प्रदर्शन की यह घटना नेपाल की नहीं बल्कि इंडोनेशिया की है, दावा फर्जी है।

नेपाल में सरकार के खिलाफ हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन से जोड़ कर इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दिखाई दे रहा है कि एक उग्र भीड़ है जो किसी सरकारी भवन के मुख्य द्वार को तोड़ने की कोशिश करती है। तभी वहां पर मौजूद पुलिस पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल करते हुए भीड़ को काबू करने की कोशिश करती है। यह वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह नेपाल में अभी चल रहे प्रदर्शन का वीडियो है। यूज़र ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है…
नेपाल में उमड़ती भीड़ हुई बेकाबू
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल लेंस से ढूंढा। परिणाम में हमें एक इंडोनेशियाई फेसबुक यूजर Ningsih Partamy द्वारा 13 अगस्त 2025 को एक पोस्ट शेयर किया हुआ मिला। इसमें हमें वायरल वीडियो के दृश्य दिखाई दिए। इसके साथ पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, ‘मध्य जावा के पाटी रीजेंसी में रीजेंट द्वारा करों में 300 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने के बाद प्रदर्शन शुरू हो गया। रीजेंट ने कर वृद्धि को रद्द कर दिया है, लेकिन लोग पहले से ही नाराज़ हैं और अभी भी रीजेंट के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसमें लिखे कैप्शन के अनुसार, कहीं भी नेपाल या वहां के प्रदर्शन का कोई जिक्र नहीं है। बल्कि यह जानकारी सामने आती है कि यह जावा में हुए एक प्रोटेस्ट का वीडियो है।
इसी तरह से हमें अन्य फेसबुक यूजर द्वारा 13, 14 अगस्त को शेयर किया गया यहीं वीडियो मिला, जिसके साथ लिखे कैप्शन से पता चलता है कि वायरल वीडियो इंडोनेशिया में हुए विरोध प्रदर्शन का है, ‘जब मध्य जावा के पाटी इलाके में सुबह 11 बजे प्रदर्शनकारी भीड़ ने रिजेंट कार्यालय के गेट को तोड़ने की कोशिश की। तभी वहां मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पानी की बौछारें की और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के ऊपर मिनिरल वाटर और टूटे हुए टाइल्स से हमला किया।‘
मिली जानकारी की मदद लेने के बाद और खोजने पर हमें इस घटना के विषय में मीडिया रिपोर्ट्स प्राकशित मिलीं। इनमें इंडोनेशियाई भाषा में छपी Zonasatu.net की वेबसाइट पर रिपोर्ट के अनुसार, जिसे 13 अगस्त को छापा गया है में वायरल वीडियो के दृश्य से मिलते हुए एक स्क्रीनशॉट को देख सकते हैं। पता चलता है कि 13 अगस्त को पाटी के बुपति (जिला प्रमुख) सुदेवो के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों ने जमकर बवाल काटा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में भिड़ंत हो गई थी।

फिर हमें ट्रिब्यूनमुरिया.कॉम की वेबसाइट पर इंडोनेशिया भाषा में छपी एक और रिपोर्ट मिली। इसमें बताया गया है कि ‘हज़ारों पाटी निवासियों का यह प्रदर्शन रिजेंट सुदेवो की भूमि एवं भवन कर में 250 प्रतिशत की वृद्धि की नीति के विरोध में हुआ था। लेकिन प्रदर्शन हिंसक हो गया और भीड़ ने कार्यालय में पानी की बोतलें और टूटे टाइल्स भी फेंके। साथ ही एक पुलिस वाहन में आग भी लगा दी। तभी भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले दागे। हालांकि, प्रदर्शन के बाद रिजेंट सुदेवो ने कर वृद्धि को रद्द कर दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे।‘ इस रिपोर्ट में हम वायरल वीडियो के एक स्क्रीनशॉट को साझा किया हुआ देख सकते हैं।
एक बात यह भी ध्यान देने वाली है कि हमें जो साक्ष्य मिले उसके अनुसार, नेपाल में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन 8 सितंबर को शुरू हुआ था, जबकि यह वीडियो अगस्त का है। इसलिए स्पष्ट होता है कि यह नेपाल का नहीं बल्कि इंडोनेशिया में हुए एक विरोध प्रदर्शन का वीडियो है।
नेपाल में Gen-Z प्रदर्शन:
नेपाल इस वक्त अपने सबसे बड़े राजनीतिक और सामाजिक संकट से जूझ रहा है। काठमांडू की सड़कों पर बगावत की आग धधक रही है। बीते 4 सितंबर को नेपाल सरकार ने कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाए। जिसके बाद 8 सितंबर को इसके विरोध में शुरू हुआ आंदोलन हिंसक हो गया। आंदोलन के दौरान करीब 20 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है। भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर कर सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाते दिखाई दिए। हालांकि इस प्रदर्शन के बाद सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से बैन हटा लिया। लेकिन बावजूद इसके सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी लगातार भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर पीएम केपी शर्मा ओली के इस्तीफे की मांग करते रहे। राजधानी काठमांडू में आगजनी और हिंसा के बीच पीएम केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दिया। इस हिंसक प्रदर्शनों के बाद मंत्रियों के इस्तीफे का दौर जारी है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से पता चलता है कि विरोध-प्रदर्शन को दिखाता वायरल यह वीडियो नेपाल में अभी चल रहे प्रोटेस्ट से सम्बंधित नहीं है। यह वीडियो असल में इंडोनेशिया में हुए एक प्रदर्शन का है जिसे नेपाल के हालिया संदर्भ से जोड़ कर भ्रामक दावा किया गया है।
Title: इंडोनेशिया में हुए एक प्रदर्शन का वीडियो नेपाल में सरकार के खिलाफ हो रहे हालिया प्रदर्शन के दावे से वायरल…
Fact Check By: Priyanka SinhaResult: False


