पीएम मोदी के सामने शाहरुख खान ने जिहाद का मतलब नहीं समझाया, एडिटेड है वायरल वीडियो।

फिल्म अभिनेता शाहरुख खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें पीएम मोदी भी नज़र आ रहे हैं। वीडियो में खान कहते हैं कि, ‘मैं इस्लामिक रिलीजन का हूं, मैं मुस्लिम हूं। हमारे में एक वर्ड है, जो बहुत मिसयूज होता है जिहाद। जिहाद का भी थॉट प्रोसेस बिल्कुल यही है कि हमारे अंदर जो बुरी सोच है उसको काउंटर करना, उसके लिए लड़ना, उसे जिहाद कहते हैं। बाहर सड़कों पर लोगों को मारने को जिहाद नहीं कहते।’ यानी वीडियो को हाल का समझा जा रहा है और इसे शेयर करने वाले यूज़र्स द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि, शाहरुख ने पीएम मोदी के सामने जिहाद का ‘असली मलतब’ समझाया, जिसे पीएम मोदी सिर ने हिलाते हुए सुना और उस पर अपनी सहमति भी जताई। वहीं वीडियो शेयर करते हुए यूजर ने यह कैप्शन लिखा है…
दुनियाँ का सबसे अमीर और बॉलीवुड का सबसे बड़ा सुपरस्टार शाहरुख खान। प्रधानमंत्री मोदी जी के सामने जिहाद का असली मतलब समझा रहे हैं और प्रधानमंत्री जी सहमति जाहिर करते हुए सिर हिला रहे
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च किया। परिणाम में हमें शाहरुख खान का पूरा वीडियो हिंदुस्तान टाइम्स के यूट्यूब पर 20 अक्टूबर 2019 को पोस्ट किया हुआ मिला। इसमें कैप्शन में, “गांधी जी 2.0 वही है : पीएम मोदी के इवेंट में शाहरुख खान” लिखा है। जबकि डिस्क्रिप्शन के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों से मुलाकात की। यह इवेंट बॉलीवुड को महात्मा गांधी का संदेश फैलाने के लिए बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया था। शाहरुख खान, आमिर खान और सोनम कपूर समेत कई एक्टर मौजूद थे। शाहरुख खान ने भी वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया और कहा कि भारत को ‘गांधी जी 2.0’ की ज़रूरत है। यानी वीडियो में कहीं भी शाहरुख खान को जिहाद पर बात करते हुए नहीं दिखाया गया है। बल्कि उन्होंने महात्मा गांधी और स्वच्छ भारत के मुद्दे पर अपनी बात कही थी।
हमने इस वीडियो को देश गुजरात एचडी नाम के एक यूट्यूब चैनल पर भी शेयर किया हुआ देखा जिसे 20 अक्टूबर 2019 को अपलोड किया गया था। इसमें शाहरुख जिहाद को लेकर कोई बात नहीं कर रहे थें, बल्कि महात्मा गांधी को लेकर अपनी बात कह रहे थे। साथ ही शाहरुख पीएम मोदी के अभियानों की तारीफ भी कर रहे थें।
अपनी पड़ताल के दौरान हमने पाया कि पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल से भी इस प्रोग्राम का वीडियो शेयर किया गया था।
तो वहीं शाहरुख खान ने इस मुलाकात की एक तस्वीर अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट की थी।
फिर अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने शाहरुख खान की जिहाद पर की गई टिप्पणी के बारे में खोजना शुरू किया। हमें tejgyan नाम के यूट्यूब चैनल पर 17 नवंबर 2011 को अपलोड किया हुआ वीडियो मिला। यहां पर मौजूद जानकारी के मुताबिक शाहरुख पुणे में आयोजित ‘द सोर्स: पावर ऑफ हैप्पी थॉट्स’ किताब के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह इवेंट तेज ज्ञान नाम के फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था। किताब पर बात करते हुए शाहरुख कहते हैं कि यह किताब हमें बुरे विचारों से कैसे लड़ना है इसके बारे में बताती है। तभी 9 मिनट 30 सेकेंड से 9 मिनट 50 सेकेंड की टाइमलाइन के बीच शाहरुख खान का जिहाद पर वायरल हिस्से वाले वर्जन आता है।
इस प्रकार से स्पष्ट हुआ जा सकता है कि शाहरुख खान द्वारा पीएम मोदी के सामने जिहाद पर कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। बल्कि शाहरुख खान की यह टिप्पणी किसी और इवेंट की थी जिसे एक साथ मिला कर ऐसा तैयार किया गया था, जिससे यह प्रतीत हुआ कि उन्होंने पीएम मोदी के सामने जिहाद का मतलब समझाया हो।
निष्कर्ष
हमें मिले साक्ष्यों से यह पुष्टि होती है कि शाहरुख खान ने जिहाद को लेकर अपने विचार 2011 में एक कार्यक्रम के दौरान रखे थें , न कि पीएम मोदी के सामने रखे थें। जबकि उनका वायरल वीडियो 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान का है, जिसमें वे पीएम मोदी के सामने महात्मा गांधी पर अपनी बात कह रहे थें। इन्हीं दो अलग-अलग इवेंट के वीडियो और ऑडियो को एडिट कर के वायरल वीडियो तैयार किया गया है और उसे भ्रामक दावे से साझा किया गया है।
Title:शाहरुख खान ने पीएम मोदी के सामने ‘जिहाद’ का अर्थ नहीं बताया, एडिटेड वीडियो भ्रामक दावे से वायरल…
Fact Check By: Priyanka SinhaResult: False


