बस मीम बनकर हर अख़बार में। ख़ामेनई के प्यार में ऐसा हुआ कमाल, पिछवाड़ा लाल हुआ, बुरा हुआ है हाल।नवाबों के शहर में, मिली ऐसी सौगात, याद रखोगे ताउम्र, लखनऊ की ये रात,बुरा_ना_मानो_होली_है  जोगिरा सा रा रा रा

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अनुसंधान से पता चलता है कि…  

पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल  वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो हमें   इंस्टाग्राम पर मिला। यहां पर वीडियो को 26 सितंबर 2025 को पोस्ट किया गया है। इससे ये साफ है कि वीडियो हाल ही का नहीं है।

कैप्शन के अनुसार  ये उत्तर प्रदेश के बरेली का है जब पुलिस लाठीचार्ज ‘आई लव मोहम्मद’ के मुद्दे पर आयोजित रैली के दौरान हुआ था।

मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें फेसबुक पर भी एक पोस्ट मिला।  यूजर ने 26 सितंबर 2025 को इससे मिलता-जुलता अलग एंगल से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो पोस्ट किया था।  इसके कैप्शन के मुताबिक पुलिस लाठीचार्ज का यह वीडियो आई लव मोहम्मद’ के मुद्दे पर आयोजित रैली के दौरान का था।

सर्च के दौरान हमें टाइम्‍सनाउ हिंदी की वेबसाइट पर एक खबर मिली। 26 सितंबर 2025 की इस खबर में बताया गया, बरेली में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद कुछ हिंसक घटनाएं भी हुईं। 

थाना कोतवाली क्षेत्र के बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास स्थित मस्जिद के बाहर सैकड़ों नमाजियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।

 नमाजियों ने सड़क पर उतरकर ‘आई लव मोहम्मद’ के अलावा ‘नारा-ए-तकदीर’ जैसे नारे लगाए और बैनर लहराए। भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

अन्य मीडिया चैनल में  26 सितंबर 2025 को पब्लिश हुई  खबर के अनुसार आइ लव मुहम्मद को लेकर हो रही कार्रवाई के विरोध में इत्तेहाद ए मिल्लत कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देने की घोषणा की थी। 

इसके लिए उन्होंने लोगों से इस्लामियां मैदान पर जुटने की अपील भी की थी। 

शुक्रवार को नमाज के बाद लोगों ने इस्लामियां ग्राउंड पर इकट्ठा होना शुरू कर दिया। जिले में धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। इस पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, लखनऊ में ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्‍ला अली खामेनेई के लिए हुए प्रदर्शन में पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया था। यह वीडियो सितंबर 2025 में बरेली में हुए लाठीचार्ज के दौरान का है।

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Title: लखनऊ में अली खामेनेई के लिए हुए प्रदर्शन में पुलिस ने नहीं किया लाठीचार्ज, पुराना वीडियो गलत दावे से वायरल….

Fact Check By: Sarita Samal

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