Explainer- मंकीपॉक्स क्या है और यह कैसे फैलता है?

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भारत में मंकीपॉक्स का पहला केस सामने आने के साथ ही खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई है। केरल का एक 35 वर्षीय व्यक्ति तीन दिन पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लौटा था, जहां उसे मंकीपॉक्स का संक्रमण हुआ।

मंकीपॉक्स का प्रकोप मई में शुरू हुआ जब यूरोप में संदिग्ध मामले सामने आए। लगभग 60 देशों ने इस बीमारी के फैलने की सूचना दी है। दुनिया ने अब तक 12,556 मामले देखे हैं। यूके और यूएस दोनों देशों में मंकीपॉक्स हुए मरीज़ो की संख्या 1,800 से अधिक हैं।

इस वजह से स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञ लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दे रहे हैं ताकि यह फैलाव ज्यादा न बढ़े।

पाठकों की जानकारी के लिए हमने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी), यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी और भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय में उपलब्ध जानकारी के साथ यह एक्सप्लेनेर बनाया है।

मंकीपॉक्स क्या है?

मंकीपॉक्स वायरस के कारण यह बीमारी होती है। यह वायरस के उसी परिवार का हिस्सा है जो चेचक का कारण बनता है, हालांकि संक्रमण की संभावना कम होती है। यह एक प्रकार का वायरल संक्रमण है जो पश्चिम और मध्य अफ्रीका में आमतौर पर पाया जाता है। 

यह वायरस पहली बार 1958 में एक बंदर में पाया गया था। नाम के बावजूद, इसकी उत्पत्ति बंदरों में नहीं हुई थी। रोग का सोर्स अभी भी अज्ञात है।

इन्सानों में मंकीपॉक्स का पहला मामला 1970 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक बच्चे में पाया गया था।

यह कैसे फैलता है?

मंकीपॉक्स एक वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह एक संक्रमित व्यक्ति (चकत्ते, पपड़ी, या शरीर के तरल पदार्थ के माध्यम से) या जानवर, या वायरस से दूषित सामग्री के साथ निकट संपर्क में आने से फैलता है।

लंबे समय तक आमने-सामने संपर्क या शारीरिक संपर्क (चुंबन, गले लगाना, यौनसंबंध) से भी जोखिम बढ़ती हैं।

जिन लोगों में मंकीपॉक्स के लक्षण नहीं हैं, वे दूसरों में वायरस नहीं फैला सकते हैं।

लक्षण क्या हैं?

मंकीपॉक्स के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 3 सप्ताह के भीतर शुरू हो जाता हैं। बुखार, तेज सिरदर्द, लिम्फ नोड्स में सूजन, पीठ दर्द और मांसपेशियों में दर्द इसके शुरुआती लक्षण हैं।

बुखार आने के 1 से 5 दिनों के भीतर चेहरे पर, मुंह के अंदर और शरीर के अन्य हिस्सों जैसे हाथ, पैर, छाती और जननांगों (genitals), या गुदा (anus) पर फुंसी या छाले जैसे दाने दिखाई देने लगते हैं। आँखों में रैशेज से अंधापन हो सकता है। आमतौर पर, बीमारी 2-4 सप्ताह तक रहती है।

यह कितना जोखिम भरा है?

विशेषज्ञ चिंतित हैं कि प्रकोप उन जगहों पर हो रहे हैं जहां पहले कभी नहीं पाया गया। वे वर्तमान मामलों की उत्पत्ति को समझने में प्रयास कर रहे हैं और ये समझने की कोशिश कर रहे है कि क्या वायरस के बारे में कुछ भी बदल गया है।

लेकिन अच्छी खबर यह है कि मंकीपॉक्स उतनी आसानी से नहीं फैलता जितना कि कोरोनवायरस जिसने कोविड -19 महामारी की शुरुआत की।

मंकीपॉक्स के दो मुख्य स्ट्रेन – पश्चिम अफ्रीकी और मध्य अफ्रीकी – पाए गए हैं। पश्चिम अफ्रीकी स्ट्रेन दुनिया में फैल रहा है। 

बच्चों को इस वायरस का ज्यादा रिस्क होती है। एम्स के अनुसार, मंकीपॉक्स के गंभीर मामले बच्चों में अधिक पाए जाते हैं और कोरोनावायरस की तुलना में उनके लिए अधिक घातक हो सकता है।

समलैंगिक सेक्स का जोखिम

समलैंगिक और बाईसेक्शुअल पुरुष में इस बीमारी से सबसे अधिक संक्रमित पाए गए हैं।

“जो पुरुष पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं उनमें मामले मुख्य रूप से दर्ज किए गए हैं। लेकिन यह केवल उन तक सीमित नहीं,” ऐसा डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस ने कहा।

लेकिन मंकीपॉक्स वाले किसी व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से वायरस का संक्रमण हो सकता है। मंकीपॉक्स का संकेत देने वाले लक्षणों का अनुभव करने वाले किसी भी व्यक्ति को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

इलाज क्या है?

मंकीपॉक्स के लिए विशेष रूप से कोई उपचार नहीं हैं। चेचक के आनुवंशिक रूप से समान होने के कारण, चेचक से बचाव के लिए विकसित एंटीवायरल दवाओं और टीकों का उपयोग मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण को रोकने और इलाज के लिए किया जा सकता है।

मंकीपॉक्स संक्रमण को रोकने के लिए यू.एस. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) द्वारा लाइसेंस प्राप्त दो टीके उपलब्ध हैं। लेकिन वर्तमान प्रकोप में इन टीकों की प्रभावशीलता पर अभी तक कोई डेटा उपलब्ध नहीं है।

डब्ल्यूएचओ मंकीपॉक्स के खिलाफ सामूहिक टीकाकरण की सिफारिश नहीं करता है।

इसके अलावा, मंकीपॉक्स का ​​निदान करना मुश्किल हो सकता है, और यह अक्सर चिकनपॉक्स जैसे अन्य संक्रमणों से समान लगते है।

सावधानियां क्या हैं?

मंकीपॉक्स संक्रमित लोगों के साथ त्वचा से त्वचा के संपर्क (जैसे छूना, चूमना, सेक्स करना) से बचने की विशेषज्ञ सलाह देते हैं। बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोना और सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करना चाहिए। 

संक्रमण से बचने के लिए मरीजों के बिस्तर, कपड़े आदि को न छुए। 

मंकीपॉक्स के रोगियों को अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचना चाहिए जब तक कि उनके घाव ठीक न हो जाएं और पपड़ी सूख न जाए। उन्हें एक अलग कमरे या क्षेत्र में उन लोगों या पालतू जानवरों से दूर रहना चाहिए जिनके साथ आप रहते हैं।

इन्क्युबेशन 6 से 13 दिनों तक चल सकता है, लेकिन यह 5 से 21 दिनों तक कहीं भी रह सकता है। यदि आपको कोई भी लक्षण महसूस हो तो कृपया जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएँ।

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Title:Explainer- मंकीपॉक्स क्या है और यह कैसे फैलता है?

By: Aavya Ray 

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