वायरल वीडियो का ‘धुरंधर-2’ फिल्म से नहीं है कोई नाता, यह पाकिस्तान में नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा है।

International Misleading

पाकिस्तानी NGO द्वारा नशेडियों को पकड़ने का वीडियो ‘धुरंधर-2’ और भारतीय जासूसों से जोड़कर गलत तरीके से वायरल।

इन दिनों फिल्म धुरंधर-2 की जबरदस्त चर्चा हो रही है। डायरेक्टर आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में पाकिस्तान में मौजूद एक भारतीय जासूस हमजा अली मजारी की कहानी दिखाई गई है, जिसका किरदार रणवीर सिंह ने निभाया है। इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है,जिसमें पाकिस्तान के कुछ पुलिसकर्मियों को सड़क किनारे सोते एक शख्स को जगाते हुए देखा जा सकता है। फिर पुलिसकर्मी उस शख्स की तलाशी लेते हुए पूछताछ करते हैं और उसे दोबारा सोने के लिए कहते हैं। दावा किया जा रहा है कि धुरंधर-2 फिल्म के बाद पाकिस्तान में भारतीय जासूसों को वहां की पुलिस और स्थानीय लोगों द्वारा ढूंढा जा रहा है।

वीडियो को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए कैप्शन लिखा गया है…

धुरंधर 2 से पाकिस्तान में फैला इन्फेक्शन. पाकिस्तान के ल्यारी छेत्र में पाकिस्तानी भारतीय Raw एजेंट्स को ढूंढ़ने के चक़्कर में वहां के लोकल 7 मुस्लिम को मार चुके हैं, मतलब ये लोग हम भारतीयों पर कितना विश्वास करते हैं और एक हमारा विपक्ष है

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यहीं वीडियो पाकिस्तान के एक एनजीओ एंटी नारकोटिक एंड क्राइम कंट्रोल के फेसबुक अकाउंट पर मिला। यहां पर वीडियो को 25 दिसंबर 2025 को अपलोड किया गया था।

हमें इसी फेसबुक अकाउंट पर 25 दिसंबर 2025 को अपलोड किए गए अन्य वीडियो भी मिले। इनमें बताया गया था कि पुलिस के साथ हैदराबाद के इलाके से नशे के आदी कई लोगों को पकड़ा गया था। इन सभी वीडियो में उस शख्स को देखा जा सकता है, जिसे वायरल वीडियो में यह कहते हुए दिखाया गया है कि नाश्ता कराने के लिए पुलिस आ चुकी है।

हमने इस फेसबुक अकाउंट को और चेक किया तो यह पता चला कि इसमें एनजीओ की वेबसाइट मौजूद है। इसके अनुसार, वायरल वीडियो में पुलिस के साथ दिख रहे शख्स का नाम यूनुस अमीन बताया गया है जो एएनसीसी के लिए पाकिस्तान के ऑपरेशनल डायरेक्टर है।

वहीं एएनसीसी एक सामाजिक जागरूकता संगठन हैं, जो नशे की लत और अपराध के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इनका मिशन शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों का दौरा करके लोगों को नशे के खतरों के बारे में जागरूक करना है। ये काम सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग के माध्यम से नशा मुक्ति के लिए किया जाता है।

इसके बाद हमारी तरफ से यूनुस अमीन से जुड़े फेसबुक अकाउंट की पड़ताल करते हुए यह पाया गया कि वायरल वीडियो के जैसे अन्य वीडियो भी है,जिसमें  पाकिस्तान की स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सड़क से नशे के आदी लोगों को पकड़ा जा रहा है।

https://www.facebook.com/profile.php?id=61578232570822&sk=reels_tab

साथ ही अमीन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी ड्रग अभियान से संबंधित और भी कई वीडियो देखे जा सकते हैं।

https://www.instagram.com/drugsclean/reels/a

डायलॉग पाकिस्तान नाम के एक यूट्यूब चैनल पर 21 जुलाई, 2025 को अपलोड किए गए एक वीडियो में अमीन के इंटरव्यू साझा किए हुए देख सकते हैं। इसमें वे सिंध पुलिस के साथ कराची की सड़कों से नशाग्रस्त लोगों को हटाने के लिए “ग्रैंड ऑपरेशन” चलाने की जानकारी दे रहे हैं।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जाँच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो धुरंधर फिल्म के बाद पाकिस्तान की गली में भारतीय जासूसों को ढूंढने का नहीं है। असल में वीडियो पाकिस्तानी एनजीओ द्वारा नशे के आदी लोगों को पकड़े जाने का है।

Result Stamp

Title: वायरल वीडियो का ‘धुरंधर-2’ फिल्म से नहीं है कोई नाता, यह पाकिस्तान में नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा है।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: Misleading

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