
महा मेले में संगम स्नान को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद चल रहा है। इसी बीच उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्हें कलमा पढ़ने के बारे में बोलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने लोगों से कलमा पढ़ने की अपील की है।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- लीजिए सुनिए इस मुल्ला मौलाना शंकराचार्य को , अब फैसला करें इसके समर्थन में बोलने वाले और अगर इतना सुनकर भी अगर समर्थन देते है तो थू है ऐसे शंकराचार्य और उसके समर्थकों पर इन के जैसे धर्म के ठेकेदारों के कारण ही धर्म का इतना विनाश हुआ है।

अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों को लेकर रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो हमें श्री ज्योतिर्मठ के ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर अपलोड मिला। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह वीडियो 16 दिसंबर 2025 को वहाँ पोस्ट किया था। इससे ये साफ है कि वायरल वीडियो हाल ही का नहीं है।
पोस्ट के कैप्शन में लिखा है- “इस्लाम और सनातन धर्म में क्या अंतर है? सनातन धर्म के सभी अनुयायियों और मुसलमानों को इस पर विचार करना चाहिए।”
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर ‘Jyotirmath श्री-ज्योतिर्मठ’ नाम के फेसबुक पेज पर वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। कैप्शन के अनुसार, “इस्लाम और सनातन धर्म में क्या अंतर है? सभी सनातनी और मुसलमान इस पर विचार जरूर करें। जय बदरीविशाल जय ज्योतिर्मठ।”
हमें मिले वीडियो में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोलते हैं, “कोई भी मुसलमान हमारी बात को जो सुन रहा हो, वह नाराज न हो, क्योंकि जो सच्चाई है, वह यह बोल रहे हैं आपका जो धर्म है, वह गोल बंदी है कि हमारी गोल में आ जाओ, सब ठीक है।
हमारी गोल से बाहर हो, तो तुम गलत हो। उनकी परिभाषा के अनुसार, जो इस्लाम को अंगीकार करेगा कलमा पढ़ेगा, जब उसका निधन होगा कयामत का दिन आएगा, तो मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश करके उसको बहिश्त पर भिजवा देंगे महा सुखों पर भोग करेगा। जो कलमा नहीं पढ़ा है, चाहे वो कितना ही सत्यवादी हो चाहे वो कितना ही सच्चरित्र हो चाहे कितना ही बड़ा सन्यासी हो शंकराचार्य हो मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश नहीं करेंगे और उसको सदा-सदा के लिए दोजख की नजम में झोंक दिया जाएगा, ये गोलबंदी नहीं तो क्या है और हमारे यहां यमराज हमारे धर्म में यमराज ये नहीं देखेंगे कि ये कौन आया, ये हमारा आया की पराया आया, वो देखेंगे कि ये जो आया है।
उसके आचरण कैसे रहे हैं अगर अच्छे आचरण है, तो अच्छा फल दो अगर बुरे आचरण है, तो बुरा फल दो मुसलमान भी आएगा कलमा पढ़ा, तो वहां हमारे यमराज के सामने जब खड़ा होगा, वो ये नहीं देखेंगे कि ये तो कलमा पढ़ा हुआ है, वो ये देखेंगे कि इसका आचरण कैसा है। अगर अच्छा आचरण होगा, तो उसको भी स्वर्ग भेजा जाएगा। सुखों को भोग दिया जाएगा।
आदर सम्मान किया जाएगा और अगर उसके आचरण खराब है, तो कितना ही कलमा पढ़ा हो, नरक में ले जाकर रगड़ दिया जाए। इसलिए कलमा पढ़ लेना एक मोहम्मद पर और एक खुदा पर विश्वास कर लेना, ये उनके यहां नीति है कि हमारे ये पढ़ लो, बाकी सब ठीक है। हमारे यहां नहीं हमारा न्याय का धर्म है।”
हमने वायरल वीडियो और हमें मिले वीडियो का विश्लेषण किया। जिससे ये साफ है कि वीडियो एडिटेड है।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान-
माघ मेला में मौनी अमावस्या के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद स्नान करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस ने उनके काफिले को रोका। इसके बाद उन्होंने और उनके समर्थकों ने प्रशासन पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान करने और शिष्यों के साथ मारपीट के आरोप लगाए।
निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कलमा पढ़ने का वायरल हो रहा वीडियो प्रयागराज विवाद से पहले का है जिसे एडिट कर हालिया प्रकरण से जोड़ा जा रहा है।
Title:शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा लोगों से कलमा पढ़ने की अपील करने का एडिटेड वीडियो वायरल…
Fact Check By: Sarita SamalResult: Misleading


