पूरी तरह भ्रामक है इस्राइली संसद में पीएम मोदी के संबोधन के दौरान विपक्ष का सदन से बाहर जाने का दावा।

अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिन के इस्राइल दौरे पर थे। जहां उन्होने इस्राइली संसद नेसेट को संबोधित किया था। इस दौरान इस्राइली संसद की ओर से पीएम मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट’ का सर्वोच्च सम्मान भी दिया गया था। अब इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दिखाई दे रहा है कि स्पीकर द्वारा पीएम मोदी का नाम लिए जाने के दौरान कुछ सांसद सदन से बाहर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी के संबोधन के दौरान इस्राइल की विपक्षी पार्टी ने उनका बहिष्कार किया।यूज़र ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है…
टेलीप्रॉम्प्टर तैयार। कैमरे ऑन। जैसे ही मोदी इज़राइल की संसद में बोलने उठे, विपक्षी सांसद बाहर चले गए।अगर यह सच है, तो यह कूटनीति नहीं, सीधा अपमान है। एक भारतीय प्रधानमंत्री, विदेश की संसद में बहिष्कार का कारण बन जाए…यह वैश्विक छवि है या वैश्विक शर्मिंदगी
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में सबसे पहले वायरल वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। परिणाम में हमें इस्राइल पीएम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो का पूरा वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 25 फरवरी 2026 को साझा किया गया है। इसमें 26 मिनट पर प्रधानमंत्री मोदी इस्राइली संसद के स्पीकर अमीर ओहाना के साथ पहुंचते हैं। जहां सभी लोग उनका स्वागत करते हैं। इसमें विपक्षी दल के नेता येर लापिड को भी देखा जा सकता है। हालांकि, अमीर ओहाना के भाषण से ठीक पहले येर लापिड समेत कई विपक्षी सांसद संसद से बाहर चले जाते हैं।
इसके बाद पीएम नेतन्याहू का भाषण शुरू होता है। लेकिन उस दौरान सभी विपक्षी नेता संसद के अंदर मौजूद नहीं होते हैं, वे बाहर जाने लगते हैं।

इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भाषण होता है, जिसमें पूरा विपक्ष लगभग सदन के बाहर ही होता है।
फिर बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण ख़त्म करते ही येर लापिड सदन में प्रवेश करते हैं और उनके साथ अन्य सदस्य भी सदन में आते हैं।

येर लापिड को विपक्षी दल के नेता होने के नाते मंच पर बुलाया जाता है। जहां वे मंच पर जाने के बाद पहले प्रधानमंत्री मोदी से मिलते हैं और फिर संक्षिप्त भाषण देते हैं।

वे शुरुआत में ही कहते हैं कि “प्रधानमंत्री जी आज जो कुछ हुआ वह आपसे सम्बंधित नहीं है। पूरा इसराइल राज्य आपके नेतृत्व, आपकी मित्रता और कठिन समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपकी प्रशंसा करता है। साथ ही हमारे दोनों देशों के बीच इस शाश्वत गठबंधन की भी गहरी सराहना करता है। इसलिए यहां आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और हम सब सदन के दोनों पक्ष आपके संबोधन को सुनने के लिए उत्सुक हैं।”इस दौरान सभी विपक्ष के नेता संसद में मौजूद रहते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पीएम मोदी के भाषण के दौरान सभी विपक्षी नेता सदन में मौजूद हैं।

फिर यह भी दिखाई देता है कि पीएम मोदी अपने भाषण को ख़त्म करने के बाद जब मंच से नीचे आते हैं तो वे येर लापिड से गले भी मिलते हैं साथ ही अन्य विपक्षी सदस्यों से भी मुलाक़ात करते हैं।

हमें पीएम मोदी के यूट्यूब अकाउंट पर भी वायरल वीडियो का पूरा वीडियो अपलोड किया हुआ मिला,जिसमें कहीं भी ऐसे दृश्य नहीं दिखे हैं जो यह पुष्टि करें की पीएम मोदी का इजरायल के विपक्षी सांसदों ने बहिष्कार किया हो।
और खोज करने पर हमें यायर लैपिड की तरफ से 25 फरवरी 2025 को उनके एक्स हैंडल पर एक पोस्ट की हुई मिली,जिसमें पीएम मोदी के साथ एक तस्वीर भी शेयर की गई थी। उन्होंने एक्स पर लिखा था, “पूरा इजरायल आपके नेतृत्व की सराहना करता है,आपकी दोस्ती को अहमियत देता है, और इस बात का शुक्रगुजार है कि आपने मुश्किल समय में हमारा साथ दिया। यहां आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।”
अब हमें मामले से सम्बंधित द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट मिली जो 25 फरवरी 2026 को प्रकाशित की गई है। इसमें बताया गया है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी के लिए आयोजित सत्र में विपक्षी दलों ने अधिकांश भाग का बहिष्कार किया। क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इसहाक अमित को आमंत्रित नहीं किया गया था। येस अतीद और यिसराएल बेतेनु ने सत्र से ठीक पहले घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण तो सुनेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संसद अध्यक्ष अमीर ओहाना के भाषणों का बहिष्कार करेंगे। विपक्षी नेता सांसद यायर लैपिड ने बताया कि मैं बस आपको यह बताना चाहता हूं कि यहां जो कुछ भी हुआ है, उससे आपका कोई लेना-देना नहीं है।
टाइम्स ऑफ़ इसराइल की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने ओहाना और नेतन्याहू के भाषणों का बहिष्कार इसलिए किया क्योंकि इस विशेष सत्र में हाई कोर्ट के अध्यक्ष ‘आइजैक अमित’ को आमंत्रित नहीं किया गया था। विपक्ष के नेता लैपिड ने एक हफ्ते पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर आइजैक अमित को नहीं बुलाया गया, तो वो बहिष्कार करेंगे। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आरोप है कि नेतन्याहू के गठबंधन ने हाल के कई बड़े कार्यक्रमों में देश के शीर्ष न्यायाधीश को नजरअंदाज किया था। रिपोर्ट में आगे ये भी बताया गया है कि पीएम मोदी का भाषण सुनने के लिए विपक्ष के नेता सदन में वापस लौट आए थे। इस दौरान लैपिड ने मोदी का स्वागत किया और बताया कि उनके विरोध का पीएम मोदी से कोई लेना-देना नहीं है।
इसलिए अब स्पष्ट होता है कि इजरायल के विपक्ष द्वारा नेसेट के विशेष सत्र के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का बहिष्कार करने का दावा पूरी तरह से झूठा है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। इस्राइल के विपक्षी सांसदों ने पीएम मोदी के संबोधन का बहिष्कार नहीं किया था, बल्कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और कनेसेट स्पीकर अमीर ओहाना के भाषण का बहिष्कार किया था।
Title:क्या इजरायली संसद में पीएम मोदी का बहिष्कार हुआ? यहां जानें वॉकआउट का असली सच…
Fact Check By: Priyanka SinhaResult: False


