
अरावली को लेकर जारी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पोस्टर और झंडे लिए ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे लगाते हुए लोगों की एक भीड़ मार्च करती दिखाई दे रही है। इस वीडियो को अरावली बचाओ प्रदर्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- कम से कम जनता ने असली मुद्दों को पहचानना शुरू किया है। अरावली का सरंक्षण बड़ा मुद्दा है। इसकी माँग होनी ही चाहिए।

अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो की खबर हमें ‘Arpa Sandesh’ के यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 7 दिसंबर 2025 को अपलोड किया गया था।
वीडियो के साथ मौजूद जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान ज़िले में श्री सीमेंट के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन का है। खैरागढ़-छुईखदान छत्तीसगढ़ का एक ज़िला है।
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें यही वीडियो न्यूज़18 छत्तीसगढ़ के 6 दिसंबर 2025 के एक एक्स पोस्ट में भी मिला। पोस्ट में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में प्रस्तावित श्री सीमेंट प्लांट के ख़िलाफ़ किसानों ने आंदोलन किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, छुईखदान में करीब 300 ट्रैक्टरों के साथ किसान प्रदर्शन के लिए पहुंचे, जबकि 40 गांवों के हजारों ग्रामीण इस आंदोलन में शामिल थे।
सोशल मीडिया पर हमें वायरल वीडियो से मिलते-जुलते कई अलग-अलग एंगलों से लिए गए एक और वीडियो मिला। ऐसे ही एक क्लोज-अप वीडियो में हाथों में झंडे लिए हुई वैसी ही भीड़ नजर आ रही है। भीड़ में सबसे आगे बैनर लिए लोग नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में भी ऐसा देखा जा सकता है।
अरावली की परिभाषा को लेकर हरियाणा और राजस्थान राज्यों में प्रदर्शन-
गौरतलब है कि अरावली की परिभाषा को लेकर हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। पर्यावरण कार्यकर्ता और वकील अरावली के पूर्ण संरक्षण की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुरक्षा मानकों में ढील दिए जाने से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ सकता है, प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल पुनर्भरण और मरुस्थलीकरण रोकने की क्षमता प्रभावित होगी, जिसका असर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात तक पड़ सकता है।

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, वायरल वीडियो अरावली प्रदर्शन का नहीं है। असल में यह वीडियो छत्तीसगढ़ का है, जहां लोग एक सीमेंट फैक्ट्री के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
Title:अरावली विवाद को लेकर नहीं, ये लोग छत्तीसगढ़ में सीमेंट फैक्ट्री लगाने का विरोध कर रहे थे….
Fact Check By: Sarita SamalResult: Misleading


