दक्षिण कोरिया के लॉजिस्टिक्स केंद्र में लगी आग को ईरान-कतर संघर्ष से जोड़कर किया जा रहा है शेयर।

इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जा रहा है। असल में एक रिपोर्ट के अनुसार, जंग के दौरान ईरान ने कतर पर पांच मिसाइलें दागीं थीं। यह हमला तब हुआ जब साउथ पार्स पर इसराइली अटैक किया गया था और ईरान ने क़तर के रास लाफ़ान औद्योगिक क्षेत्र को निशाना बनाते हुए हमले किए थें। इसी संदर्भ में वायरल एक वीडियो एक बिल्डिंग में भयानक तरीके से आगजनी की घटना और उससे उठते धुंए को दर्शाता है,जिसे साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि ईरान ने कतर के गैस प्लांट पर हमला कर दिया है। वहीं वायरल वीडियो को फेसबुक यूज़र ने इस कैप्शन के साथ पोस्ट किया है…
ब्रेकिंग न्यूज़ ईरान ने कतर के गैस प्लांट पर किया हमला! बताया जा रहा है कि यहीं से भारत को करीब 47% गैस सप्लाई होती है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी घातक मिसाइल ताकत का प्रदर्शन भी किया है।विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक बाजार और ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। क्या इससे भारत की गैस सप्लाई पर पड़ेगा असर? आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के फ्रेम्स निकालकर उन्हें गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। परिणाम में हमें सीएनए नाम के एक फेसबुक पेज पर 17 नवंबर 2025 को वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। यहां वीडियो के बारे में बताया गया था कि 15 नवंबर 2025 को दक्षिण कोरिया के दक्षिण चुंगचेओंग प्रांत के चेओनान में स्थित सबसे बड़े फैशन लॉजिस्टिक्स केंद्रों में से एक में भीषण आग लग गई थी। इसमें लाखों के कपड़े जलकर राख हो गए थें। हालांकि आग लगने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ था, क्योंकि आग श्रमिकों के पहुंचने से कुछ घंटे पहले लगी थी।
इसके बाद हमें दक्षिण कोरिया की न्यूज वेबसाइट न्यूजपैच पर एक रिपोर्ट मिली, जिसे 15 नवंबर 2025 को प्रकाशित किया गया था। पता चलता है कि कपड़ों और जूतों से भरे ई-लैंड लॉजिस्टिक्स गोदाम में आग लग गई थी। लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ था और नौ घंटे बाद इस पर काबू पा लिया गया था।

17 नवंबर 2025 को Straits Times के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किये गए वीडियो के अनुसार, साउथ कोरिया में लगी आग की घटना है।
इसी प्रकार से घटना से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों को यहां,यहां और यहां देख सकते हैं। स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो का हाल में हुए इस हमले से कोई संबंध नहीं है।
गौरतलब है कि ईरान ने 18 मार्च 2026 को कतर के मुख्य द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) उत्पादन स्थल, रास लाफान औद्योगिक शहर पर हमला किया था। कतर के विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इससे आग लगी और संयंत्र को काफी नुकसान हुआ था। लेकिन वायरल वीडियो का इस हमले से कोई संबंध नहीं पाया गया है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो दक्षिण कोरिया के चेओनान स्थित ई-लैंड लॉजिस्टिक्स सेंटर में लगी आग का है। इसका ईरान द्वारा कतर पर किए गए हमले से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक साबित होता है।


