लड़की को बन्दूक से मारने वाला ये वीडियो क्या वास्तव में मणिपुर हिंसा का है ? 

False Social

म्यांमार का ये वीडियो मणिपुर में हाल में हुई हिंसा के नाम से फैलाया जा रहा है।

मणिपुर में सुलगी हिंसा की आंच अब तक ठंडी नहीं हो पा रही है। बीते दिनों पहले एक बार फिर से राज्य के अलग-अलग इलाकों से तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें आई हैं। जिसके बाद हालात को देखते हुए सेना, असम राइफल्स, रैपिड एक्शन फोर्स और राज्य पुलिस ने संयुक्त रूप से इंफाल ईस्ट जिले में फ्लैग मार्च निकाला। 

इसी को जोड़ते हुए एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जो काफी हैरान करने वाला वीडियो है। जिसमें सड़क के बीचों बीच एक लड़की को पहले कुछ लोगों द्वारा बुरी तरह पीटा जाता है प्रताड़ित किया जाता है और बाद में बन्दूक से उसकी हत्या को दिखाया जाता है। यूज़र ने वीडियो को साझा करते हुए दावा किया है कि वीडियो मणिपुर हिंसा का है और देश में चल रहा अमृत काल सीरिया तथा नाइजीरिया से भी बदतर है।

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट

अनुसंधान से पता चलता है की…

सबसे पहले हमने वायरल वीडियो की तस्वीर का रिवर्स इमेज सर्च किया जिसके परिणाम में हमें म्यांमार की मीडिया के कुछ रिपोर्ट्स मिले। यह घटना म्यांमार की है जो साल 2022 में दिसंबर के महीने में घटी थी। हमने एलेवेन म्यांमार डॉट.कॉम की एक रिपोर्ट को देखा जो वहां की स्थानीय मीडिया वेबसाइट है में घटना के बारे में लिखा था। जिसके मुताबिक लड़की पर वहां की सैन्य मुखबिरी का आरोप लगाते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई कर गोली मर दी गयी।  घटना म्यांमार के तमू में हुई थी और तमू पीडीएफ (पीपल डिफेंस फोर्सेज) नंबर 4 बटालियन द्वारा की गई थी।  युवती एक गैर-सीडीएम (सविनय अवज्ञा आंदोलन) शिक्षिका थी। जिसे  पहले तो सैन्य मुखबिरी के आरोप को स्वीकार करने के मजबूर किया गया व उसकी हत्या कर दी गयी। रिपोर्ट  3 दिसंबर 2022 को प्रकाशित है।

एलेवेन म्यांमार रपोर्ट

यहीं जानकारी हमें rfa.org की न्यूज़ वेबसाइट पर मिली जिसमें मारी गयी युवती को तमू महिला बताते हुए उसकी हत्या के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किये जाने का जिक्र है। जिसके लिए एनयूजी सरकार की तरफ से जांच कराने की बात लिखी है। रिपोर्ट में राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता तथा NUG मानव अधिकार मंत्रालय की तरफ से घटना की परस्पर निंदा की गयी है।

rfa बर्मीज़ न्यूज़ वेबसाइट ने वीडियो को अपने फेसबुक वॉल पर भी साझा किया है। जिसे 4 दिसंबर 2022 की तारीख में देख सकते हैं।

पड़ताल के दौरान यहीं ख़बर हमें म्यांमार की एक और मीडिया संगठन the irrawaddy द्वारा रिपोर्ट की हुई मिली। इससे हम स्पष्ट हुए की ये वीडियो मणिपुर की हिंसा से नहीं जुड़ा है बल्कि म्यांमार की एक घटना है।

निष्कर्ष-

तथ्यों की जाँच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो गलत सन्दर्भ के साथ फैलाया जा रहा है। सड़क पर लड़की को गोली मारने की घटना का वीडियो म्यांमार का है मणिपुर का नहीं।

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Title:लड़की को बन्दूक से मारने वाला ये वीडियो क्या वास्तव में मणिपुर हिंसा का है ?

Written By: Priyanka Sinha 

Result: False