वुहान लैब से वियाग्रा युक्त मच्छरों के भागने की खबर एक व्यंग्यात्मक वेबसाइट का काल्पनिक लेख है |

Coronavirus False Medical
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इन्टरनेट पर अकसर COVID-19 महामारी को एक मानव रचित षड्यंत्र बताया जाता रहा है और इससे जुड़े कई प्रकार के भ्रामक षड्यंत्रों के बारे में जोर शोर से सोशल मीडिया पर लोग मैसेज डालते रहे हैं, ईन षड्यंत्रों में से प्रमुख दावा चीन के वुहान लैब में कोरोना को बनाने व इस वायरस को जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला है | वुहान लैब को लेकर वर्तमान में भी एक अन्य दावा सोशल मंचो पर काफी प्रचलित होता दिख रहा है जहाँ ये कहा जा रहा है कि है कि वुहान की एक हाई-सिक्योरिटी लैब से ऐसे हजारों मच्छर भाग गए हैं जिन्हें यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवा वियाग्रा का इंजेक्शन लगाया गया था |

वायरल हो रही पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि,

“चीन ने दिया एक और झटका. वुहान की एक हाई-सिक्योरिटी लैब से ऐसे हजारों मच्छर फरार हो गए हैं जिन्हे वियाग्रा का इंजेक्शन लगा था |” 

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक

ट्वीट लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रही पोस्ट को ध्यान से देखने से की, जिससे हमें नज़र आया कि जो लोग वुहान की लैब से वियाग्रा का इंजेक्शन लगाए हुए मच्छरों के भागने की खबर पर चर्चा कर रहे हैं, वो ‘’ नाम की एक वेबसाइट का एक लिंक भी शेयर कर रहे हैं | इस वेबसाइट को कीवर्ड सर्च करने पर हमें यह खबर वर्ल्ड न्यूज़ डेली रिपोर्ट के वेबसाइट पर मिली |  इस वेबसाइट को बारीकी से देखने पर हमने पाया कि इसके ‘डिस्क्लेमर सेक्शन’ में साफ लिखा है “इस वेबसाइट में लिखे सभी लेख महज काल्पनिक व्यंग्य हैं |

आर्काइव लिंक 

इस वेबसाइट के डिस्क्लेमर में यह भी लिखा गया है कि “लेखों में जिन नामों का जिक्र है, वे भी पूरी तरह से काल्पनिक लोगों के हैं | अगर किसी जीवित या मृत व्यक्ति से इनकी समानता होती है तो इसे मात्र एक करिश्मा कहा जाएगा |”

सोशल मीडिया पर यह दावा इतना वायरल क्यों है?
आगे हमने यह ढूँढने की कोशिश की कि क्यों लोगों ने इस खबर को सच मान किया | हमें पता चला कि लोगों ने इस खबर पर इसलिए भी यकीन कर लिया क्योंकि लंबे समय से आरोप लगाया जा रहा है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान लैब से लीक हुआ है |  पिछले महीने एक स्टडी में पाया गया है कि ‘वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी’ में बने कोविड-19 बीमारी के वायरस को रिवर्स इंजीनियरिंग की मदद से बदला गया, ताकि ऐसा लगे कि ये वायरस चमगादड़ों से इंसानों में आया है |

डेलीमेल’ ने इस स्टडी से जुड़ी लिखी गयी न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार इन सभी दावों की जांच चल रही है | साल २०१९ में छपी ‘worldnewsdailyreport’ वेबसाइट की एक और पर लोगों ने यकीन कर लिया था | खबर ये थी कि वियाग्रायुक्त पानी पीने के बाद आयरलैंड में सैकड़ों भेड़ें बेकाबू हो गईं और अनियंत्रित व्यवहार करने लगीं | इससे पाठक स्पष्ट हो सकते है कि इस वेबसाइट में छपी ख़बरें मनोरंजन के लिए है | इन ख़बरों को मनोरंजन के लिए पढ़ सकते हैं, लेकिन इस पर यकीन न करें |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | वियाग्रा का इंजेक्शन ले चुके मच्छरों के वुहान लैब से भागने की खबर एक व्यंग्यात्मक वेबसाइट में छपी थी जो कि काल्पनिक है |

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Title:वुहान लैब से वियाग्रा युक्त मच्छरों के भागने की खबर एक व्यंग्यात्मक वेबसाइट का काल्पनिक लेख है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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