क्या बंगाल में पुलिस ‘जय श्री राम’ बोलने पर एक युवक पर डंडे बरसाती रही ? जानिये सच |

False National Social
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४ जुलाई २०१९ को फेसबुक पर ‘Rajesh Rawat’ नामक एक फेसबुक यूजर ने एक विडियो साझा किया है | विडियो मे एक पुलिस अधिकारी एक आदमी को डंडे से मारते हुए दिख रहा है | पोस्ट के विवरण में लिखा है कि – “बंगाल मे पुलिस डंडे बरसाती रही पर युवक ने जय श्रीराम बोलना नही छोड़ा |” पोस्ट मे यह दावा किया जा रहा है कि – जय श्री राम बोलने पर पश्चिम बंगाल की पुलिस एक युवक पर बेरहमी से डंडे बरसाती रही | क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई | 

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

संशोधन से पता चलता है कि…

विडियो को देखने पर आप साफ़ सुन सकते हैं कि मार खाने वाला व्यक्ति ‘जय श्री राम’ नहीं, बल्कि ‘जय बजरंग बलि’ बोल रह है | इस के वजह से हमें संदेह हुआ कि इस विडियो का विवरण भ्रम पैदा करने के लिए हो सकता है और हमने फिर जांच की शुरुआत सबसे पहले इस विडियो का स्क्रीन शॉट लेकर ‘यांडेक्स’ पर इमेज सर्च करके की | हमें मिले परिणाम आप नीचे देख सकतें हैं |

इस संशोधन में हमें youtube का एक विडियो मिला, जो उपरोक्त विडियो से हुबहू मिलती-जुलती है | यह विडियो २७ जून २०१६ को ‘Akhil Bhartiya Chutiyapa Department’ नामाल एक youtube अकाउंट से साझा किया गया था | इस विडियो के नीचे विवरण में लिखा था कि ‘Police in UP beats hell out of people and no one has daring to stop him’ | सरल हिंदी में अनुवाद : उत्तर प्रदेश की पुलिस लोगों को बेरहमी से मारती है और किसी में उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं | 

फिर हमने InVid की मदत से इस विडियो को ढूंढा | हमें मिले परिणाम आप नीचे देख सकतें हैं |

इस संशोधन में हमें ‘Azhimukham’ नामक एक पेज पर एक प्रकाशन मिला | यह प्रकाशन अन्य भाषा में होने के कारण हमने इसे गूगल ट्रांसलेशन की मदद से बदल कर पढ़ा | इस लेख का शीर्षक था ‘Treason committed by cyber bandits’ और यह ७ मई २०१७ को प्रकाशित की गयी थी | इस लेख में लेखिका ने कहा है कि इन्टरनेट पर लोग कई पुरानी विडियो को गलत विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के लिए साझा करते है | इसके अलावा लेखिका ने कई उदाहरण भी दिए हैं ऐसे विडियो के, जिसमे से तीन वीडियो उपरोक्त विडियो से मिलती-जुलती हैं |

पहला विडियो लिंक : ३० सितम्बर २०१४ 

दूसरा विडियो लिंक : ७ अप्रैल २०१५ 

तीसरा विडियो लिंक : २७ जून २०१६ 

AzhimukhamPost | ArchivedLink

इस संशोधन से यह बात साफ़ पता चलती है कि यह घटना २०१४ या उसके पहले की है और वर्तमान में इसे भ्रम पैदा करने के लिए गलत विवरण से साझा किया जा रहा है | 

हमने जब पश्चिम बंगाल के कण्ट्रोल रूम से संपर्क साधा, तो कण्ट्रोल रूम के अफसर ने हमसे कहा कि IPS और उनसे उपर के उपादी वाले अफसरों की खाकी वर्दी होती है व भूरे रंग का बेल्ट होता है और IPS से नीचे पद के अफसरों की सफ़ेद या खाकी वर्दी होती है – मगर कमर का बेल्ट काले रंग का होता है |

इसके बाद जब हमने उत्तर प्रदेश के कण्ट्रोल रूम से संपर्क साधा, तो वहां के कण्ट्रोल रूम के अफसर ने हमसे कहा कि उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारीयों के बेल्ट का रंग खाकी या भूरा होता है और सर पे हमेशा गांधी टोपी/बारेट कैप होती है | 

हालंकि इस विडीओ में पीछे खड़े सारे पुलिस कर्मियों सर पे बारेट कैप व सबकी बेल्ट का रंग भूरा है, पर केवल इस बात से इस विडीओ का उत्तर प्रदेश के होने की बात सिद्ध नहीं होती।

इस बात को पुख्ता करने के लिए जब हमने ‘CID WestBengal’ के अधिकारिक ट्विटर पेज पर ढूंढा, तो हमें ११ जुलाई २०१७ का एक ट्वीट मिला, जिसमें उन्होंने लिखा है कि ‘Tarun Sengupta, Secretary BJP IT Cell, Asansol, WB, arrested today for spreading fake news and creating communal disharmony.’ सरल हिंदी में अनुवाद : 

तरुण सेनगुप्ता, सचिव बीजेपी आईटी सेल, आसनसोल, पश्चिम बंगाल को आज फर्जी खबरें फैलाने और सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने के आरोप में गिरफ्तार किया | इस ख़बर के साथ ही उपरोक्त दावे मे दी गयी विडियो की तस्वीर भी शाझा की गयी है, जो उपरोक्त विडियो का पश्चिम बंगाल का ना होने की बात को पुख्ता करती है |

TwitterPost | ArchivedLink

इस ट्वीट से इस बात क पुष्टि होती है कि यह ख़बर पश्चिम बंगाल की नहीं है | 

youtube में पाए विडियो में बार बार उत्तर प्रदेश का नाम आता दिखाई दे रहा था, तो इस बात की पुष्टि के लिए हमने उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारीयों को और DIG को email से संपर्क साधा और इस घटना के बारे में पुछा | 

जैसे ही घटित वारदात के बारे में हमें UP Police से जवाब आता है, हम हमारे दर्शकों के लिए यह पोस्ट अपडेट कर देंगे |

जांच का परिणाम : इस संशोधन से यह स्पष्ट होता है कि, उपरोक्त पोस्ट में किया गया दावा की, “बंगाल मे पुलिस डंडे बरसाती रही पर युवक ने जय श्रीराम बोलना नही छोड़ा |” ग़लत है । यह विडियो पश्चिम बंगाल का नहीं है और ना ही यह व्यक्ति जय श्री राम बोल रहा है | यह विडियो २०१४ या उसके पहले की उत्तर प्रदेश की है | हमारे पाठकों से Fact Crescendo दरख्वास्त करता कि इस प्रकार के भ्रामक विडियो पर बिना जांच किये यकीन ना करें | ऐसे पुराने विडियो और तस्वीरें गलत विवरण के साथ काफ़ी साझा की जाती है, मगर इनमे यकीन करने के कृपया पहले तथ्यों पर गौर करें |

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Title:क्या बंगाल में पुलिस ‘जय श्री राम’ बोलने पर एक युवक पर डंडे बरसाती रही ? जानिये सच |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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