निजी ज़मीन के सम्बंध में ए.आई.एम.आई.एम के नेता माजिद हुसैन और पुलिस के बीच हो रहे विवाद को सांप्रदायिकता से जोड़ गलत सन्दर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।

Communal False
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इंटरनेट पर अकसर किसी भी घटना को सांप्रदायिकता से जोड़ गलत दावे के साथ साझा किया जाता है। फैक्ट क्रेसेंडो ऐसे कई दावों का अनुसंधान कर उनकी प्रमाणिकता अपने पाठकों तक पहुंचाता चला आ रहा है। इन दिनों इसी से सम्बंधित एक वीडियो इंटरनेट पर काफी तेज़ी से साझा किया जा रहा है, उस वीडियो में आप सफेद कपड़े पहने कुछ लोग और कुछ पुलिसकर्मियों को देख सकते हैं। वीडियो में कुछ समय बाद सफेद कपड़े पहना एक शख्स दूसरे शख्स से विवाद में जुड़ जाता है और फिर कुछ समय बाद वे वहाँ खड़े पुलिसकर्मियों के साथ ऊंची आवाज में बात करने लगते है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि हैदराबाद में मुस्लिम समुदाय के दो नेताओं ने पुलिस व एस.एच.ओ को धमकी दी, ये तब हुआ जब मुस्लिम समुदाय के नेता मंदिर की जगह पर मस्जिद बनवा रहे थे व जब पुलिस द्वारा उन्हें कोर्ट का ओर्डर दिखलाकर रोका गया तो वे इन पुलिसकर्मियों के ऊपर उत्तेजित हो विवाद करने लगे।

वायरल हो रहे वीडियो के शीर्षक में लिखा है, 

यह हैदराबाद में है। यह तुम्हारे भाई हैं तुम भाई भाई करते रहो यह तुम्हारी। 2 मुस्लिम नेताओं ने एस.एच.ओ और पुलिस पार्टी को धमकी दी, जिन्होंने एक अतिक्रमित हिंदू मंदिर की भूमि को खाली करने के लिए अदालत का आदेश देने के लिए उनसे संपर्क किया, तब जानबुझकर बड़े अधिकारी के सामने छोटे अधिकारी से झगड़ा कर अपनी अंदर की भड़ास और ताकत का प्रदर्शन करते है। मंदिर के स्थान पर वे एक मस्जिद विकसित कर रहे हैं। उन्होंने खुले तौर पर चुनौती दी कि वे कोर्ट के आदेश का सम्मान नहीं करते हैं और अगर उनमें हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार कर लें। वे निर्माण नहीं रोकेंगे। हमारे देश का क्या होगा?? बहुमत मिल गया तो? इससे पहले कि बहुत देर हो जाए अपनी आँखें खोलो।“

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वीडियो में दिख रही घटना का किसी मंदिर या मस्जिद से कोई सम्बंध नहीं है। यह विवाद एक निजी ज़मीन के सम्बंध में हो रहा था। इस वीडियो का सांप्रदायिकता से कोई सम्बंध नहीं है।

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रहे वीडियो को ध्यान में रखकर यूट्यूब पर कीवर्ड सर्च करने से की, परिणाम में हमें नवभारत टाइम्स द्वारा उनके आधिकारिक चैनल इस वर्ष 8 जुलाई को प्रसारित किया हुआ वायरल हो रहा यही वीडियो मिला। उसके शीर्षक में लिखा है, “ए.आई.एम.आई.एम के माजिद हुसैन पर केस, ड्यूटी पर पुलिस को धमकाया” और इसके नीचे दी गयी जानकारी में लिखा है,    “हैदराबाद के पूर्व मेयर और ए.एम.आई.एम.आई के नेता माजिद हुसैन के खिलाफ बंजारा हिल्स पुलिस ने केस दर्ज किया है। माजिद पर पुलिसकर्मी की ड्यूटी में व्यवधान डालने और फिल्म नगर स्थित प्रॉपर्टी में अतिक्रमण करने का आरोप है। प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को लेकर दो गुटों में विवाद की शिकायत के बाद पुलिस टीम फिल्म नगर के रोड नंबर 86 पहुंची थी।“

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इसके बाद उपरोक्त जानकारी को ध्यान में रखते हुये हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च किया, नतीजतन हमें टी.वी9 भारतवर्ष द्वारा इस वर्ष 8 जुलाई को प्रकाशित एक समाचार लेख मिला जिसमें लिखा है,

इस वर्ष 7 जुलाई को हैदराबाद के पूर्व मेयर व ए.आई.एम.आई.एम के नेता माजिद हुसैन भूमि विवाद को लेकर कुछ लोगों से विवाद कर रहे थे व पुलिस को इस बात की खबर मिलने पर बांजरा हिल्स के पुलिस थाने की पुलिस मौके पर पहुंची व विवाद को रोकने की कोशिश कर रही थी। उसी दौरान माजिद हुसैन का पुलिस से विवाद हो गया व उन्होंने पुलिस को धमकी भी दी। इसके बाद बांजरा हिल्स पुलिस द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया व उन पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस को धमकाने और उनके काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। माजिद हुसैन के खिलाफ आई.पी.सी की धारा 353 के तहत केस दर्ज किया गया है।

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तदनंतर उपरोक्त सभी सबूतों की पुष्टि करने हेतु व वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानने हेतु फैक्ट क्रेसेंडो ने बांजरा हिल्स पुलिस थाने के एस.एच.ओ पी.शिवा चंद्र से संपर्क किया व उन्होंने वायरल हो रहे दावे को गलत बताते हुये कहा कि, “वायरल हो रहे दावे सरासर गलत है। वीडियो में दिख रही घटना एक निजी संपत्ति के सम्बंध में हो रहे विवाद को दर्शा रही है। एक निजी ज़मीन के मालिकाना हक़ को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो रहा था, उसी दौरान वहाँ माजिद हुसैन पहुंचे जो वर्तमान में एक पार्षद है और जैसे ही हमें इस विवाद के बारे में खबर मिली हम भी वहाँ पहुंच गये थे और उसके बाद माजिद हुसैन और पुलिस में विवाद हो गया। इस मामले में पुलिस के काम में बाधा डालने व पुलिस को धमकाने के जुर्म में माजिद हुसैन पर मामला दर्ज किया गया है। इस पूरी घटना का मंदिर या मस्जिद से कोई सम्बंध नहीं है।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। वीडियो में घट रही घटना का मंदिर या मस्जिद से कोई सम्बंध नहीं है। यह विवाद एक निजी ज़मीन के सम्बंध में हो रहा था। इस वीडियो का सांप्रदायिकता से कोई सम्बंध नहीं है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. वर्ष 2011 में जापान में आई सुनामी के वीडियो को वर्तमान चीन में आई बाढ़ का बता वायरल किया जा रहा है।

२. बांग्लादेश के एक पुराने वीडियो को उत्तराखंड में गंगा नदी का बता एक फर्जी सांप्रदायिक दावे के साथ जोड़ साझा किया जा रहा है।

३. कर्नाटक के दांदेली में सड़क पर मगरमच्छ के चलने के वीडियो को महाराष्ट्र के चिपलून से बताया जा रहा है|

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Title:निजी ज़मीन के सम्बंध में ए.आई.एम.आई.एम के नेता माजिद हुसैन और पुलिस के बीच हो रहे विवाद को सांप्रदायिकता से जोड़ गलत सन्दर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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