करनाल सचिवालय के सामने शिक्षकों द्वारा नियमित वेतन के लिए किये गये धरने प्रदर्शन को प्रधानमंत्री के खिलाफ किये गए विरोध का बताकर फैलाया जा रहा है |

False National Political Social
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

२४ सितम्बर २०१९ को फेसबुक पर ‘Al Irfan द्वारा किये गये पोस्ट में एक वीडियो साझा किया गया था, इस वीडियो में कुछ लोग रस्ते पर किसी के अंतिम संस्कार की विधिओं को करते हुए दिख रहें हैं | पोस्ट के विवरण में लिखा है कि, आज हरियाणा में मोदी का अंतिम व्यापारी एवं किसानों द्वारा भारी जनसंख्या में किया गया परंतु कोई भी चैनल इसे दिखाने की हिम्मत नहीं कर रहा |” इस पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि – ‘हरियाणा में व्यापारी एवं किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक रूप से अंतिम संस्कार कर दिया |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

इस पोस्ट को बहुत तेजी से सोशल मंचो पर फैलाया जा रहा है, आप इस पोस्ट के फैलने की तीव्रता को नीचे साझा विडियो में देख सकते हैं|

FacebookPost | ArchivedLink

क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

अनुसंधान से पता चलता है कि…

वीडियो को गौर से देखने पर हमें वीडियो के बैकग्राउंड में “eKarnal” का विज्ञापन दिखा, व वीडियो के अंत में एक आदमी नारा लगाते हुए सुनाई देता है “रम बिलास मर गया – हाय हाय !” |

इस पर हमने गूगल सर्च में “”Haryana”+”Karnal”+”Road”+”Protest”” कीवर्ड्स से ढूंढा, तो हमें TOI की १८ सितम्बर २०१९ को प्रकाशित एक ख़बर मिली | इस ख़बर के अनुसार, करनाल में गेस्ट टीचर्स सचिवालय के सामने १ सितम्बर से वेतन नियमित करने के लिए धरने पर बैठे थे | उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और शिक्षामंत्री राम बिलास शर्मा के खिलाफ नारे लगाए और जब प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से उन्हें रोकने का प्रयास किया तो मामला बिगड़ गया  जिसके चलते पुलिस द्वारा पानी के तोपों का इस्तेमाल किया गया था | पूरी ख़बर को पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

TOINews | ArchivedLink

इसके बाद हमने इस घटना के बारे में गूगल पर “Karnal guest teachers protest against the government” कीवर्ड्स को ढूंढा, तो हमें अन्य समाचार वेबसाइट पर भी इस ख़बर के बारे में रिपोर्ट्स मिलीं, 18 सितम्बर २०१९ को ‘TribuneIndia’ द्वारा प्रकाशित ख़बर में उपरोक्त पोस्ट के दावे में साझा वीडियो से हुबहू मिलता-जुलता एक वीडियो व धरने में हुए पुलिस द्वारा पानी के तोपों का इस्तेमाल देखा जा सकता है | इस वीडियो को आप नीचे देख सकतें हैं | पूरी ख़बर को पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

TribuneIndiaPost | ArchivedLink

इस अनुसंधान से यह बात स्पष्ट होती है कि उपरोक्त पोस्ट में साझा वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध के लिए व्यापारियों व किसानों द्वारा किया गया प्रदर्शन का नहीं है | यह धरनाप्रदर्शन हरयाणा के करनाल में गेस्ट शिक्षकों द्वारा नियमित वेतन के लिए हरयाणा के मुख्यमंत्री के खिलाफ था | वीडियो गलत विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है |

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा “हरियाणा में व्यापारी एवं किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंतिम संस्कार कर दिया |” ग़लत है |

Avatar

Title:करनाल सचिवालय के सामने शिक्षकों द्वारा नियमित वेतन के लिए किये गये धरने प्रदर्शन को प्रधानमंत्री के खिलाफ किये गए विरोध का बताकर फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply