पीएम मोदी का राफेल लड़ाकू विमानों के नुकसान वाला वीडियो फर्जी, AI से एडिटेड क्लिप वायरल।

अभी हाल ही में मुंबई में इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन हुआ था, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शिरकत की थी। इस दौरान मैक्रों ने भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे की जमकर तारीफ की। तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक संयुक्त प्रेस मीट को भी साझा किया। इसी से जोड़ते हुए इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पीएम मोदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “जब पाकिस्तान ने राफेल जेट विमानों को मार गिराया था, तब पूरी दुनिया भारत का मजाक उड़ा रही थी। भारत किस तरह का विश्व नेता है? कोई भी भारत के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत नहीं करेगा। तब हमने मैक्रॉन को बताया कि भारत की स्थिति खराब है। अगर हमारा मजाक उड़ाया जा रहा है, तो उसकी वजह आप भी हैं। अगर आप हमारा साथ नहीं देंगे, तो हम भारत में बचे हुए राफेल जेट विमानों को गधे की गाड़ियों में भरकर ले जाएंगे।“ पीएम आगे कहते हैं, “मैंने मैक्रोन से अनुरोध किया और वे सहमत हो गए। अब, भले ही पाकिस्तान 10 या 200 जेट विमानों को मार गिराए, इससे भारत को कोई फर्क नहीं पड़ता।”
यानी यह वीडियो फैलाते हुए दावा किया जा रहा है पीएम मोदी ने 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायु सेना द्वारा राफेल मिसाइलों के नुकसान को स्वीकार किया है।यूज़र ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है…
पहले कहा गया कि पाकिस्तान ने हमारे कोई राफेल नहीं गिराए और अब मोदी जी ही कह रहे हैं कि पाकिस्तान ने हमारे राफेल जहाज गिराए हैं
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल क्लिप से की-फ्रेम को लेकर गूगल लेंस से रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें मूल वीडियो मिला जिसे बीजेपी दिल्ली फेसबुक पेज पर लाइव दिखाया गया था। यहां वायरल हिस्से को लाइवस्ट्रीम के पहले मिनट में ही देखा जा सकता है।
हमने पाया कि वीडियो में, पीएम मोदी वायरल वीडियो वाले कथन से बिल्कुल अलग बातें कहते हैं। इसमें उनके द्वारा ऐसा कुछ नहीं कहा गया है जो वायरल दावे के अनुसार हो।
“दोनों देशों के डेलीगेट्स, मीडिया के दोस्तों, गुड आफ्टरनून। मुझे अपने प्यारे दोस्त प्रेसिडेंट मैक्रों का मुंबई में स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। पिछले साल, उन्होंने मुझे फ्रांस में AI एक्शन समिट में बुलाया था। उस समय, हम मार्सिले गए थे, जो फ्रांस का सबसे बड़ा पोर्ट है और फ्रांस और पूरे यूरोप का एक बड़ा गेटवे है। मार्सिले वही शहर है जहां से हमारे भारतीय सैनिक पहले वर्ल्ड वॉर के दौरान यूरोप में दाखिल हुए थे।”
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फिर हमें इसी कार्यक्रम की एक और रिकॉर्डिंग 17 फरवरी, 2026 को PM मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड की हुई मिली,जिसका टाइटल था: “फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों के साथ जॉइंट प्रेस मीट के दौरान PM मोदी की बातें।“इसमें भी पीएम की तरफ से वायरल वीडियो वाले कथन नहीं मिलते।
इसके बाद हमें पीटीआई के एक्स हैंडल पर 17 फरवरी 2026 को इस कार्यक्रम के वीडियो पोस्ट किये हुए मिले। इसके अनुसार,” मुंबई में पीएम मोदी ने कहा, मेरे प्यारे दोस्त प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों, दोनों देशों के डेलीगेट्स और मीडिया के सदस्यों, नमस्ते। पिछले साल, प्रेसिडेंट मैक्रों ने मुझे AI एक्शन समिट के लिए फ्रांस बुलाया था। इस बार, जब प्रेसिडेंट मैक्रों इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के लिए भारत आए हैं, तो हमें भारत के गेटवे, मुंबई में उनका स्वागत करने का मौका मिला है।”
इस प्रकार से यह साफ हो जाता है कि पीएम मोदी द्वारा ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है जो वायरल वीडियो है।
हमें वायरल दावे से जुड़ी एक पोस्ट PIB के इंस्टा अकाउंट पर मिली,जिसमें मूल वीडियो के साथ वायरल वीडियो का विश्लेषण किया गया है।
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चूंकि वायरल वीडियो में ऑडियो और लिप-सिंकिंग में विसंगतिया दिखाई देने पर इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए, हमने वायरल क्लिप को Danaya AI डिटेक्शन टूल पर अपलोड किया। हमें पता चला कि वीडियो AI द्वारा निर्मित है। यानी इस कार्यक्रम के वीडियो क्लिप में आवाज बदला गया और भ्रामक रूप में फैलाया गया।

निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह भ्रामक है। मूल वीडियो के अनुसार, पीएम मोदी की आवाज में AI द्वारा डिजिटली एडिट कर के उसे गलत रूप में फैलाया जा रहा है।


