SIR अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल से अवैध रूप से भागते बांग्लादेशियों का नहीं है यह वायरल वीडियो, काली प्रतिमा विसर्जन का है।

बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानी एसआईआर की शुरुआत हो गई है। जिससे जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें दिखाई दे रहा है कि एक बड़ी सी भीड़ एक कंटीले तार वाले बेड़े को पार कर रही है,जिसमें औरतें और बच्चें भी हैं। वीडियो साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर अभियान के चलते बिना दस्तावेज़ वाले बांग्लादेशी प्रवासी भारत से भाग रहे हैं। वहीं वीडियो शेयर हुए कैप्शन लिखा गया है…
ये तस्वीर बांग्लादेश भारत बॉर्डर की है…**पश्चिम बंगाल से लगी सीमा की…**जहाँ से झुण्ड के झुण्ड बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिये SIR की घोषणा के बाद वापस भाग रहे हैं
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च किया। परिणाम में हमें पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा 25 नवंबर 2025 को शेयर किया गया एक्स पोस्ट मिला। इसमें हमें इस वीडियो के स्क्रीनग्रैब दिखाई दिए। पोस्ट में लिखा गया है, “गांव-फुनकोटाला (बांग्लादेश बॉर्डर के पास), PS- मुरुतिया, जिला-नादिया, पश्चिम बंगाल में देवी श्यामा/काली की मूर्ति/तस्वीर के माथाभांगा नदी में विसर्जन का एक वीडियो/तस्वीर इस तरह फैलाया जा रहा है जैसे SIR की वजह से गैर-कानूनी लोग बड़ी संख्या में राज्य छोड़ रहे हैं। यह FAKE और झूठ है। कृपया ऐसे नकली वीडियो/तस्वीर और भड़काने वाले मैसेज शेयर न करें।”
यहीं पोस्ट पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा उनके आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी साझा किया हुआ देखा जा सकता है। वायरल दावे का खंडन करते हुए यह बताया गया है कि,बांग्लादेश सीमा के पास पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के मुरुतिया थाने के अंतर्गत आने वाले गांव फुनकोटाला में काली विसर्जन के वीडियो को इस दावे से शेयर किया जा रहा है कि, SIR के कारण अवैध प्रवासी बड़े पैमाने पर राज्य छोड़ रहे हैं। यह दावा पूरी तरह से भ्रामक है।

हमारी खोज में यह भी पता चला कि शिकारपुर, पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के करीमपुर, सीडी ब्लॉक के मुरुटिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत एक गाँव है। यह गाँव फुनकोटाला में आयोजित होने वाली काली पूजा के लिए जाना जाता है। यह एक ऐसा इलाका है जहाँ हर साल हज़ारों लोग आते हैं। स्थानीय लोगों के साथ ही दूर-दराज के इलाकों से भी लोग आते हैं।
फिर हमने वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए,मुरुटिया पुलिस स्टेशन के प्रभारी, एसआई निर्मल्य दत्ता से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि की कि यह वीडियो फुनकोटाला का है और लोग काली प्रतिमा विसर्जन के लिए माथाभांगा नदी के निमतला घाट जा रहे थे। 13 अक्टूबर को पूजा की शुरुआत हुई थी और मेला भी लगा था। यहाँ पर हर साल विसर्जन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। उन्होंने आगे बताया कि वीडियो में दिख रही सीमा पर बाड़ और गेट इसी साल की शुरुआत में बनाए गए थे। उन्होंने बताया कि गेट बन जाने के कारण ही वीडियो को SIR से जोड़ कर ऐसा दावा कर दिया गया कि बॉर्डर से अवैध प्रवासी लोग बांग्लादेश की ओर भाग रहे हैं।
इसके बाद हमें दत्ता ने काली विसर्जन के कुछ वीडियो भी साझा किए।
साथ ही उस जगह की एक गेट की तस्वीर भी भेजी, जो वायरल वीडियो में है।

Figure 1

Figure 2
निष्कर्ष
इस प्रकार से हमें मिले साक्ष्यों द्वारा यह स्पष्ट हुआ कि, वायरल वीडियो का SIR से कोई संबंध नहीं है और न ही इसमें पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासियों के पलायन को दिखाया गया है। वास्तव में यह वीडियो काली प्रतिमा विसर्जन का है जिसे एसआईआर की घोषणा के बाद अवैध बांग्लादेशी के भागने के फर्जी भ्रामक दावे से साझा किया गया है।
Title:पश्चिम बंगाल में काली प्रतिमा विसर्जन के दौरान का वीडियो SIR की घोषणा के बाद अवैध बांग्लादेशियों के जाने के भ्रामक दावे से वायरल…
Fact Check By: Priyanka SinhaResult: False


