इस पोस्ट को इस गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है कि, I-pill और Unwanted-72 गर्भनिरोधक गोलियों मे आर्सेनिक होता है |

False Medical National Social
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२८ अगस्त २०१९ को फेसबुक पर ‘Er Ravi Meena Raz’ नामक एक फेसबुक यूजर द्वारा एक पोस्ट किया गया है, जिसके विवरण में लिखा है कि, #बेटिया_मर_रही_हैं…टीवी पे ऐड आता है सिर्फ एक कैप्सूल #72घंटो के अंदर अनचाही प्रेगनेंसी से छुटकारा.????

बिना दिमाक की #लडकिया फॉर्म में…हर हप्ते नया #बॉयफ्रेंड…#सेक्स फिर…#गोलिया जिसका न कम्पोजीशन पता होता है न कांसेप्ट…बस निगल जाती हैं… इन फेक गोलियों में #आर्सेनिक भरा होता है यह 72 घंटो के अंदर सिर्फ बनने वाले #भ्रूण को खत्म नही करता बल्कि पूरा का पूरा #fertility_system ही करप्ट कर देता है…शुरू में तो गोलिया खाकर #सती_सावित्री बन जाती हैं लेकिन #शादी के बाद पता चलता है ये #बाझ बन गयी अब #माँ नही बन सकती…तो सबको पता चल जाता है इनका #भूतकाल कैसा रहा है पर कोई बोलता नही जिन्दगी खुद #अभिशाप बन जाती है… पहली चीज #प्रेगनेंट नही होना तो सेक्स क्यों और दूसरी चीज आशा, ANM, आगनवाडी, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र क्या झक्क मराने के लिए हैं… सरकार हर साल #मातृत्व_सुरक्षा के नाम पर करोड़ो फुक देती है और आपकी जुल्मी लड़कियाँ खुद डॉक्टर बन जाती है…आज हालत ये हैं 13-14 साल की बच्चिया बैग में i-pill लेकर घूम रही है ये मरेंगी नही तो क्या होगा…कभी समय निकालकर अपनी बेटी या बहन का बैग भी चेक कर लिया करो हर साल लाखो बच्चिया बच्चेदानी के #कैंसर से मर जाती हैं उसका एकमात्र कारण माता पिता और भाई की लापरवाही… हमारी बात बहुत सी महिलाओं को बुरी लग सकती है, पर मेरी बहनों बेटियों ये पोस्ट तुम्हें सच्चाई से रूबरू कराने के लिऐ है । अगर फिर भी आपको बुरा लगे तो करबद्ध माफ़ी मांगते हैं जी ।” 

इस पोस्ट के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि, ‘I-pill और Unwanted-72 गर्भनिरोधक गोलियों मे आर्सेनिक होता है, जिसके सेवन से लड़कियां बांझ बनती है, उन्हें बच्चेदानी का कैंसर होता है और कभी-कभी तो जानलेवा भी साबित होती है |’

क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने इस दावे के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए सबसे पहले इन दवाइयों में उपयोग किये जाने वाले घटकद्रव्य को ढूंढा, जिसकी जानकारी दवाइ के रैपर पर दी हुई होती है |

पहली गोली : I-pill

घटकद्रव्य : लेवोनोरजेस्ट्रेल

दूसरी गोली : Unwanted-72

घटकद्रव्य : लेवोनोरजेस्ट्रेल

दोनों गोलियों में हमें एक ही घटकद्रव्य मिला, जिसका नाम लेवोनोरजेस्ट्रेल लिखा है | जब हमने गूगल पर levonorgestrel की-वर्ड्स से ढूंढा, तो हमें पता चला कि लेवोनोरजेस्ट्रेल एक “सिंथेटिक प्रोजेस्टोजेन” है, जो शरीर में मौजूद प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन जैसा ही है | इस घटकद्रव्य मे बारे में The National Center for Biotechnology Information ने भी ६ अप्रैल २०१९ को एक लेख प्रसारित किया था | इस लेख में इस घटकद्रव्य के बारे मे पूरी जानकारी दी गयी है | मगर कहीं भी इसमें आर्सेनिक होने की बात नहीं लिखी  गई है | इस जानकारी को पूरा पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

NCBIPublication  | ArchivedLink

इसके बाद हमने औरंगाबाद शहर की प्रख्यात स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. ए. पी. कुलकर्णी (M.B.B.S.D.G.O. Con.Ob & Gynecologist) से इस दावे के बारे में पुछा तो उन्होंने कहा कि, “I-pill और Unwanted-72 गर्भनिरोधक गोलियों में आर्सेनिक नहीं होता है | यह एक रासायनिक रूप से निर्मित हार्मोन है, जो किसी भी महिला को गर्भवती होने से रोकता है | यह गोली ७२ घंटे के अंदर सेवन करने पर ही काम करती है, मगर इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि यह गोली शत प्रतिशत काम करेगी, क्योंकि यह गर्भनिरोधक गोलियां है, गर्भपात की नहीं | हम इस प्रकार की गोलियां ३-६ महीने से ज़्यादा लगातार खाने से मना करतें है क्योंकि इस गोली में रासायनिक रूप से निर्मित हार्मोन होने के वजह से शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है | मगर इस गोली के सेवन से बांझपन, बच्चेदानी का कैंसर या मृत्यु जैसी कोई घटना आज तक हमने नहीं देखी है |”

फिर हमने औरंगाबाद के ही ‘Endoworld Hospital Pvt.Ltd.’ नामक एक स्त्रीरोग, नवजात शिशु व माता से जुड़े चिकित्सा में विशेषज्ञ अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ. पंडित पलस्कर से संपर्क साधा |

यह दावा सुनने पर उन्होंने कहा कि, “यह बात बिलकुल गलत है कि इन दवाइयों में आर्सेनिक होता है | जबसे गर्भनिरोधक गोलियों का निर्माण हुआ है, तब से कोई भी दवाइयों में आर्सेनिक का इस्तेमाल नहीं किया गया है | आर्सेनिक एक विषाक्त घटकद्रव्य है और गर्भनिरोधक गोलियों में इसका उपयोग नहीं किया जाता | मगर यह गोलियां हर रोज़ खाने के लिए नहीं होती है | लोग अक्सर गर्भनिरोधक गोलियों के प्रकार में भ्रमित हो जाते हैं | i-pill व Unwanted 72 जैसी दवाइयां सिर्फ़ एक आपातकालीन गर्भनिरोधक है – यानी किसी आपात स्थिति में ही इसका सेवन करना चाहिए |”

इस अनुसंधान से यह बात स्पष्ट होती है कि I-pill और Unwanted-72 गर्भनिरोधक गोलियों में आर्सेनिक नहीं होता है और दावे अनुसार ना ही इन दवाइयों की वजह से मृत्यु होती है, ना बांझपन आता है और ना ही बच्चेदानी का कैंसर होता है | यह दावा गलत  विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है | 

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा ‘i-pill और Unwanted-72 गर्भनिरोधक गोलियों मे आर्सेनिक होता है, जिसके सेवन से लड़कियां बांझ बनती है, उन्हें बच्चेदानी का कैंसर होता है और कभी-कभी तो जानलेवा भी साबित होती है |’ ग़लत है |

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Title:इस पोस्ट को इस गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है कि, I-pill और Unwanted-72 गर्भनिरोधक गोलियों मे आर्सेनिक होता है |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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