6 साल पहले ईरान द्वारा जब्त किए गए ब्रिटिश जहाज ‘स्टेना इम्पेरो’ का वीडियो, सोशल मीडिया पर मौजूदा संदर्भ से जोड़कर फर्जी रूप में वायरल।

इस्राइल-अमेरिका के साथ ईरान के युद्ध को एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है। यह युद्ध अब बेहद ही नाजुक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व के बीच जुबानी जंग के साथ-साथ सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। वहीं ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच सैन्य टकराव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि वह “दुश्मन देशों” के लिए होर्मुज का रास्ता नहीं खोलेगा।
इसी पृष्टभूमि में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें समुद्र के बीच एक जहाज पर मास्क पहने कुछ सैनिकों को हेलीकॉप्टर से रस्सी की मदद से उतरते हुए दिखाया गया है। जहाज के चारों ओर कई छोटी स्पीड बोट भी दिख रही है। साथ ही ईरान का झंडा और “Stena” लिखा हुआ नज़र आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान द्वारा अमेरिकी जहाज को कब्जे में लेने का है।
फेसबुक पर वायरल वीडियो को इस कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है…
#ईरान ने #अमेरिकी जहाज को #कब्जे में लेकर #दुनिया को चौंका दिया।
अमेरिका की कोशिश हुई नाकाम! ईरान का सीधा संदेश— हॉर्मूज जलडमरूमध्य अमेरिका के लिए नहीं है।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को लेकर रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यहीं वीडियो बीबीसी न्यूज के आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट पर 20 जुलाई 2019 को अपलोड किया हुआ मिला। वीडियो के साथ लिखे डिस्क्रिप्शन के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी द्वारा जारी किए गए फुटेज में कथित तौर पर दिखाया गया कि ईरानी सुरक्षाबलों ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में एक ब्रिटिश झंडा लगे टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया था।
इसके बाद हमें ईरान के प्रेस टीवी के एक्स अकाउंट के हवाले से 20 जुलाई 2019 को पोस्ट किया गया यहीं वीडियो मिला। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा हुआ था, “आईआरजीसी ने वह वीडियो जारी किया है जब उनके बलों ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में ब्रिटिश टैंकर स्टेना इम्पेरो को अपने कब्जे में लिया था”।
हमें सीएनएन की वेबसाइट पर एक रिपोर्ट मिली, जिसे 22 जुलाई 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसके अनुसार, ईरान की एलीट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में स्टेना इम्पेरो नाम के जहाज को कब्जे में लिया था। यह घटना तब हुई थी जब जिब्राल्टर में एक ईरानी तेल टैंकर की हिरासत को 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया था। आईआरजीसी ने ब्रिटिश झंडे के नीचे चल रहे इस जहाज स्टेना इम्पेरो को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कब्जे में लेने का दावा किया था। हालांकि इस जहाज की कंपनी स्टेना बल्क ने इस आरोप का खंडन किया था। वहीं जहाज पर सवार 23 नाविक भारत, लातविया, फिलीपींस और रूस से थे।

पड़ताल में यह ज्ञात हुआ कि ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 19 जुलाई को 2019 को ब्रिटेन के झंडे वाले टैंकर Stena Impero को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रोक लिया था।
वायरल दावे से सम्बंधित रिपोर्ट को इंटरनेशनल मीडिया हाउसेस (अलजजीरा, न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्डियन और एनबीसी न्यूज) के हवाले से देख सकते हैं,जिनको जुलाई 2019 में प्रकाशित किया गया था। पता चलता है कि ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 19 जुलाई को 2019 को Stena Impero जहाज पर “अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन” का आरोप लगा कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रोक दिया था। Stena Impero का संचालन करने वाली कंपनी स्टेना बल्क के सीईओ एरिक हेनेल ने ईरान के इन आरोपों का खंडन किया था। जहाज में सवार 23 क्रू मेंबर्स को हिरासत में लिया गया था, लेकिन उनमें से किसी के भी ब्रिटिश नागरिक होने की पुष्टि नहीं हुई थी।
जहाज पर भारत, लातविया, फिलीपींस और रूस के नाविक शामिल थे। फिर करीब दो महीने बाद सितंबर 2019 में इस जहाज को रिहा कर दिया गया था।
खोज में हमें जहाज से जुड़ी जानकारी शिपिंग कंपनी स्टेना बल्क की वेबसाइट पर भी मिली। यहां भी उक्त जहाज को ब्रिटिश झंडा ही बताया गया है।
जबकि वेसल फाइंडर की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, वर्तमान में यह जहाज टोर्म फार्च्यून के नाम से जाना जाता है जो डेनमार्क के झंडे के नीचे चलता है।
इसलिए स्पष्ट है कि यह वीडियो भ्रामक है। यह वीडियो 2019 का है, जब आईआरजीसी ने ब्रिटिश जहाज स्टेना इम्पेरो को कब्जे में लिया था।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। इस वीडियो का मौजूदा संदर्भ से कोई संबंध नहीं है। असल में यह ब्रिटिश जहाज स्टेना इम्पेरो का वीडियो है जिसे 2019 में ईरान ने अपने कब्जे में लिया था।


