Fact Check- क्या डेनमार्क में मुसलमानों से छीना जा रहा है वोटिंग का अधिकार?

False International
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

फ्रांस के राष्ट्रपति की “फ्री स्पीच” की टिप्पणी के पश्चात फ्रांस के साथ-साथ कई अन्य देशों में भी मुस्लिम समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, इसी बीच ऑस्ट्रिया और अफगानिस्तान में हुये आतंकी हमलों की घटनाओं के पश्चात ‘अल कायदा’ संगठन द्वारा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को फ्रांस में हो रही मुस्लिम विरोधी घटनाओं के लिये भयंकर परिणाम भुगतने की धमकी दी है | इसी क्रम में सोशल मीडिया पर कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि डेनमार्क ने मुसलमानों से वोटिंग के अधिकार छीनने के लिए कानून बना दिया है | 

पोस्ट में लिखा गया है कि 

ताज़ा खबर- डेनमार्क में मुस्लिम समुदाय के वोट देने के अधिकार को ख़त्म करने वाला कानून पास किया गया है |”

फैक्ट क्रेसेंडो ने फ्रांस को लेकर चल रही अफवाहों का पहले भी खंडन करते हुए लोगों तक सच पहुँचाया है |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसन्धान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया कि डेनमार्क में ऐसे लोगों से वोटिंग का अधिकार छीनने का कानून बना है, जिनका संबंध आतंकवादी संगठनों से पाया जाता है |

जाँच की शुरुवात हमने इस पोस्ट से सम्बंधित कीवर्ड सर्च करने से की, जिसके परिणाम में हमें डेनिश भाषा में अक्टूबर २०१९ को प्रकाशित खबर से हमें पता चला कि डेनमार्क ने पिछले साल एक ऐसा कानून पारित किया है, जिसमें सीरिया और ईराक जैसे देशों में सक्रिय आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की नागरिकता निरस्त करने का प्रावधान है | पहले ऐसा करने के लिए एक कोर्ट ऑर्डर की जरूरत होती थी, लेकिन इस कानून के पास होने के बाद कोर्ट ऑर्डर की जरूरत खत्म हो जायेगी | २०१९ के अक्टूबर में रूसी न्यूज एजेंसी ‘स्पु​त्निक’ ने इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट छापी थी जिसके अनुसार, आतंकी समूहों से जुड़े जिन लोगों की नागरिकता निरस्त की जाएगी, उन्हें इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए चार हफ्तों की मोहलत दी जाएगी | 

आर्काइव लिंक | आर्काइव लिंक

इसी कानून पर रॉयटर्स की एक खबर के अनुसार डेनिश सरकारी अधिकारियों का मानना है कि डेनमार्क के कम से कम १५८ लोग २०१२ से सीरिया या इराक में आतंकवादी इस्लामी समूहों में शामिल हो गए हैं,  जिनमें से लगभग २७ लोग संघर्ष क्षेत्र में बने हुए हैं और माना जाता है कि इनमें से १२ लोग अभी भी संघर्ष क्षेत्र में अटके हुये हैं | सभी २७ डेनिश नागरिक हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कितने लोगों के पास दूसरे देश की नागरिकता है |

इस प्रस्तावित नए कानून के अंतर्गत, जिसको विभिन्न दलों के सांसदों का व्यापक समर्थन है, डेनमार्क की सरकार को यह हक़ देगा कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने वाले डेनमार्क की नागरिकों (जो अपने डेनिश नागरिकता के आलावा एक और राष्ट्रीयता रखते हैं) उनसे डेनमार्क की नागरिकता छीनने की अनुमति देगा, इस कानून के चलते अब अदालती आदेश की जरूरत नहीं होगी | 

डेनमार्क के प्रधान मंत्री मेट फ्रेदेरिक्सों ने कहा कि 

ये वे लोग हैं जिन्होंने डेनमार्क से मुंह मोड़ लिया है और हमारे लोकतंत्र और स्वतंत्रता के खिलाफ हिंसा से लड़ रहें हैं। ये लोग हमारी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। वे डेनमार्क में अवांछित हैं |”

आर्काइव लिंक 

Thedanishparliament.dk   पर दी गई जानकारी के अनुसार डेनमार्क में कोई नागरिक वोट तभी दे सकता है, जब वो कम से कम १८ साल की उम्र का होता है और डेनमार्क, ग्रीनलैंड या फेरो आइलैंड का निवासी हो, नॉर्डिक देशों (डेनमार्क सहित उत्तरी यूरोप के कुछ अन्य देश) की संस्था नॉर्डिक को-ऑपरेशन ने भी अपनी वेबसाइट में डेनमार्क के वोटिंग से जुड़े नियमों का ब्यौरा दिया है |

यह सच है कि पिछले कुछ डेनमार्क में आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की नागरिकता निरस्त करने के लिए एक कानून बना था, लेकिन वहां पर मुसलमानों के मतदान के अधिकार को खत्म नहीं किया गया है बल्कि कोई भी व्यक्ति जिसकी दोहरी नागरिकता है व वह किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, ऐसे व्यक्तियों की डेनिस नागरिकता को बिना किसी अदालती आदेश के निरश्त किया जा सकेगा   |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | डेनमार्क में मुसलमानों से वोटिंग का अधिकार छीनने की बात गलत है, २०१९ में पारित कानून के अंतर्गत दोहरी नागरिकता वाले किसी भी नागरिक की, जो आतंकी आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, ऐसे लोगो की डेनिस नागरिकता बिना अदालती आदेश के बर्खास्त कर दी जायेगी|

Avatar

Title:क्या डेनमार्क में मुसलमानों से छीना जा रहा है वोटिंग का अधिकार?

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply