वायरल वीडियो का कर्नाटक चुनाव प्रचार से कोई संबंध नहीं, वीडियो वायनाड दौरे का है। 

False Politics

यह वीडियो मार्च में केरल के वायनाड में राहुल गांधी द्वारा किए गए एक दौरे का है। राहुल गांधी के पीए  ने स्पष्ट किया कि वीडियो का कर्नाटक चुनाव के प्रचार से कोई संबंध नहीं है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के लिए अब कुछ ही दिन का समय रह गया है। राज्य में इस समय चुनाव लड़ने के लिए पर्चे दाखिल करने का दौर खत्म हो चुका है। ऐसे में अब हर कोई नेता और पार्टी के कार्यकर्ता चुनाव को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत उसमें झोंकते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ जनसभा कर रहे हैं, तो कुछ घर-घर जा कर लोगों को वोट के लिए कह रहे हैं। 

इसी बीच सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक चुनाव में वो डोर टू डोर कैंपेनिंग कर रहे हैं। वो लोगों से घर-घर जाकर मिल रहे हैं और वोट मांग रहे हैं।

वायरल वीडियो के साथ यूजर्स ने लिखा है- कर्नाटक चुनाव के प्रचार के लिए राहुल गांधी घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं।

ट्विटर  । आर्काइव 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया , जिसके बाद  वीडियो हमें इंडियन यूथ कांग्रेस की यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 6 अप्रैल 2023 में अपलोड किया गया है। 

इसके अलावा यह वीडियो राहुल गांधी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया गया  है, जिसे 25 मार्च 2023 की तारीख में देखा जा सकता है। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है – यह रही आपकी तस्वीर, मैडम,  राहुल गांधी, वायनाड। 

जानकारी के मुताबिक वीडियो केरल के वायनाड दौरे का है। निम्न में वीडियो देखें। 

पड़ताल में आगे हमें कांग्रेस नेता नगमा की एक फेसबुक पोस्ट मिली । जिसमें वायरल वीडियो में राहुल गांधी ने जिन महिलाओं के साथ तस्वीर खींची थी वो तस्वीर इस पोस्ट में मौजूद है। 21 मार्च को तस्वीर अपलोड किया गया है।  

पोस्ट में बेंगलुरु केरल समाज द्वारा लाभार्थियों को घरों की चाबियां सौंपते हुए गांधी की तस्वीरें भी थीं। पोस्ट के मुताबिक, फोटो केरल के वायनाड के मुत्तिल गांव में ली गई है। 

महिलाओं के साथ की तस्वीर में राहुल गांधी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर शेयर की गई थी। 21 मार्च को वायनाड के कई कार्यक्रमों का उल्लेख कर उन्होंने इस तस्वीर को पोस्ट किया है।

राहुल गांधी ने पोस्ट के अंत में लिखा है मैंने हमेशा कहा है, वायनाड आना घर आने जैसा है। यहां अपने लोगों की बेहतरी के लिए काम करना हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। मैं बहुत जल्द वापस आऊंगा!

इसके साथ ही हमें कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी मिले, जिसके मुताबिक राहुल गांधी वायनाड में दौरा करने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने स्थानीय प्रशासनिक निकायों के लगभग 300 निर्वाचित सदस्यों के साथ मुलाकात की। राहुल गांधी ने वहां पर फातिमा माता मिशन अस्पताल के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन भी किया था। 

पड़ताल में आगे हमने राहुल गांधी के  पीए  अगस्टीन से संपर्क करने पर उन्होंने हमें स्पष्ट किया कि कुछ दिन पहले राहुल गांधी को एमपी के रूप में अयोग्य घोषित किए जाने से पहले, यानी 21 मार्च को वे एक उद्घाटन कार्यक्रम के लिए केरल के वायनाड आए थे। वहां उन्होंने सांसद फंड से आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए आवास एवं घरेलू अधोसंरचना निर्माण की योजना का उद्घाटन किया था। 

समारोह वायनाड के मुत्तिल पंचायत कम्युनिटी हॉलमें आयोजित किया गया था। उद्घाटन के बाद वह पंचायत ऑफिस लौटते समये उन्होंने देखा कि कार्यालय में रास्ता बंद था। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से पूछा पंचायत कार्यालय से रास्ता क्यों बंद है। इस दौरान राहुल गांधी की महिलाओं से बात हुई और सेल्फी ली।

वीडियो का कर्नाटक चुनाव के प्रचार से कोई संबंध नहीं है। वीडियो राहुल गांधी के 21 मार्च के वायनाड दौरे का है।“

निष्कर्ष-

तथ्य-जांच के बाद, हमने पाया कि वायरल वीडियो का कर्नाटक चुनाव के प्रचार से कोई संबंध नहीं है। वीडियो वायनाड दौरे का है।

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Title:वायरल वीडियो का कर्नाटक चुनाव प्रचार से कोई संबंध नहीं, वीडियो वायनाड दौरे का है। 

Fact Check By: Saritadevi Samal 

Result: False