तपस्वियों के बारें में कह रहे राहुल गांधी के अधूरे वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

Missing Context Political

यह वीडियो अधूरा है। मूल वीडियो में राहुल गांधी मंदिर के पुजारियों के बारें में बात नहीं कर रहे हैं। वे भाजपा और आर.एस.एस के लोगों को पुजारी कहकर संबोधित कर रहे है। 

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हाल ही में राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फरेंस की थी। उसका एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। उसमें आप उन्हें ये कहते हुये सुन सकते है कि, “ये देश तपस्वियों का है, पुजारियों का नहीं है।“ इस वीडियो के वायरल होने के बाद देश में काफी पुजारियों और अन्य लोगों ने काफी बवाल मचाया और राहुल गांधी के खिलाफ आक्रोश जताया।

वायरल वीडियो को शेयर कर यूज़र ने लिखा है, “अब इनको पुजारियों से भी तकलीफ़ हैं।“

आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

इस वीडियो की जाँच के लिए हमने यूट्यूब पर कीवर्ड सर्च किया। हमें इस प्रेस कॉन्फरेंस का मूल वीडियो 8 जनवरी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के चैनल पर प्रसारित किया हुआ मिला। उसके साथ दी गयी जानकारी में बताया गया है कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी की यह प्रेस कॉन्फरेंस हरियाणा के सामना में हुई थी। इस वीडियो में आप 37.12 मिनट पर वायरल क्लिप को देख सकते है।

इस प्रेस कॉन्फरेंस को देखने पर हमने पाया कि एक पत्रकार के सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने यह कहा था कि कांग्रेस पार्टी एक तपस्या का संगठन है और भाजपा पूजा का संगठन है। कांग्रेस पार्टी ये कहती है कि इस देश में तपस्या का सम्मान होना चाहिये याने गुण और काम का सम्मान होना चाहिये। भाजपा और आर.एस.एस कहती है कि तपस्या का कोई सम्मान नहीं होना चाहिये। जो उनकी पूजा करेगा उनका सम्मान होना चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कहती है उनकी पूजा करों, नहीं तो मार देंगे। फिर उन्होंने कहा कि ये लड़ाई है पूजा और तपस्या के बीच में और कांग्रेस तपस्या का संगठन है। 

इसके बाद उनसे दूसरी पत्रकार ने सवाल किया कि राहुल गांधी ने कहा कि अब लड़ाई तपस्या की हो गयी है, राजनीतिक नहीं, तो क्या वे तपस्वी है। इसपर जवाब देते हुये उन्होंने कहा कि वे तपस्वी है, ये देश भी तपस्वियों का है। जैसे लोग कह रहे है कि देखो राहुल गांधी ने कितने किलोमीटर चल लिया। लोग ये क्यों नहीं कहते कि देखो किसान कितने किलोमीटर चलता है। हिंदुस्तान का कोई किसान या मजदूर ऐसा नहीं है जो उनसे कम चला है। लोग तपस्या का सम्मान नहीं करते, मैं करता हूँ। ये बदलाव लाना है, तो ये देश तपस्वियों का है, पुजारियों का नहीं। इस देश की सच्चाई ये है। और अगर भारत को सूपरपॉवर बनना है तो हमें तपस्वियों का याने उत्पादक का सम्मान करना पड़ेगा।

इससे हमें वायरल वीडियो का पूरा संदर्भ समझ आया। असल में राहुल गांधी मंदिर के पुजारियों की बात नहीं कर रहे है। वे भाजपा और आर.एस.एस कि बात करते हुये उन्हें पुजारी शब्द संबोधित कर रहे है। 

वायरल वीडियो को काटकर शेयर किया जा रहा है। आप नीचे दिये गये तुलनात्मक वीडियो में मूल वीडियो और वायरल वीडियो के बीच अंतर देख सकते है।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। यह वीडियो अधूरा है। इसके मूल वीडियो में राहुल गांधी मंदिर के पुजारियों की बात नहीं कर रहे हैं। वे भाजपा और आर.एस.एस के लोगों को पुजारी कह रहे है और कांग्रेस के लोगों को तपस्वी कह रहे है।

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Title:तपस्वियों के बारें में कह रहे राहुल गांधी के अधूरे वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Samiksha Khandelwal 

Result: Missing Context

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