“पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाने का ये वीडियो पुराना है, वीडियो किसान आंदोलन से सम्बंधित नहीं है|

False Political
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किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर कई असंबंधितपुराने वीडियो और तस्वीरें फैलाई जा रही है | इसी क्रम में सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से फैलाया जा रहा है | वीडियो में सिख समुदाय के कुछ लोगों को सड़क पर पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हुए देखा जा सकता है | वीडियो के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि यह घटना वर्तमान में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से है | कहा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल की दिल्ली में 

“कश्मीर बनेगा पाकिस्तान” और “पंजाब बनेगा खालिस्तान” के नारे खुले आम लगाए जा रहे हैं |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि

 “#किसानआंदोलन..ये पाकिस्तान नहीं ये केजरीवाल की दिल्ली की सड़कें हैं…जहां कश्मीर बनेगा पाकिस्तान के नारे खुलेआम लगाए जा रहे हैं, ये किसान आंदोलन नहीं है ये गद्दार आंदोलन है..#FarmersProtest |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसन्धान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया कि वायरल वीडियो २०१५ का है और ये वीडियो कश्मीर के बारामूला से है |

जाँच की शुरुवात हमने उपरोक्त वीडियो को इन्विड वी वेरीफाई टूल की मदद से छोटे कीफ्रेम्स में तोड़कर की, जिसके परिणाम से हमें ये वीडियो “द कश्मीर पल्स” नामक एक यूट्यूब चैनल पर मिला | ये वीडियो इस यूट्यूब चैनल पर १९ अक्टूबर २०१५ को प्रसारित किया गया था | वीडियो में दी गई जानकारी के मुताबिक, वीडियो बारामूला से है, जहां सिखों के धार्मिक ग्रंथ “गुरु ग्रंथ साहिब” के अपमान को लेकर सिख समुदाय ने विरोध-प्रदर्शन किया था और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए थे |

‘द कश्मीर पल्स” ने इस वीडियो को लेकर एक रिपोर्ट भी प्रकाशित की थी जिसमें यह वीडियो देखा जा सकता है |

आर्काइव लिंक

और अधिक कीवर्ड सर्च करने पर हमें सम्बंधित खबर मिली जिसके अनुसार १२ अक्टूबर २०१५ को पंजाब के एक गांव में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी होने की खबर आई थी | इसी को लेकर बारामूला में कुछ सिख संगठनों ने ये उग्र विरोध प्रदर्शन किया था | पाकिस्तानी न्यूज चैनल “दुन्या न्यूज़” ने भी इस वीडियो को बारामूला का बताया था | साथ ही हमें न्यूज़ रिपोर्ट के माध्यम से पता चला कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में पंजाब सहित कई और भी जगह प्रदर्शन हुए थे जिसे आप नीचे देख सकते है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त वीडियो के साथ हो रहे वायरल पोस्ट को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो २०१५ का कश्मीर के बारामूला का है ना की दिल्ली से | कुछ सिख संगठनों ने ये विरोध-प्रदर्शन गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के एक मामले को लेकर प्रदर्शन किया था | इस वीडियो के साथ वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलनों से कोई संबंध नहीं है |

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Title:“पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाने का ये वीडियो पुराना है, वीडियो किसान आंदोलन से सम्बंधित नहीं है|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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