दिल्ली में हत्या के मामले को संप्रदायिकता का रंग देकर वायरल किया जा रहा है |

Communal Missing Context

जाफराबाद में दिन दहाड़े हुए हत्या के मामले से संप्रदायिकता का कोई संबंध नहीं है| इस मामले में दोनों ही पक्ष एक समुदाय से हैं| 

सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो काफी तेजी से वायरल रहा है, जिसमें  चार लोगों को मिलकर एक आदमी पर चाकू से हमले करते हुए दिखाया गया है|इस वीडियो को किसीने एक बिल्डिंग के ऊपर से रिकॉर्ड किया है जबकि हम नीचे पीड़ित को खून से लथपथ देख सकते है| इस वीडियो के साथ दावा किया गया है कि ये घटना दिल्ली के ब्रह्मपुरी सलीमपुर की है जहाँ दिन दहाड़े एक हिन्दू व्यक्ति पर हमला किया गया है|

वायरल वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है कि “ह्मपुरी सीलमपुर दिल्ली दिन दहाड़े यह तो शुरुआत है आगे आगे हिन्दुओं देखो क्या होता है तुम्हारे साथ और दो राष्ट्रविरोधी पार्टियों को वोट, सभंल जाओ अभी मौका है|”

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमने वायरल वीडियो को छोटे फ्रेम्स में तोड़कर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से शुरू की, जिसके परिणाम से हमें इस वीडियो से संबंधित न्यूज़ रिपोर्ट मिली |न्यूज़ नाइन लाइव के रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के जाफराबाद इलाके में सरेआम चाकू घोंपकर 35 वर्षीय नजीर की हत्या कर दी गई। संदेह है कि यह घटना आपसी रंजिश के चलते हुई है। यह घटना नजीर के चौहान बांगर, अखाड़े वाली गली, जाफराबाद स्थित घर से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई, जब वह घर लौट रहा था। आस-पास के लोगों द्वारा अस्पताल ले जाए जाने के बावजूद, नजीर की गर्दन और पेट पर चाकू से किए गए कई वार के कारण मौत हो गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नजीर इलाके में हत्या के प्रयास और डकैती के मामलों सहित कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। 

समाचार रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली के जाफराबाद इलाके में एक सार्वजनिक हमले में नजीर नामक 35 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। यह घटना, जिसे व्यक्तिगत रंजिश के कारण अंजाम दिया गया, नजीर के चौहान बांगर, अखाड़े वाली गली, जाफराबाद स्थित घर से मात्र 200 मीटर की दूरी पर हुई, जब वह घर लौट रहा था।

इस जानकारी को ध्यान में रखते हुए हमने जाफराबाद पुलिस स्टेशन के एस एच ओ सुरेंदर कुमार से संपर्क किया जिन्होंने हमें यह बताया कि वायरल वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ फैलाया जा रहा है| असल में इस मामले में संबंधित पीड़ित और आरोपी सब एक ही समुदाय के है और सब मुसलमान है| इस मामले को हिन्दू मुसलमान का रूप देकर शेयर किया जा रहा है| मामले में संबंधित अधिकांश लोग नाबालिग़ है। 

दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट पुलिस द्वारा किये गये ट्वीट में लिखा गया है कि मेरी PS. Jafrabad की team इन्होंने 24 घंटे के अंदर – चौहान बांगर का एक gruesome murder केस solve किया 6 में से 5 अभियुक्तों तो दबोचा गर्व है। एक अच्छी टीम का हिस्सा बनने का सौभाग्य है मुझे

इस घटना को टाइम्स ऑफ़ इंडिया, ईटीवी भारत और लाइव हिंदुस्तान ने भी 7 मई 2024 को रिपोर्ट किया था|

निष्कर्ष- 

तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने वायरल पोस्ट के साथ किये गये दावे को गलत पाया है| वीडियो में दिखाई दे रही घटना सांप्रदायिक मामले से संबंधित नहीं है| वीडियो में मुसलमान युवकों को किसी हिन्दू व्यक्ति की हत्या करते हुए नहीं दिखाया गया है बल्कि इस मामले से संबंधित दोनों पक्ष मुस्लिम है| इस मामले के वीडियो को सांप्रदायिक दावा देकर सोशल मीडिया पर गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है|

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Title:दिल्ली में हत्या के मामले को संप्रदायिकता का रंग देकर वायरल किया जा रहा है |

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: Missing Context

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