मुस्लिम धर्मगुरु सरजन बरकती के एक पुराने वीडियो को बंगलादेशी लोगों द्वारा कश्मीर की कथित आजादी के लिए प्रदर्शन के नाम से फैलाया जा रहा है |

False Political
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

८ अगस्त २०१९ को एम. ए. मालिक नामक एक फेसबुक यूजर ने एक विडियो पोस्ट किया, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “हम हमेशा कश्मीर का समर्थन करते हैं, बांग्लादेश से हम स्वतंत्रता की लड़ाई जारी रखते हैं, कश्मीरी भाई और बहनों इंशाअल्लाह फ्री कश्मीर” | इस विडियो में हम हज़ारों लोगों को आज़ादी के नारें लगाते हुए सुन सकते है | इस विडियो को सोशल मीडिया पर काफ़ी तेजी से साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि बंगलादेशी लोगों ने कश्मीर की कथित आज़ादी की मांग का समर्थन करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे है |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

इस विडियो को सोशल मीडिया पर एक और शीर्षक के साथ साझा किया जा रहा है, लिखा गया है कि “जारी कर्फ्यू के बावजूद लोग इस बैठक के लिए भारी संख्या में आए हैं। इंशाल्लाह कश्मीर विजयी होगा” | इस विडियो के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि श्रीनगर में सेक्शन १४४ लागु किये जाने के बाद भी लोग कश्मीर की कथित आज़ादी की मांग करते हुए हज़ारों की संख्या में इकट्टा हुए है और विरोध प्रदर्शन कर रहे है | 

संशोधन से पता चलता है कि…

जांच की शुरुआत हमने इस विडियो को छोटे छोटे कीफ्रेम्स में तोड़ने से किया व गूगल रिवर्स इमेज सर्च भी किया जिसके परिणाम से हमें २० सितम्बर २०१६ को ‘सैफरन टीवी’ द्वारा प्रसारित विडियो मिला | इस विडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि “सर्जन बरकती समर्थक स्वतंत्रता रैली में” | 

कश्मीर रीडर के अनुसार, वीडियो भाषणों की एक श्रृंखला का हिस्सा है जो बरकती ने बुरहान वानी की मौत के बाद दिये थे | बुरहान वानी जो कश्मीरी अलगाववादी समूह हिजबुल मुजाहिदीन का युवा कमांडर था, जो  जुलाई २०१६ में एक मुठभेड़ में मारा गया था | सरजन बरकती घाटी में वानी की मौत के बाद नागरिक अशांति के दौरान भारत विरोधी और स्वतंत्रता-समर्थक भावनाओं के साथ कश्मीरियों के बीच लोकप्रिय हो गया था | वह कश्मीर के ‘पाईड पाइपर’ और ‘आजादी चाचा’ के रूप में जाना जाता था |

आर्काइव लिंक 

फर्स्ट पोस्ट द्वारा दी गई खबर के अनुसार बाद में भारत विरोधी नारे लगाने के लिए पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत बरकती को अक्टूबर २०१६ में गिरफ्तार किया गया था | उसके परिवार ने जुलाई में जम्मू-कश्मीर के शोपियां इलाके में एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और बरकती की रिहाई की मांग की थी |

आर्काइव लिंक

निष्कर्ष: तथ्यों की जांच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है, जम्मू-कश्मीर में एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए मुस्लिम धर्मगुरु सरजन बरकती के एक पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर यह दावा करते हुए फैलाया जा रहा है कि कश्मीर की कथित आजादी के लिए बंगलादेशी लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे है | इस विडियो का बांग्लादेश से कोई सम्बन्ध नही है |

Avatar

Title:मुस्लिम धर्मगुरु सरजन बरकती के एक पुराने वीडियो को बंगलादेशी लोगों द्वारा कश्मीर की कथित आजादी के लिए प्रदर्शन के नाम से फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •