तथ्य की जाँच: क्या अक्षय कुमार के कहने पर मोदी जी ने सिंडिकेट बैंक में आर्मी वेलफेयर एन्ड कैजुअल्टी फण्ड अकाउंट खोलनेका फैसला लिया ?

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व्हात्सैप्प पर एक मेसेज ने अपनी ओर काफ़ी ध्यान आकर्षित किया है व काफ़ी शेयर भी किया गया है | जिसमे यह कहा गया है की अभिनेता अक्षय कुमार के सुझाव पे प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदीजी ने सिंडिकेट बैंक में आर्मी वेलफेयर फण्ड बैटल कैजुअल्टी अकाउंट खोलने का फैसला लिया है| मोदी सरकार के इस फ़ैसले को कल कैबिनेट की मीटिंग स्वीकृति दे भारतीय सेना की आधुनिकता और सेना के जवान जो कि युद्ध क्षेत्र में घायल होते है या शहीद होते है उनके लिए एक बैंक अकाउंट खोल ही दिया ताकि देश का हर नागरिक कुछ योगदान कर सके ।

सोशल मीडिया पर प्रचलित विविध कथन :
ये मेसेज व्हात्सैप्प पर काफ़ी बार शेयर किया गया है |

व्हात्सैप्प मैसेज का हिंदी अनुवाद अंग्रेजी व्हात्सैप्प संदेश से किया गया है, जो वायरल हुआ था जहां अभिनेता अक्षय कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम बदल दिया गया था|

मूल संदेश अंग्रेजी में नीचे दिया गया है|

हमारे द्वारा किये गए तथ्यों का अन्वेषण के परिणाम  

  • ये मेसेज दो अलग अलग पहलों का मिश्रण है, आर्मी वेलफेयर बैटल फण्ड कैजुअल्टी केस जोकि नरेंद्र मोदी जी ने शुरू किया था और दूसरा भारत के वीर फ़ंड जिसे ग्रह मंत्रालय ने २०१७ में स्थापित किया व अभिनेता अक्षय कुमार ने इस मुहिम में काफ़ी सहयोग दिया।
  • अक्षय कुमार का  भारतीय नागारिकों से ये आग्रह करना की वे  स्वेच्छा से दान करे आंशिक रूप से सच है |
  • जो बैंक अकाउंट विवरण दिया गया है वो भी सच है | इस बात की भारतीय सेना ने ट्विटर पे स्पष्टीकरण देकर पुष्टि किया|
  • हिन्दी और अंग्रेजी दोनों ही व्हात्सैप्प मेसेज में कहता है की धन का उपयोग सेना के हथियार खरीदने के लिए भी किया जाएगा जोकि गलत है|
  • सितंबर २०१६ में, भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर पेज पर एक स्पष्टीकरण पोस्ट किया जिसमें कहा गया था कि यह एक नया बैंक खाता बनाएगा, जिसे आर्मी वेलफेयर फंड बैटल कैजुअल्टी कहा जाएगा। प्राप्त दान का उपयोग युद्ध में मारे गए सैनिकों के परिजनों / विधवाओं / आश्रितों के अगले समर्थन के लिए किया जाएगा। यह २०१६ में सियाचिन में एक घातक हिमस्खलन के बाद में किया गया था जिसमें कई सैनिकों को अपने प्राण गवाने पड़े और बाद में योगदान देने वाले नागरिकों से समर्थन प्राप्त करने का दावा किया गया था।

ADG PI – INDIAN ARMY✔@adgpi
Clarification on the Issue of Army Welfare Fund Battle Casualties

  • व्हात्सैप्प मेसेज में उल्लेखित बैंक, सिंडिकेट बैंक ने एक बयान भी जारी किया है जिसमें बैंक खाते के अस्तित्व की पुष्टि की गयी है | (यहाँ क्लिक करे)
  • अक्षय कुमार ने “भारत के वीर” नामक एक अलग पहल की स्थापना की है|
  • जनुअरी २०१७ में अक्षय कुमार ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें एक मोबाइल ऐप या वेबसाइट खोलने का विचार है, जहां देश के नागरिक स्वेच्छा से शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए योगदान कर सकते हैं| Website: भारत के वीर 
  • भारत के वीर विकिपिडया
  • भारत के वीर का वेबसाइट भारत का गृह मंत्रालय के द्वारा बन गयी जिसमे हजारो भारतियों ने शहीद हुए सैनिको के परिवार को पैसे भेजके मदद किया है | ऐसे परिवारों का बैंक विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध है और यहां तक ​​कि रु। १५ लाख प्रति सैनिक के परिवार को मिले इसकी देखभाल की गयी है ताकि उन पैसो से घर की देखभाल हो सके |


अन्य वेबसाइट ने भी इस तथ्य की जांच की है और इनके भी निष्कर्ष हमसे मिलते जुलते है |
हमारे पाठक Zee News द्वारा संदर्भित लेख पढ़ सकते है, (यहा क्लिक करे)

कई लोगों और मीडिया संगठनों ने इस मुद्दे पर अपने विश्लेषण किये है ओर उन्हें आप दिए गए लिंक्स पर जाकर पढ़ सकते है : आजतक  l पंजाबकेसरी


निष्कर्ष :

हमारे विश्लेषण के बाद हम ये निष्कर्ष पर पहुंचे है की यह आंशिक रूप से सच और आंशिक रूप से गलत है| ईस मेसेज में दो सच्ची मगर असंबंधित घटनाओं को  एक साथ मिलकर एक भ्रामक कथन का निर्माण किया गया है| ये बात सच है की अक्षय कुमार ने पहल की थी की हमारे जो जवान शहीद हो जाते है उनके कल्याण के हेतु हमे कुछ न कुछ  योगदान देना चाहिए जिसका परिणाम ये हुआ की गृह मन्त्रालय, भारत सरकार ने “भारत के वीर” इस वेबसाइट का निर्माण किया | यह बात भी सच है की भारत सरकार ने सिंडिकेट बैंक में सेना के कल्याण क लिए खाता खोला है जिसमे हर नागरिक अपनी इच्छा अनुसार जवानो  को दान दे सकता है | परंतू ये तथ्य की अक्षय कुमार के सुझाव पर नरेंद्र मोदी जी के द्वारा ये काम किया गया है और ये धनराशी जो भी इस खाते में जमा की जाएगी, इसका उपयोग भारत सेना के लिए हथियार खरीदने के लिए होगा इनके प्रमाण नहीं मिले है इसीलिए हम इस निष्कर्ष पर पहुचे है की ये तथ्य सच नहीं है |


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