न तो रोबोट को भद्दी गाली देता ये शख्स भारतीय है, न ही यह वीडियो एआई समिट का है….

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रोबोट को भद्दी गाली दिए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि वीडियो नई दिल्ली में आयोजित हुए हालिया एआई समिट का है।वायरल वीडियो 23 सेकेंड का है, जिसमें एक व्यक्ति ह्यूमनॉइड रोबोट से बात करते हुए पहले उसका हालचाल लेता है और फिर उसे भद्दी गाली देता है। जिस पर रोबोट जवाब देता है कि मुझे खेद है मैं इस तरह की भाषा में मदद नहीं कर सकता। कृपया शिष्टता बनाए रखें।

वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- मोदी जी ने सही कहा!,अब तीसरा नंबर नहीं पहला नंबर आने वाला है!,मोदी जी को बधाई!AI सम्मिट के दौरान ,हमारा भारत देश चीन जैसे देश को टक्कर सिर्फ बच्चा पैदा करने के मामले में ही दे सकता है ।। वैदिक धर्म उस गंदगी का जन्म स्थल हैं!

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अनुसंधान से पता चलता है कि…  

पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल  तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो हमें एक  इंस्टाग्राम पोस्ट पर मिला। काशिफ जमीर नाम के व्यक्ति ने 17 फरवरी को ये वीडियो पोस्ट किया गया है। 

इंस्टाग्राम पेज के बायो सेक्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक काशिफ, पाकिस्तान के लाहौर से हैं।  

हमें एक पाकिस्तानी इंस्टाग्राम अकाउंट से अपलोड किए गए पोस्ट में वायरल व्यक्ति की तस्वीर मिली। पोस्ट के कैप्शन में व्यक्ति का नाम काशिफ ज़मीर बताया गया था।

पड़ताल के दौरान हमें कई पाकिस्तानी मीडिया संस्थानों की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली, जिनमें हथियार लहराने के आरोप में लाहौर पुलिस द्वारा कासिफ ज़मीर को गिरफ्तार किए जाने की खबर प्रकाशित हुई थी।

अधिक सर्च करने पर  हमने पाया कि यह दुबई के म्यूजियम ऑफ़ द फ्यूचर में मौजूद ह्यूमनॉइड रोबोट अमेका है।  नीचे मौजूद दुबई के म्यूजियम ऑफ़ द फ्यूचर के वीडियो में वही रोबोट देख सकते हैं, जो वायरल वीडियो में भी मौजूद है।

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, वायरल वीडियो नई दिल्ली में आयोजित हुए हालिया एआई समिट का नहीं है और वीडियो में दिख रहा शख्स भारतीय नागरिक भी नहीं है।

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Title:न तो रोबोट को भद्दी गाली देता ये शख्स भारतीय है, न ही यह वीडियो एआई समिट का है….

Fact Check By: Sarita Samal 

Result: Misleading

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