भीड़ के हमले से डरकर भाग रही पुलिस का यह वीडियो कश्मीर का नहीं, बल्कि औरंगाबाद का है |

False National Political
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२३ अगस्त २०१९ को फेसबुक पर ‘MaaZoo’ नामक एक यूजर ने एक पोस्ट के साथ एक वीडियो साझा किया है | वीडियो में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी दौड़ते हुए तथा लोगों की बहुत बड़ी भीड़ उनका पीछा करते हुए दिखाई देती है | ऐसा लगता है, जैसे उग्र भीड़ के हमले से डरकर पुलिसकर्मी भाग रहे है |            

पोस्ट के विवरण में लिखा गया है कि, 

The latest situation in occupied Kashmir । हिंदी में अनुवाद – व्याप्त कश्मीर के ताजा हालात |

इस पोस्ट व्दारा किया यह दावा किया जा रहा है कि, कश्मीर में फ़िलहाल हालात ठीक नहीं है | जम्मू-कश्मीर से केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद ३७० हटाये जाने के बाद इस तरह के पोस्ट बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया में साझा हो रहे है | कुछ में यह दावा किया जाता है कि, कश्मीरी जनता सेना के जुल्मों का शिकार हो रही है, तो कुछ में लोगों को उग्र विरोध प्रदर्शन करते हुए दिखाया जाता है | लेकिन उपरोक्त पोस्ट में पुलिसकर्मियों को भीड़ के हमले के डर से भागते हुए दिखाया गया है | तो आइये जानते है इस वीडियो व दावे की सच्चाई |

मूल पोस्ट यहाँ देखें – ‘MaaZoo’  | ARCHIVE POST

अनुसंधान से पता चलता है कि…

सबसे पहले हमने वीडियो को इन्विड टूल की मदद से छोटे-छोटे की फ्रेम्स में तोडा और उन टुकड़ों को रिवर्स इमेज सर्च किया | इस शोध से हमें यांडेक्स में जो परिणाम मिले, वह आप नीचे देख सकते है |

इस शोध से हमें ‘पोलिसनामा न्यूज़’ नामक एक समाचार चैनल द्वारा यू-ट्यूब पर २४  जुलाई २०१८ को अपलोड एक वीडियो मिला | इस वीडियो के विवरण में लिखा है कि, महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मराठा आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे आन्दोलनकारियों ने गुस्से में आकर पुलिस पर हमला किया | संख्या कम होने के कारण पुलिसकर्मियों को मौके से भागना पड़ा | यह वीडियो आप नीचे देख सकते है |

इस आधार पर हमने यू-ट्यूब पर ‘Maratha agitators chase police in aurangabad’ इन की-वर्ड्स के साथ सर्च किया तो परिणाम से हमें ‘इंडिया टुडे’ द्वारा २६ जुलाई २०१८ को अपलोड एक वीडियो मिला | विवरण में लिखा है कि, औरंगाबाद में मराठा आन्दोलनकारियों ने पुलिस पर हमला कर उन्हें खदेड़ा | 

इसके अलावा ‘इंडिया टीवी’ ने भी २४ जुलाई २०१८ को मराठवाडा क्षेत्र में मराठा आन्दोलनकारियों द्वारा की गई हिंसा की खबर में इस विडियो का इस्तेमाल किया है तथा लिखा है कि, औरंगाबाद में पुलिस पर आन्दोलनकारियों ने हमला किया, जिसके बाद पुलिस को भागना पड़ा |

इस शोध से हमें इस दावे का पता चला कि, महाराष्ट्र के औरंगाबाद में जुलाई २०१८ में मराठा आन्दोलनकारियों द्वारा पुलिस को खदेड़ने की घटना घटीत हुई थी | इस दावे की सत्यता जांचने के लिए हमने औरंगाबाद ग्रामीण पुलिस से संपर्क किया | इस घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी पुलिसकर्मी ने नाम जाहिर ना करने की शर्त पर हमें बताया कि, “यह वीडियो औरंगाबाद के गंगापुर शहर का ही है |” उन्होंने कहा कि, २४ जुलाई को यह घटना जरुर घटित हुई थी, लेकिन पुलिस आन्दोलनकारियों के डर से नहीं भाग रहे थे | उन्होंने बताया कि, २३ जुलाई २०१९ को जिले के गंगापुर पुलिया पर मराठा आन्दोलनकारियों ने जलसमाधि आन्दोलन का आयोजन किया था | इसमें काकासाहेब शिंदे नामक आन्दोलनकारी ने गोदावरी नदी में छलांग लगाकर जान दी | दुसरे दिन, यानि २४ जुलाई को उनके अंतिम संस्कार के लिए हजारों की संख्या में आन्दोलनकारी आये | इससे औरंगाबाद-पुणे हाईवे जाम हो गया | उन दिनों नदी का पानी उफान पर था | कुछ अनहोनी होने पर स्थिति से निबटने के लिए रेस्क्यू बोट, अग्निशमन की गाड़ियाँ बुलाई गई थी | यह गाड़ियाँ पुलिया के दुसरे छोर पर ले जाते वक्त आन्दोलनकारियों को लगा की उनको निशाना बनाया जा रहा है, तो वह आक्रमक हो गए | अगर पुलिस आगे बढती तो पुलिया पर भगदड़ हो सकती थी और लोग नदी में गिर सकते थे | इसलिए स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारीयों ने पुलिस फ़ोर्स को पीछे हटने को कहा | पुलिस को पीछे हटते देख आन्दोलनकारी भी पुलिस का पीछा करने लगे |

अतः समाचार चैनल्स द्वारा दी गई ख़बरें तथा पुलिस सूत्र के द्वारा पुष्टि किये जाने से यह स्पष्ट होता है कि, उपरोक्त वीडियो औरंगाबाद के गंगापुर में २४ जुलाई २०१८ को हुए  मराठा आन्दोलन की घटना का है |

जांच का परिणाम :  इस अनुसंधान से यह स्पष्ट होता है कि, उपरोक्त पोस्ट में साझा वीडियो के साथ किया गया दावा कि, “कश्मीर में उग्र भीड़ के हमले से डरकर पुलिस भाग रही है |” गलत है | यह वीडियो कश्मीर का नहीं, बल्कि औरंगाबाद का है |  

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Title:भीड़ के हमले से डरकर भाग रही पुलिस का यह वीडियो कश्मीर का नहीं, बल्कि औरंगाबाद का है |

Fact Check By: R Pillai 

Result: False


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