लॉस एंजिल्स में कश्मीरियों के मानवाधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे लोगों के एक पुराने वीडियो को वर्तमान में हुई प्रधानमंत्री के अमेरिकी दौरे से जोड़ वायरल किया जा रहा है।

Missing Context Political

हालही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर अमेरिका गये थे। इस संबन्ध में इंटरनेट पर कई वीडियो साझा किये जा रहे है। फैक्ट क्रेसेंडो ने उनके इस दौरे से सम्बंधित वायरल हो रहे कई भ्रामक व गलत दावों का अनुसंधान कर उनकी प्रमाणिकता अपने पाठकों तक पहुंचाई है। वर्तमान में ऐसा ही एक वीडियो सोशल मंचों पर वायरल हो रहा है, जिसमे आप लोगों को प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारे लगाते हुये व रैली निकालते हुये देख सकते है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे के समय लोगों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।

वायरल हो रहे पोस्ट के कैपशन में लिखा है, 

अमेरिका के लोग रैलियां निकाल के कह रहे हैं- मोदी भारत का हिटलर हैं।“

(शब्दश:)

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रहा वीडियो वर्ष 2019 से है जब अमेरिका के लॉस एंजिल्स में किश्मीरियों के मानवाधिकार के लिये किये गये विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसका वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से कोई संबन्ध नहीं है।

जाँच की शुरुवात हमने फेसबुक पर कीवर्ड सर्च कर की, परिणाम में हमें यही वीडियो कई यूज़र द्वारा वर्ष 2019 में प्रसारित किया गया मिला।

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इसके बाद हमने वीडियो को गौर से देखा। हमें उसमें हॉलीवुड हायलैंड, डिसनिप स्टूडियो स्टोर घिरार्देली नामक बोर्ड दिखाई दिये। फिर हमने गूगल पर यही कीवर्ड सर्च किये तो हमें पता चला कि हॉलीवुड एंड हायलैंड अमेरिका के लॉस एंजिल्स में स्थित एक शॉपिंग मॉल है। और डिसनिप स्टूडियो स्टोर घिरार्देली एक सोडा फाउंटेन और चोकलेट की दुकान है। हमें जाँच के दौरान यह भी पता चला कि ये दोनों भी लॉस एंजिल्स के हॉलीवुड बुलेवार्ड रोड पर स्थित है।

इसके पश्चात हमने इस जानकारी को ध्यान में रखते हुये फेसबुक पर इससे सम्बंधित कीवर्ड सर्च किया। हमें वकर अली खान नामक एक यूज़र द्वारा कुछ वीडियो व तस्वीरें प्रसारित की हुई मिली। ये पोस्ट 1 सितंबर 2019 को प्रसारित किया गया था। इसके साथ दी गयी जानकारी में लिखा है, 

“हॉलीवुड बुलेवार्ड लॉस एंजिल्स में आज चीनी थिएटर के बाहर कश्मीर विरोध रैली का आयोजन किया गया। यह आई.सी.एन.ए, काउंसिल ऑफ पाकिस्तान (सी.ओ.पी), यू.एफ.पी.आई.डी ​​सिख और कश्मीरी समुदाय के सदस्यों और कई अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ता संगठनों जैसे विभिन्न सामुदायिक संगठनों का एक संयुक्त प्रयास था। श्री जमाल ख्वाजा, अदनान खान ने विरोध में पाकिस्तानी समुदाय का नेतृत्व किया और कश्मीरी समुदाय का नेतृत्व श्री माजिद बट ने किया।

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इसके बाद उपरोक्त पोस्ट में दी गयी जानकारी को ध्यान में रखते हुये हमें कीवर्ड सर्च करने पर  काउंसिल ऑफ पाकिस्तान नामक संस्था के आधिकारिक पेज पर इसी आंदोलन की और भी तस्वीरें व वीडियो मिले। ये वीडियो व तस्वीरें उपरोक्त पोस्ट व वायरल हो रहे वीडियो के मिलते-जुलते है। इसके कैपशन में लिखा है कि कश्मीर और कश्मीर के लोगों का समर्थन करने के लिए आयोजित सबसे बड़े विरोध और रैलियों में से एक 31 अगस्त, 2019 को हॉलीवुड, कैलिफोर्निया में आयोजित की गई थी, जहां हजारों लोग कश्मीर के लोगों के साथ एकता और एकजुटता दिखाने के लिए आए थे।

यह पोस्ट 2 सितंबर 2019 में प्रकाशित किया गया था।

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जाँच के दौरान हमने ये भी पाया कि काउंसिल ऑफ पाकिस्तान ने इस विरोध प्रदर्शन से संबन्धित कुछ और तस्वीरें 1 सितंबर 2019 को भी अपलोड की थी। इसके साथ दी गयी जानकारी में लिखा है कि ये रैली पाकिस्तान परिषद (सीओपी), सीएआईआर, आईसीएनए, यूएफपीआईडी, सिख और पासंद ने कश्मीर में भारतीय सरकार के अन्याय के खिलाफ आयोजित की थी। 

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काउंसिल ऑफ पाकिस्तान ने 1 सितंबर 2019 को इस विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो भी प्रसारित किया था।

आपको बता दें कि जिन संस्थाओं ने इस विरोध प्रदर्शन को आयोजित किया था उनमें से एक काउंसिल ऑफ पाकिस्तान (सी.ओ.पी) भी थी।

उपरोक्त तस्वीरों व वीडियो में वायरल हो रहे वीडियो से कई मिलती-जुलती तस्वीरें है। आप उन तस्वीरों को नीचे देख सकते है।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा संदर्भ से बाहर है। यह वीडियो वर्ष 2019 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में किश्मीरियों के मानवाधिकार के लिये किये गये प्रदर्शन का है। इसका वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से कोई संबन्ध नहीं है।

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Title:लॉस एंजिल्स में कश्मीरियों के मानवाधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे लोगों के एक पुराने वीडियो को वर्तमान में हुई प्रधानमंत्री के अमेरिकी दौरे से जोड़ वायरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: Missing Context

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