क्या पटना में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के शवों को गंगा में फेंका जा रहा है?

Coronavirus False

नाव पर सवार कुछ लोगों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है, इस तस्वीर को साझा करते हुये दावा किया जा रहा है कि तस्वीर पटना से है जहाँ कोरोनावायरस से संक्रमित मृत लोगों की संख्यां कम करने के लिए शवों को गंगा नदी में फेंका जा रहा है | पोस्ट के माध्यम से यह भी दावा किया जा रहा है कि बिहार में इसी तरह से कोरोनावायरस से संक्रमित शवों को बहाया जाता है | कहा जा रहा है कि कर्णाटक में भी इस तरह से कोरोनावायरस से संक्रमित होकर मृत लोगों की शवों को फेंका जाता है ताकि असल मृत लोगों की संख्यां कम दिखायी जा सके |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुवात हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम से हमें ८ जुलाई २०२० को हिंदुस्तान टाइम्स के ऑनलाइन पेपर पर यह तस्वीर उपलब्ध मिला | रिपोर्ट के मुताबिक, यह तस्वीर ७ जुलाई को काली घाट के पास पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के पीछे के इलाके में खीची  गई थी | इस तस्वीर के शीर्षक में लिखा गया है कि “पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कर्मचारी मंगलवार को काली घाट के पास गंगा में एक लावारिस शव को फेंक रहे हैं | फोटोग्राफर- परवाज़ खान “

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गूगल सर्च कर कुछ संबंधित ख़बरों को ढूँढने पर हमें पता चला कि बिहार में कुल ४ कोविड हॉस्पिटल है जिनका नाम है: पटना में NMCH, गया में ANMCH, भागलपुर में JLNMCH और पटना में AIIMS  
इसमें हमने कही भी पटना मेडिकल कॉलेज का नाम नही देखा जिससे यह स्पष्ट होता है कि पटना मेडिकल कॉलेज कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के उपचार हेतु उपलब्ध नहीं है|

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तद्पश्चात हमने हिंदुस्तान टाइम्स के फोटोग्राफर परवाज़ खान से संपर्क किया जिन्होंने इस तस्वीर को खीचा है, उन्होंने हमें बताया कि “उस दिन मैं गंगा के जल स्तर की कुछ तस्वीरें क्लिक करने के लिए PMCH के पीछे काली घाट पर गया था | मंगलवार दोपहर लगभग २ बजे थे | मैंने स्पष्ट रूप से तीन लोगों के साथ एक नाव को नदी में एक व्यक्ति के लाश को फेंकते हुए देखा | यह काफी आम दृश्य है, लेकिन मैं यह गारंटी नहीं दे सकता कि वे कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज का शरीर था या नही | लेकिन नाव में एक शरीर था जिसको उन लोगों ने गंगा में बहा दिया | सोशल मीडिया पोस्ट पर किये गये दावे के अनुसार कई सारे शव नही थे |”

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को भ्रामक पाया है | तस्वीरें तब खीची गई थी जब पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पीछे एक शव को गंगा में फेंका जा रहा था | हालांकि, हमें मृतक कि कोई जानकारी और मौत का कारण ज्ञात नहीं है | परंतु PMCH कोविड की चिकित्सा के लिए नामित हॉस्पिटल नही है और अकसर हॉस्पिटल द्वारा लावारिस लाशों को गंगा में दाल दिया जाता रहा है | 

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Title:क्या पटना में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के शवों को गंगा में फेंका जा रहा है?

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False