मेट्रो ट्रेन के सामने पूजा करते लोगों का वीडियो जापान का नहीं, भारत का है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा है , जिसमें कुछ लोगों को ट्रेन के सामने आरती करते और नारियल फोड़ते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह जापान का दृश्य है, जहां पर लोगों ने सनातन धर्म में विश्वास दिखाते हुए नई ट्रेन की आरती उतारी और उसकी पूजा की। पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा गया है…
जापान टेक्नोलॉजी और विज्ञान में…भारत से बहुत आगे है…लेकिन इसकी असली वजह ये है, कि जापान आज भी #सनातन_धर्म के आगे नतमस्तक है, और हर कार्य #वैदिक_सनातन हिंदू धर्म के अनुसार ही करता है…कुछ विधर्मी वीडियो देखकर विचलित हो सकते हैं…उनको हार्ट अटैक आ सकता है, लेकिन उनकी मृत्यु के लिए हम सब जिम्मेदार नहीं हैं, हमारा काम है, केवल सच को दिखाना.
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में सबसे पहले वायरल वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। परिणाम में हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन rakshabelli11 नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 मार्च 2024 को अपलोड किया हुआ मिला। इसमें बताया गया कि वीडियो बेंगलुरु की येलो लाइन मेट्रो रूट का है।
इसके बाद आगे बढ़ते हुए हमने वीडियो को और सर्च किया। जिसके बाद हमें यह वीडियो एचके फुटेज प्रो नाम के यूट्यूब चैनल पर 9 मार्च 2024 को अपलोड किया हुआ मिला।
इसमें मेट्रो के स्क्रीन पर बेंगलुरु लिखा हुआ देख सकते हैं।

पड़ताल में हमें बेंगलुरु एक्सप्रेस डॉट कॉम की वेबसाइट 8 मार्च 2024 को छपी एक रिपोर्ट मिली। इसमें बताया गया था कि 7 मार्च को बीएमआरसीएल ने 19 किमी लंबी येलो लाइन के 12.3 किमी हिस्से पर ट्रायल रन शुरू किया था। यह लाइन बोम्मसंद्रा से आरवी रोड को 16 एलिवेटेड स्टेशनों के जरिए जोड़ती है, जिसके लिए छह कोच वाली मेट्रो ट्रेन चलाई गई। इस मौके पर दक्षिण बेंगलुरु से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या भी मौजूद थें।
द हिंदू और डेक्कन हेराल्ड की 14 फरवरी 2024 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन के लिए आने वाली ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन चीन की सरकारी कंपनी CRRC नानजिंग पुजेन ने बनाई है।
CRRC कंपनी दुनिया भर में ट्रेन और मेट्रो कोच निर्माण के लिए जानी जाती है। जिसके तहत ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन फरवरी 2024 में बेंगलुरु के हेब्बागोडी डिपो पहुंची थी, जहां चीनी इंजीनियरों की निगरानी में इसका ट्रायल रन किया गया था।
‘मेट्रो रेल न्यूज’ की 9 मार्च, 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन पर 7 मार्च को ट्रायल रन किया गया था।
आगे हमें इससे जुड़ी पोस्ट सांसद तेजस्वी सूर्या के एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा की हुई मिली है। जिनसे स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो का संबंध जापान से नहीं है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि ट्रेन के सामने पूजा करते लोगों का वीडियो भारत का है, जापान का नहीं है। यह वीडियो 2024 का है जब बेंगलुरु में येलो लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन हुआ था। इसलिए वायरल दावा फर्जी है।
Title:बेंगलुरु की ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन का पुराना वीडियो जापान का हालिया वीडियो बताकर फर्जी दावे से वायरल…
Fact Check By: Priyanka SinhaResult: False


