फारुक नामक इस शख्स को ना तो ट्रेन से घसीटकर मारपीट की गई, और ना ही उसकी दाढ़ी कटवाई गई |

False National Social
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३० अगस्त २०१९ को ट्वीटर पर ‘M Wadood Sajid’ नामक एक यूजर ने एक ट्वीट के साथ एक तस्वीर साझा की है | तस्वीर में एक व्यक्ति दिखाई दे रही है, जिसके सर पर नमाज की टोपी है |            

ट्वीट के विवरण में लिखा गया है कि, 

Dear @Uppolice @baghpatpolice @RailMinIndia @myogiadityanath @AmitShah @ndtv @sardesairajdeep @ravishndtv @aajtak @BDUTT

urgent attention. This person Farooq was dragged from a train at Baghpat, beaten up badly. His Beard shaved off. He needs help. brother contact 84332***** 

हिंदी में अनुवाद – कृपया ध्यान दें | तस्वीर में दिखाई दे रहे फारूक को बागपत स्टेशन पर ट्रेन से जबरन उतारा गया, बहुत पिटाई की गई तथा उसकी दाढ़ी निकाली गई | उसे तत्काल मदद की जरूरत है | भाई का संपर्क नंबर 84332*****

इस ट्वीट व्दारा किया यह दावा किया जा रहा है कि, फारूक नामक इस मुस्लिम शख्स को बागपत स्टेशन पर ट्रेन से जबरन उतारकर उसकी पिटाई की गई तथा उसकी दाढ़ी निकाली गई | आइये जानते है इस दावे की सच्चाई |

मूल ट्वीट यहाँ देखें – ‘M Wadood Sajid’  | ARCHIVE TWEET

अनुसंधान से पता चलता है कि…

सबसे पहले हमने यह ढूंढा कि, ट्वीट करनेवाला शख्स M Wajood Sajid कौन है | उनके ट्वीटर हँडल पर देखने से पता चलता है कि, वह एक पत्रकार है | VNI समाचार संस्था के वह मुख्य संपादक है | साथ ही दिल्ली पत्रकार संघ के कार्यकारिणी सदस्य है |

इसके बाद हमने ट्वीट में दिए गए नंबर पर बार बार संपर्क किया, लेकिन यह नंबर बंद आया |

फिर हमने ट्वीट के नीचे आये जवाबी ट्वीट देखे | हमें पता चला कि, सम्बंधित यंत्रणा ने ट्वीट कर मामले की जाँच शुरू कर दी है | आप इस ट्वीट के थ्रेड को नीचे देख सकते है |

ARCHIVE TWEET

बागपत पुलिस ने इस ट्वीट का संज्ञान लेकर तफ्तीश की और यह ढूंढ निकाला कि, इस शख्स ने खुद ही अपनी दाढ़ी कटवाई थी | यह ट्वीट आप नीचे देख सकते है |

ARCHIVE TWEET

इसके अलावा हमें इसी थ्रेड में बागपत के पुलिस अधीक्षक का वीडियो मिला, जिसमे उन्होंने तफ्तीश के दौरान निष्पन्न हुई असली कहानी का विस्तार से जिक्र किया है | 

ARCHIVE TWEET

हमने ‘खुद कटवाई दाढ़ी’ इन की-वर्ड्स से गूगल करने से हमें ‘जागरण’ द्वारा ३० अगस्त २०१९ को दोपहर प्रसारित एक खबर भी मिली | इस खबर में कहा गया है कि, “मुगलपुरा मोहल्ला निवासी युवक मोहम्मद फारूक पुत्र मुन्ना छाता बनाने का काम करता है। वह गुरुवार सुबह अपने दोस्त के पास दिल्ली गया था। उसके मुताबिक, खजूरी पुस्ते के पास पहुंचकर एक हेयर सैलून पर उसने अपनी दाढ़ी कटवा ली। रात करीब दस बजे वह बागपत में अपने घर पहुंचा। समाज व परिवार के डर से उसने अपने घरवालों को बताया कि ट्रेन में शरारती तत्‍वों ने उसके साथ मारपीट की और उसकी दाढ़ी भी काट दी। घरवालों ने उसकी बात पर विश्‍वास कर लिया।

एसपी ने पूछताछ की तो खुली पोल : कोई शक न करे, इसलिए अपने कपड़े भी फाड़ लिए। यह मामला आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल किए। घटना की पुलिस को सूचना दी गयी। एसपी प्रताप गोपेन्द्र यादव ने युवक से पूछताछ कर जांच-पड़ताल की। जिसमें युवक द्वारा की गई हरकतों का पता चल गया। बाद में मोहम्मद फारूक ने कोतवाली में हाथ जोड़कर और कान पकड़कर अपनी गलती के लिए माफी मांगी। एसपी का कहना है कि युवक के साथ कोई घटना नहीं हुई है। उसने गलत जानकारी दी थी|” 

पूरी खबर यहाँ पढ़ें – ‘जागरण’ | ARCHIVE NEWS

इसी तरह की ख़बरें ‘पत्रिका’ तथा ‘दैनिक भास्कर’ ने भी प्रसारित की है |
ARCHIVE NEWS | ARCHIVE NEWS

‘पंजाब केसरी’ ने इसी खबर का एक विडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया है, जो आप नीचे देख सकते है |

इस शोध से हमें पता चला कि, ट्वीट में उल्लेखित मोहम्मद फारूक नामक शख्स ने खुद ही अपनी दाढ़ी कटवाई और समाज के डर से झूठी कहानी रची | इस दावे की सत्यता जांचने के लिए हमने बागपत के पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र से २९ अगस्त २०१९ की शाम संपर्क किया | उन्होंने हमें बताया कि, “यह एक गलत ट्वीट साबित हुआ है | हमने मामले का संज्ञान लेकर तुरंत जांच शुरू की | शुरुआत में पहले ट्रेन से जबरन उतारे जाने व मारपीट की बात पर वह कायम थे | हमने बाद में उनके मोबाइल का सीडीआर निकाला | सीडीआर से मिली जानकारी के बाद पूछताछ में आखिर उन्होंने सही बयान दिया | बागपत RPF से पुष्टि की गई कि, उनको मारपीट की घटना नहीं घटित हुई है | इज्तेमा में जाने के बाद फारुक ने दाढ़ी रखी थी लेकिन बाद में वह दाढ़ी कटवाना चाहते थे | लेकिन परिवार व समाज के डर से उन्होंने यह ड्रामा रचा |”  

अतः ट्वीट की मलिका, समाचार चैनल्स द्वारा दी गई ख़बरें तथा पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र द्वारा पुष्टि किये जाने से यह स्पष्ट होता है कि, फारुक नामक इस शख्स को ना तो ट्रेन से घसीटकर उतारा गया ना ही उसकी दाढ़ी निकाली गई | परिवार व समाज के डर से उन्होंने यह ड्रामा रचा |     

जांच का परिणाम :  इस अनुसंधान से यह स्पष्ट होता है कि, उपरोक्त ट्वीट में साझा तस्वीर के साथ किया गया दावा कि, “फारुक नामक शख्स को ट्रेन से घसीटकर उतारा गया, मारपीट की गई तथा उसकी दाढ़ी कटवाई गई |” गलत है | फारुक ने खुद अपनी दाढ़ी कटवाई और परिवार व समाज के डर से यह ड्रामा रचा | 

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Title:फारुक नामक इस शख्स को ना तो ट्रेन से घसीटकर मारपीट की गई, और ना ही उसकी दाढ़ी कटवाई गई |

Fact Check By: R Pillai 

Result: False


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