महिलाओं द्वारा फिल्म डायरेक्टर की पीटाई के वीडियो को भा.ज.पा से जोड़ गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

False Political
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देश में कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव के चलते सोशल मंचों पर राजनीतिक दलों से सम्बंधित कई वीडियो व तस्वीरें गलत दावों के साथ साझा किये जा रहे है। इन दिनों ऐसा ही एक वीडियो इंटरनेट पर काफी तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें आप कुछ महिलाओं को एक शख्स को पीटते हुये देख सकते है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि जिस शख्स की पीटाई हो रही है वह भा.ज.पा का नेता है।

वायरल हो रहे वीडियो के शीर्षक में लिखा है, 

अब तो लगता है। महिलाओ ने नारंगियों को ढूंढ़ ढूंढ़ कर हाथ सफाई सुरु कर दी है। हर जगहे गाँव और शहरों में। सफ़ाई और धुलाई अभियान सुरु।“

फेसबुक | आर्काइव लिंक

आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रहे वीडियो में जिस शख्स की पीटाई हो रही है वह भा.ज.पा नेता नहीं है, बल्की एक फिल्म डायरेक्टर है जिसे एक लड़की के साथ अभद्रता व छेड़ने के लिये पीटा जा रहा है।

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रहे वीडियो को इनवीड-वी वैरिफाइ टूल के माध्यम से छोटे छोटे कीफ्रेम्स में काटकर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च कर की, परिणाम में हम इस वीडियो में दिख रहा दृश्य “कृष्णकुंज – मराठी माणसाचं न्यायालय” नामक एक यूट्यूब चैनल पर इस वर्ष 30 जुलाई को प्रसारित किया हुआ मिला। इसके शीर्षक में मराठी भाषा में लिखा है, “एम.एन.एस ने लखनऊ में विदेशी शिवसैनिकों को थप्पड़ मारा, जो महाराष्ट्र में एक लड़की को प्रताड़ित करने की कोशिश कर रहे हैं।“

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इसके बाद उपरोक्त वीडियो में दी गयी जानकारी को ध्यान में रखते हुये हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च किया तो हमें इस घटना के बारे में जानकारी देता हुआ द न्यू इंडियन एक्प्रेस द्वारा इस वर्ष 30 जुलाई को प्रकाशित किया हुआ एक समाचार लेख मिला। लेख के मुताबिक कसरवाडवली पुलिस थाने में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने एक लड़की को फिल्म में रोल देने का वादा कर उसे धमकाया व उसके साथ छेड़छाड़ की। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें तीन पुरुष है जिनका नाम राहुल यादव, राकेश यादव और बिरालाल यादव है और एक महिला जो इन तीनों की बहन कांचन यादव है। दरअसल इंटरनेट पर इन चारों आरोपियों को पीटने का वीडियो वायरल हुआ था व इन्हें पीट रहे लोग म.न.से चित्रपट सेना के कार्यकर्ता थे। जिसके बाद उन्होंने व पीड़िता ने इन आरोपियों के खिलाफ कासरवाडवली पुलिस थाने में मामला दर्ज किया था।

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इसके बाद फैक्ट क्रेसेंडो ने उपरोक्त समाचार लेख में दी गयी जानकारी को ध्यान में रखकर गूगल पर सम्बंधित कीवर्ड सर्च किया तो हमें उपरोक्त दिख रहा यूट्यूब वीडियो म.न.से चित्रपट सेना के अध्यक्ष अमेय खोपकर के आधिकारिक फेसबुक पेज पर इस वर्ष 29 जुलाई को प्रसारित किया हुआ मिला। इस पोस्ट के शीर्षक में लिखा है, “म.न.से धमाका! म.न.से चित्रपट कर्मचारी सेना के उपाध्यक्ष पद्मनाथ राणे ने फिल्मों में लड़कियों को भूमिका देने के लालच का फायदा उठाने के लिए अजनबीऔर शिवसेना चित्रपट सेना के पदाधिकारी की आलोचना की।

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इसके बाद फैक्ट क्रेसेंडो ने वीडियो में दिख रहे म.न.से चित्रपट सेना के उपाध्यक्ष पद्मनाभ राणे से संपर्क किया व उनसे वायरल हो रहे दावे की सच्चाई व इस घटना के बारे में अधिक जानकारी हासिल करने की कोशिश की, उन्होंने हमें बताया कि, 

“वायरल हो रहा दावा गलत है, वायरल हो रहे वीडियो में जिस शख्स की पीटाई हो रही है वह भा.ज.पा नेता नहीं है। वह एक फिल्म डायरेक्टर है व वह शिवसेना से जुड़ा हुआ है। इस शख्स और उसके तीन साथियों ने एक लड़की को पहले फिल्म का ऑफर दिया, उस लड़की के नहीं बोलने पर भी उसको दो से तीन बार फोन किया, इस वजह से उसे इन लोगों पर संदेह हुआ और इसलिये उसने हमें इस बारे में बताया। इसके बाद हमने उन लोगों को रंगे हाथ पकड़ने के लिये एक जाल बिछाया और उस लड़की को उन लोगों से मिलने के लिये भेजा। उस लड़की के फोन के जी.पी.एस के जरिये मैं खुद उसे ट्रैक कर रहा था। देढ़ घंटे तक लोकेशन बदलने के बाद वे उस लड़की को उनकी गाड़ी में मिले जहाँ उन्होंने उसे दो-दो मैगजिन रिवॉल्वर दिखा कर उसे डराया, धमकाया व उसके साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद हमने उन्हें पकड़ा, उनकी पीटाई की और पुलिस थाने में जमा कर दिया।“   

उपरोक्त सारे सबूतों कि पुष्टि करने हेतु व वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानने के लिये फैक्ट क्रेसेंडो ने कासरवडवली के सीनियर पी.आई के.आर खैरनार से संपर्क किया, उन्होंने हमें कहा कि, “वीडियो के साथ वायरल हो रही खबर गलत है। हमारी जाँच में अब तक हमें ऐसा कुछ पता नहीं चला कि वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा शख्स या इस मामले में गिरफ्तार हुये अन्य लोग भा.ज.पा से जुड़े हैं।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। इस वीडियो में जिस शख्स की पीटाई हो रही है वह भा.ज.पा नेता नहीं है, बल्की एक फिल्म डायरेक्टर है जिसे एक लड़की के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करने के लिये पीटा जा रहा है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. आम आदमी पार्टी (गुजरात) के बिल बोर्ड को डिजीटली एडिट कर उमसे सांप्रदायिक संदेश जोड़, भ्रामक सन्देश के साथ वायरल किया जा रहा है|

२. कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा के एक पुराने वीडियो को उनके हालिया विवादित ध्वज प्रकरण के पश्चात लोगों द्वारा उन्हें पीटने का बता फैलाया जा रहा है।

३. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर पर किया कथित विवादित ट्वीट का स्क्रीनशॉट ट्वीट फर्ज़ी है।

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Title:महिलाओं द्वारा फिल्म डायरेक्टर की पीटाई के वीडियो को भा.ज.पा से जोड़ गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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