२०११ में एक शख्स द्वारा शरद पवार को थप्पड़ मारने के वीडियो को वर्तमान(२०२१) की घटना बता वायरल किया जा रहा है।

False Political
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दिल्ली में पिछले ७७ दिनों से चल रहे किसान आंदोलनों ने कई विदेशी मशहूर हस्तियाँ व राजनेताओं का ध्यान आकर्षित किया है, हाल ही में ग्रेटा थनबर्ग, मिया खलिफा, रिहाना ने किसानों को समर्थन में ट्वीट कर एक नये विवाद को जन्म दिया है, इनके दिए गए बयानों को भारत की कुछ प्रसिद्ध विभूतियों द्वारा विरोध किया गया जिसमे सचिन तेंदुलकर भी शामिल थे और सचिन के इस बयान पर  राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार ने टिप्पणी कर उन्हें ऐसे मामलों पर बोलने से बचने की हिदायत दी थी। शरद पवार के इस बयान के बाद से ही सोशल मंचो पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आप एक शख्स को शरद पवार को थप्पड़ मारते हुए देख सकते है। इस वीडियो के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि सचिन तेंदुलकर को हिदायत देने की वजह से एक राष्ट्रवादी शख्स ने शरद पवार को थप्पड़ मारा है।

वीडियो के शीर्षक में लिखा है, 

“चमचों की नई दीदी मियां खलीफा के खिलाफ बोलने पर सचिन तेंदुलकर को ज्ञान देने वाले चमचों के फूफा शरद पावर को किसी राष्ट्रभक्त भाई ने थप्पड़ रसीद कर दिया। भाई को सत् सत् नमन। ऐसे (पवार जैसे) प्रत्येक खादरखोदों को भिड़ को इकट्ठे कुटना चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक मादरखोर दोगलई करते रहेंगे।

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फेसबुक | आर्काइव लिंक

इस वीडियो को सोशल मंचो पर काफी तेज़ी से साझा किया जा रहा है।

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रहा वीडियो वर्ष 2011 का है। इस वीडियो का वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन व उससे संबन्धित विवादों से कोई संबन्ध नहीं है।

सबसे पहले हमने वायरल हो रहे दावे को ध्यान में रखते हुए यूट्यूब पर कीवर्ड सर्च किया,    परिणाम में हमें वायरल हो रहा वीडियो  झी न्यूज़ द्वारा २०११ में प्रकाशित किया हुआ मिला। वीडियो के शीर्षक में लिखा है, “बुलेटिन # 1 – शरद पवार को दिल्ली में युवक ने थप्पड़ मारा (नवंबर २४/११) और उसके नीचे दी गयी जानकारी में लिखा है, “केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को एक युवक ने थप्पड़ मार दिया। एक आक्रोशित व्यक्ति ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख पर तब हमला किया जब वह राजधानी के केंद्र में एन.डी.एम.सी सेंटर में एक समारोह के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।“ यह वीडियो 24 नवंबर 2011 को प्रसारित किया गया था। इस वीडियो में आप वायरल वीडियो में दिखाये गये दृश्य को 2.55 से 3.02 मिनट तक देख सकते है।

आर्काइव लिंक

इसके पश्चात और अधिक जानकारी पाने के लिए हमने गूगल पर इस ख़बर से सम्बंधित कीवर्ड सर्च किया, हमें एन.डी.टी.वी द्वारा प्रकाशित एक समाचार लेख मिला जिसमें लखा था कि जिस शख्स ने शरद पवार को मारा था उसका नाम अरविंद सिंह है। उसका दावा था कि सरकार आम आदमी के मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है जिसकी वजह से आक्रोश में आकर उसके शरद पवार को थप्पड़ मारा था। उसे नवंबर 2019 में गिरफ्तार किया गया था।

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आर्काइव लिंक

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया है कि वीडियो के साथ वायरल हो रहा दावा गलत है वायरल हो रहा वीडियो वर्ष २०११ का है। इस वीडियो का वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन व उससे संबन्धित विवाद से कोई संबन्ध नहीं है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

.शिवसेना के पोस्टर का रंग बदलकर उसे गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

२.क्या पंजाब में कृषि कानूनों के विरोध के साथ-साथ हिंदी भाषा का ​भी विरोध हो रहा है? जानिये सच

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Title:२०११ में एक शख्स द्वारा शरद पवार को थप्पड़ मारने के वीडियो को वर्तमान(२०२१) की घटना बता वायरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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