क्या लंदन में यह लोग श्रीलंका में हुए आतंकवादी हमले का विरोध कर रहे है?

False International Political
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२ मई २०१९ को दंज़िल ब्राउन ने एक विडियो पोस्ट किया | पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि “क्या आप इस पर विश्वास कर सकते हैं? श्रीलंका में ईस्टर रविवार को लगभग ४०० निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले खूनी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लंदन में श्रीलंका के मुस्लिम विरोध प्रदर्शन कर रहे है |”

विडियो में हम मुसलमान समुदाय के लोगों को विरोध करते हुए देख सकते है | वह कह रहे है कि जब तक निर्दोष मुसलमानों की हत्या की जाएगी तब तक यह विरोध चलता रहेगा और इसके साथ साथ यह अत्याचारो और अपमानो को नहीं सहने वालें | इस वीडियो में प्रदर्शनकारियों के एक समूह को प्लेकार्ड पकड़े हुए देखा जा सकता है | यह दावा किया गया है कि हाल ही में आत्मघाती हमलों में ४०० से अधिक लोग मारे गए थे, जिसके बाद श्रीलंका सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ मुस्लिम समुदाय का यह विरोध प्रदर्शन लंदन में हुआ था | यह विडियो सोशल मीडिया में काफ़ी चर्चा में है और काफ़ी तेजी से साझा किया जा रहा है |

आर्काइव लिंक

हमने इस शीर्षक को फेसबुक पर ढूँढने पर पाया कि यह विडियो काफ़ी चर्चा में है |

२१ अप्रैल को श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए घातक आत्मघाती विस्फोट में २५० से अधिक लोग मारे गए, सोशल मीडिया पर पोस्ट्स की लाइन लग गई, जिनमें से कई बाद में झूठी निकलीं | इसीलिए हमने इस विडियो की सच्चाई जानने की कोशिश की |

संशोधन से पता चलता है कि..

जांच की शुरुआत हमने इस विडियो को इनविड टूल पर इस्तेमाल करके इस विडियो को छोटे कीफ्रेम्स में तोडा | कीफ्रेम्स को हमने यांडेक्स रिवर्स इमेज सर्च किया | सर्च के परिणाम से हमें हमें अलामी स्टॉक इमेजेस में इस विडियो में दिखाई गयी तस्वीरें मिली | वेबसाइट में तस्वीरों के विवरण से हमें पता चला कि यह तस्वीरें ५ अप्रैल २०१३ की है | तस्वीर की शीर्षक में लिखा गया है कि “लंदन, ब्रिटेन | ५ अप्रैल २०१३, चरमपंथी मुस्लिम दबाव समूह ने श्रीलंकाई दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया | क्रेडिट: मारियो मित्सिस / अलामी लाइव न्यूज़ |”

तस्वीरों को देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे-

अलामी इमेज | आर्काइव लिंक | अलामी इमेज | आर्काइव लिंक

इसके पश्चात अलग अलग कीवर्ड्स के माध्यम से हमने गूगल सर्च किया जिससे हमें एक ब्लॉग का लिंक मिला | इस ब्लॉग को ६ अप्रैल २०१३ को अपलोड किया गया था जिसमे हम इस पोस्ट में साझा विडियो से संबंधित तस्वीरों को देख सकते है | ब्लॉग में लिखा गया है कि “कल शुक्रवार (५/४) को, ब्रिटेन में मुस्लिमों ने एक साथ म्यांमार दूतावास और श्रीलंकाई दूतावास पर एक विरोध रैली आयोजित की |”

आर्काइव लिंक

इसके पश्चात हमने इस विरोध प्रदर्शन के बारे में मीडिया संगठन द्वारा खबर ढूँढने की कोशिश की | परिणाम से हमें ११ अप्रैल २०१३ को कोलोंबो टेलीग्राफ द्वारा प्रकाशित खबर मिली | खबर में लिखा गया है कि लंदन में श्रीलंका सरकार के खिलाफ, श्रीलंकाई दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया था |

आर्काइव लिंक

कोलोंबो टेलीग्राफ के अनुसार २०१३ को लंदन में यह विरोध श्रीलंका में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार और उनके दमन के खिलाफ में किया गया था | श्रीलंका में मुसलमानों की जनसंख्या दूसरे नंबर पर है | श्रीलंका में बोदू बाला सेना द्वारा यह मांग की गई थी कि मुसलमानों के कुछ पारंपरिक प्रथाओं को प्रतिबंधित कर देना चाहिए | इन प्रथाओं में मुसलमान औरतों का बुर्का पहनना और हलाल मांस खाने जैसी प्रथा भी शामिल है | इस अत्याचार, अपमान और दमन के विरुद्ध लंदन में मुसलमानों ने २०१३ में यह विरोध प्रदर्शन किया था |

आर्काइव लिंक

इसके बाद हमने यू-ट्यूब पर इस विरोध प्रदर्शन का विडियो ढूँढा | हमें ९ अप्रैल २०१३ को सोनकर डॉट कॉम द्वारा प्रकाशित विडियो मिला | विडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि ब्रिटेन की मुस्लिम महिलाओं द्वारा श्रीलंका में मुसलमानों के समर्थन में विरोध |

इस विडियो में हम कुछ मुस्लिम औरतों को यह कहते हुए सुन सकते है कि वह श्रीलंका के दूतावास के बाहर है और श्रीलंका में मुसलमानों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे है | वायरल विडियो में हम मुसलमान आदमियों को विरोध करते हुए देख सकते है परंतु हमें ब्लॉग द्वारा कुछ तस्वीरें मिली जहाँ हम मुसलमान महिलाओं को भी इस विरोध में शामिल होते हुए देख सकते है | यू-ट्यूब के विडियो में हम दूतावास के ऊपर श्रीलंका का राष्ट्रीय झंडा लहराते हुए देख सकते है |

यह विडियो वायरल विडियो में दिखाए गए विरोध प्रदर्शन का ही है, इस बात की पुष्टि करने के लिए हमने गूगल मैप पर लंदन में स्थित श्रीलंका के दूतावास को ढूँढा | परिणाम से हमने पाया कि यह वही बिल्डिंग है, जिसके सामने विरोध हुआ था | उपरोक्त यू-ट्यूब विडियो एक ही विरोध प्रदर्शन की है |

वायरल विडियो के साथ किया गया दावा यह है कि श्रीलंका में ईस्टर रविवार को लगभग ४०० निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले खूनी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लंदन में श्रीलंका के मुसलमानों विरोध प्रदर्शन कर रहे है | हमने इस खबर को गूगल पर ढूँढा तो हमें द गार्डियन द्वारा प्रकाशित खबर मिली जिसमे २१ अप्रैल २०१९ ईस्टर रविवार को श्रीलंका के कोलंबिया में हुए विस्फोट के बारे में लिखा गया है | विकिपीडिया में भी यह लिखा गया था कि २१ अप्रैल २०१९ को श्रीलंका में बम विस्फोट हुआ जिसमे ४०० से ज्यादा लोग मारे गए |

आर्काइव लिंक | आर्काइव लिंक

इन तथ्यों से यह साबित होता है कि वायरल विडियो श्रीलंका में मुसलमानों के ऊपर हुए अत्याचार और दमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की है | इस विडियो का हाल ही में श्रीलंका में हुए आतंकी हमले से कोई सम्बन्ध नहीं है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जांच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया | यह विडियो ६ साल पुराना है और २०१३ के श्रीलंका सरकार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से झूठे दावे के साथ साझा किया जा रहा है, यह कहकर कि, यह विरोध आतंक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए श्रीलंका सरकार के खिलाफ एक प्रदर्शन है | यह विरोध श्रीलंका के  मुसलमानों के समर्थन में किया गया था | इस विडियो के साथ श्रीलंका में हुए बम विस्पोट का कोई सम्बन्ध नहीं है |

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Title:क्या लंदन में यह लोग श्रीलंका में हुए आतंकवादी हमले का विरोध कर रहे है?

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: False


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