फर्जी कोरोना टेस्ट रिजल्ट को लेकर उन्नाव में गिरफ्तार “अमर बहादुर चौधरी” की तस्वीर सांप्रदायिक दावे के साथ हुई वायरल।

Communal False
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हालही में मुंबई में एक प्रयोगशाला तकनीशियन को फर्ज़ी कोविड परिक्षण की रिपोर्ट देने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है, इसके चलते सोशल मंचों पर उस ख़बर के सन्दर्भ में तस्वीर वायरल हो रही है। उस खबर के मुताबिक तस्वीर में दिख रहा शख्स अब्दुल खान है जो मुंबई में रहने वाला एक लैब तकनीशियन है और उसे करोना निगेटिव हिंदुओं का पॉजिटिव रिपोर्ट बनाने के जुर्म में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

वायरल हो रहे पोस्ट के शीर्षक में लिखा है, 

मुंबई का लैब तकनीशियन अब्दुल खान कोरोना निगेटिव हिंदुओं का पॉजिटिव रिपोर्ट बना रहा था, गिरफ्तार। सेक्युलर कीडे इसे गंगा जमुनी तहज़ीब बता के चादर ओड के सो जाएँगे।

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया की वायरल हो रही तस्वीर उन्नाव में स्थित एक लैब तक्नीशियन अमर बहादुर चौधरी की है। मुंबई में अब्दुल खान की गिरफ्तारी एक ७१ वर्षीय बुजुर्ग को फर्जी नेगेटिव कोविड रिपोर्ट देने के लिए हुई है परंतु इस मामले का सांप्रदायिकता से कोई संबन्ध नहीं है।

सबसे पहले हमने वायरल हो रहे शख्स की तस्वीर को गूगल रीवर्स इमेज सर्च के जरिये ढूँढने से की, परिणाम में हमें न्यूज़18 हिंदी का एक समाचार लेख मिला जिसमें इस शख्स की तस्वीर को प्रकाशित किया गया है। समाचर लेख में लिखा है कि, उत्तर प्रदेश के उन्नाव की सदर कोतवाली पुलिस ने जिला अस्पताल में संविदा में नौकरी कर रहे सहायक लैब टेक्नीशियन, अमर बहादुर चौधरी को गिरफ्तार किया था। वह 1500 रुपये में कोविड की फर्जी रिपोर्ट बनाकर लोगों को देता था।

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इसके बाद उपरोक्त जानकारी की पुष्टि करने हेतु फैक्ट क्रेसेंडो ने उन्नाव के सदर कोतवाली के एस.एच.ओ दिनेश मिश्रा से संपर्क किया व उन्होंने हमें इस सन्दर्भ में बताया कि, “वायरल हो रही तस्वीर में दिख रहा शख्स उन्नाव के एक लैब तकनीशियन का है जिसका नाम अमर बहादुर चौधरी है और वह हिंदु समुदाय से है। आजतक न्यूज़ चैनल द्वारा इस शख्स पर स्टिंग ऑपरेशन किया गया था जिसमें इस शख्स द्वारा किया गया एक प्रकरण सामने आया था और इस पर मुकदमा लिखकर इसे जेल भेज गया था। यह मामले किसी भी प्रकार के सांप्रदायिकता से जुड़ा नहीं है।

इसके पश्चात हमने ये जानने की कोशिश की कि मुंबई में गिरफ्तार हुए अब्दुल खान कौन हैं, हमें हिंदुस्तान टाइम्स का एक समाचार लेख मिला, जिसमें लिखा है कि, उसे मुंबई के शिवाजी नगर पुलिस थाने द्वारा 71 वर्ष के एक करोना संक्रमित शख्स को जाली निगेटिव रिपोर्ट देने के जुर्म में गिरफ्तार किया है।

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इसके बाद में उपरोक्त जानकारी व वायरल हो रही खबर व तस्वीर के सिलसिले में शिवाजी नगर पुलिस थाने के सिनियर पी.आई किशोर विश्वास गायके से संपर्क किया व उन्होंने हमें बताया कि, वायरल हो रही खबर जिसमें ऐसा लिखा है कि मुस्लिम समुदाय का लैब तकनीशियन अब्दुल खान को करोना निगेटिव हिंदुओं का पॉजिटिव रिपोर्ट बनाने के जुर्म में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, यह सरासर गलत है। अब्दुल की गिरफ्तारी फर्ज़ी करोना की रिपोर्ट देने के लिए जरुर हुई है परंतु इसका सांप्रदायिकता से कोई संबन्ध नहीं है। उसका एक ही उद्देश्य था वो है पैसे कमाना। असल में वह शख्स करोना का परिक्षण न करके लोगों को ऐसे ही रिपोर्ट दे देता था।“

इसके बाद पी.आई किशोर गायके ने हमें अब्दुल की तस्वीर व इस मामले की प्रेस रिलिज़ की तस्वीर भी उपलब्ध करायी है।

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निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि उपरोक्त दावा गलत है| वायरल हो रही तस्वीर उन्नाव में स्थित एक लैब तक्नीशियन अमर बहादुर चौधरी की है। मुंबई में अब्दुल खान की गिरफ्तारी फर्जी कोविड रिपोर्ट देने के लिए हुई है परंतु इस प्रकरण का सांप्रदायिकता से कोई संबन्ध नहीं है, अब्दुल खान का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना था ।

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Title:फर्जी कोरोना टेस्ट रिजल्ट को लेकर उन्नाव में गिरफ्तार “अमर बहादुर चौधरी” की तस्वीर सांप्रदायिक दावे के साथ हुई वायरल।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. ALTERED VIDEO- “AIUDF” के संस्थापक बदरुद्दीन अजमल के मूल भाषण को एडिट करके एक विवादित विवरण के साथ वायरल किया जा रहा है|

२. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योगी आदित्यनाथ को हिन्दू राष्ट्र के संदर्भित लिखा गया बधाई पत्र फर्जी है ।

३. एक वैबसीरीज़ की शूटिंग के वीडियो को मुंबई में आतंकवादियों की गिरफ़्तारी का बताया जा रहा है।


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